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Shabnam 🌿
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☕️ हर सुबह एक नया अवसर लेकर आती है।
""बीते कल की गलतियों को भूलकर, आज एक नई और मजबूत शुरुआत करें।
"आपकी मेहनत ही आपके सपनों को सच करेगी।सुप्रभातम!
आपका दिन मंगलमय हो। ✨
#GoodMorning

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रील बननी चाहिए 🙆♂️
इंसान का क्या ये तो आते जाते रहेंगे!😄🤣💃🏻
जब से रील को रोजगार से जोडा है साहब ने,
कंटेट क्रिएटर Digital Creater रीलबाज...
ना मोक्षधाम छोडते हैं ना अस्तपताल और तो
और अंतिम यात्रा को भी यादगार बना देते हैं...!!
हालांकि कुछ रील्स एडिटेड होती है यह भी उनमें से
एक लग रही है... डॉलर कमाने का मौका नहीं छूटना चाहिए.
Reels Edited Clips Dollar Baaz Memes Funny Shorts
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@ranvijaylive लोकतंत्र में सत्ता से सवाल करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है, लेकिन विपक्ष भी जनता के प्रति जवाबदेह रहता है।
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जब देखा कि राहुल गांधी के खिलाफ नैरेटिव चलाना ग़लत हो गया, लोग आलोचन ही कर रहे हैं.
तो अब मामले को बैलेंस किया जा रहा है.
सवाल मोदी से करो - विपक्ष के नेता से नहीं.
Abhijeet Dipke@abhijeet_dipke
Instead of asking why opposition leader hasn’t supported CJP, or why every CJP team member isn’t on a hunger strike alongside Sonam sir, ask the questions that actually matter. Why is the Prime Minister refusing to engage in a dialogue? Why is the Education Minister still not being held accountable? These are the questions that deserve answers, not distractions that only help shield those in power from accountability.
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@NewsSChaudhary राजनीति में मतभेद और समर्थन, दोनों समय के साथ बदल सकते हैं। मुद्दों पर चर्चा व्यक्ति से ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है।
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@Sadia_403 सच्ची अमीरी जेब से नहीं, दिल की इंसानियत और दूसरों के दर्द को समझने की क्षमता से होती है।
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@jeetusp ये मुंबई के नाज़िम शैख है , जिन्होंने गेटवे ऑफ़ इंडिया पर लगभग 150 से 200 जिंदगी बचाई है , इनकी duty यही है , जब भी कोई डूबता है वहा तो ये तुरंत उसे बचा लेते है , इतनी खतरनाक लेहरो में बाहर निकलना आसान नहीं है , ये इनके हुनर का प्रदर्शन है ,

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समंदर में स्टंट करना एक शख्स को भारी पड़ गया।
तेज लहरों के बीच स्टंट करते समय वह समुद्र की लहरों में बुरी तरह फंस गया और काफी मशक्कत के बाद अपनी जान बचा पाया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह हादसा इस बात की चेतावनी है कि रोमांच के लिए की गई लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
Hardoi, India 🇮🇳 हिन्दी

@Imdineshpurohit बहुत अच्छा फैसला। सार्वजनिक जगहों पर अपनी आज़ादी के साथ दूसरों की सुविधा और शांति का भी सम्मान होना चाहिए।
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अब चेन्नई मेट्रो में सफर के दौरान बिना ईयरफोन के तेज आवाज में गाने सुनना, वीडियो चलाना, स्पीकर पर बात करना या किसी भी तरह का शोर मचाना महंगा पड़ सकता है।
मेट्रो प्रशासन ने नया नियम लागू करते हुए ऐसे मामलों में 2,500 रुपये तक का जुर्माना तय किया है। इससे पहले यही जुर्माना 500 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर पांच गुना कर दिया गया है।
इस नियम का उद्देश्य यात्रियों को शांत, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव देना है। अब सार्वजनिक परिवहन में मोबाइल या स्पीकर का इस्तेमाल करते समय दूसरों की सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी होगा।

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@silent__kuddi @RamKumarRa41393 @Pramodkumar9719 @ZahangeerAnsari @HaiderPathann @Riyazshaikh91 Good morning
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आदाब- प्रणाम
Good Morning Friends
ِبِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ، عَدَدَ خَلْقِهِ، وَرِضَا نَفْسِهِ، وَزِنَةَ عَرْشِهِ، وَمِدَادَ كَلِمَاتِه۔
मैं अल्लाह की पाकीज़गी बयान करता हूँ, उसकी तआरिफ़ों के साथ, उसकी मख़लूक़ों की तादाद के बराबर, उसकी ज़ात की रज़ा के बराबर, उसके अर्श के वज़न और उसके
कलिमात की रोशनाई के बराबर।

@Imdineshpurohit लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत समान नियम हैं। अगर अनुमति और प्रतिबंध के पैमाने अलग-अलग दिखें, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
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लोकतंत्र में इजाजत भी अब चुनिंदा लोगों के लिए?
एक बात समझ से बाहर है...
देहरादून में राहुल गांधी के कार्यक्रम 'छात्रों की गुंज' को अनुमति नहीं मिलती, लेकिन दिल्ली में कुछ लोगों को प्रदर्शन करने की इजाजत आसानी से मिल जाती है।
आज की राजनीति में एक ऐसा विपक्ष खड़ा करने की कोशिश हो रही है जो सरकार के लिए असली चुनौती न बने। ऐसा विपक्ष, जो बड़े सवालों से ध्यान हटाकर बहस को दूसरी दिशा में ले जाए और असली मुद्दों की जगह केवल राजनीतिक शोर सुनाई दे।
अगर विपक्ष के कार्यक्रमों पर रोक लगे और सुविधाजनक विरोध को जगह मिले, तो लोकतंत्र में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यहीं से सवाल उठते हैं कि आखिर पैमाना क्या है? क्या नियम सभी के लिए एक जैसे हैं या फिर परिस्थितियों के हिसाब से बदल जाते हैं?

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