Shrishti@Shrishti191337
नज़रों ने जो देखा, वो पूरा सच नहीं होता,
हर चमकता चेहरा हमेशा सच नहीं होता।
किस्से बनते हैं, फिर बदल दिए जाते हैं,
सच के टुकड़े भी अक्सर छुपा दिए जाते हैं।
एक पल में इज़्ज़त, एक पल में इल्ज़ाम बनता है,
सोशल मीडिया पर हर रिश्ता आसान बनता है।
भीड़ की आवाज़ में सच्चाई खो जाती है,
और किसी की ज़िंदगी कहानी बन जाती है।
लोग बिना जाने ही फैसला सुना देते हैं,
दिल के दर्द को भी मज़ाक बना देते हैं।
हर वीडियो के पीछे एक दुनिया छुपी होती है,
हर मुस्कान के पीछे भी मजबूरी छुपी होती है।
सच वक्त के साथ धीरे-धीरे खुलता है,
झूठ का हर पर्दा एक दिन टूटता है।
इसलिए जल्दबाज़ी में मत यकीन करो,
हर वायरल बात पर सवाल ज़रूर करो।