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आगरा में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले 80 साल के संतोष गोयल का इलाज आर्मी कराएगी। मंगलवार को आर्मी के जवान उन्हें अपने साथ कमांड हॉस्पिटल ले गए। संतोष गोयल की दोनों आंखें खराब हैं। उन्हें दिखता नहीं है।
2 अप्रैल को संतोष गोयल का एक वीडियो सामने आया था। इसे जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर अजय मिश्रा ने शूट किया था। संतोष ने अपनी कहानी सुनाई थी। बताया कि उन्होंने 1971 में अंग्रेजी में पीएचडी की थी। नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) खड़कवासला, पुणे में पढ़ाते थे।
संतोष गोयल ने दावा किया था, मैं आर्मी एजुकेशन कोर में शिक्षक रहा था। मेरे पढ़ाए छात्र आज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, कैप्टन, मेजर से लेकर जनरल तक हैं और देश की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 3 साल तक NDA में सेवाएं देने के बाद आंखों की रोशनी चली गई थी। इस वजह से मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने ये भी कहा कि यदि उनकी सेवा 15 साल पूरी होती तो आज वे सम्माजनक पेंशन पा रहे होते। इस समय करीब 80 हजार रुपए महीने पेंशन मिल रही होती।
संतोष ने जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर अजय मिश्रा को बताया कि वे दांत नहीं होने के कारण रोटी नहीं खा पाते। इसलिए पास ही स्थित देवीराम मिष्ठान भंडार से मिलने वाले भोग (ढोकले और लड्डू) से अपना पेट भरते हैं।


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ग्रेटर नोएडा स्थित Bennett University में रैगिंग की वीडियो वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी ने सख्त एक्शन लिया है।
आरोपी छात्रा का निष्कासन कर दिया गया है पर बाकी छात्राओं पर जुर्माना लगाया है।
लेकिन निष्कासित होने के बाद भी आरोपी छात्रा का रवैया अभी भी सवालों के घेरे में है।
देखकर लगता है कि लड़की को अपने किए पर कोई पछतावा या ग्लानि नहीं है।
या ही लड़की ने माफी मांगी है।
बल्कि वो अपने निष्कासन को जैसे एंजॉय करती दिख रही है और बाकि छात्राओं के साथ खिलखिला कर हंस रही है।
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दिल्ली : फाइव स्टार होटल में ब्रांडेड के नाम पर चल रही नकली माल की सेल पर पुलिस का छापा !!
पीटर इंग्लैंड, एलन सॉली, मुफ़्ती, वैन ह्यूज़न, जैक एंड जोन्स, कैल्विन क्लाइन, ज़ारा, GANT, यूएस पोलो, औरेलिया जैसे ब्रांड्स नेम के नकली रेडीमेड कपड़े, एक्सेसरीज़, जूते और घड़ियां बरामद हुईं।
आरोपी इकबाल गिरफ्तार है।

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"बिटिया बोली, हेलो डीएम सर.. आप बहुत अच्छे हैं.. हमारी सड़क बनवा दीजिए.. डीएम बिटिया को ढूंढते हुए घर आ गए.. बोले जल्द बन जाएगी सड़क.."
ये मामला लखीमपुर का है.. कक्षा एक में पढ़ने वाली बिटिया मानवी सिंह सदर कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर कोन इलाके में रहती है.. राजकीय पॉलिटेक्निक के पास सड़क टूटी-फूटी है.. जलभराव रहता है.. बिटिया और अन्य बच्चे रोज इसी सड़क से स्कूल आते-जाते हैं..
बिटिया ने वीडियो बनाकर डीएम अंजनी सिंह से गुहार लगाई.. कुछ ही घंटों में डीएम साहब बिटिया को ढूंढते हुए उसके घर पहुंच गए.. जिले के तमाम अधिकारी भी उनके साथ थे.. बिटिया को साथ लेकर खस्ताहाल सड़क का मुआयना किया.. डीएम बोले, एक-दो दिन में सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी..
ऐसे अफसर हों तो जनता धन्य है..
#IAS #Administration #Lakhimpur #Road #Potholes #Bureaucracy #Bureaucrats
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लखीमपुर खीरी
➡कक्षा 1 की मासूम छात्रा की डीएम से अपील
➡हेलो DM अंकल, आप बहुत अच्छे हैं- छात्रा
➡हमारी भी सड़क बनवा दीजिए- मानवी सिंह
➡आने-जाने में दिक्कत होती है- मानवी सिंह
#Lakhimpur | @DMKheri
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बीजेपी चुनाव सिर्फ चुनाव के समय नहीं, पूरे साल लड़ती है।
कैंपेन , बूथ मैनेजमेंट , सोशल मीडिया, प्रवक्ता, डिबेट , जातीय समीकरण और ग्राउंड नेटवर्क सबकी पहले से तैयारी होती है।
दूसरी तरफ कांग्रेस और कई विपक्षी पार्टियां तैयारी से ज्यादा बहाने बनाती दिखती हैं ,
कभी वोट चोरी, कभी EVM हैक, कभी मीडिया पक्षपात।
सवाल साफ है कि
>अगर EVM मुद्दा है , तो बूथ कमजोर क्यों है?
अगर मीडिया biased है, तो अपना नैरेटिव सिस्टम क्यों नहीं है?
>अगर चुनाव चोरी हो रहा है, तो संगठन जमीन पर क्यों नहीं दिखता?
>बीजेपी नैरेटिव सेट करती है , विपक्ष सिर्फ प्रतिक्रिया देता है।
>चुनाव रोने से नहीं , संगठन और तैयारी से जीते जाते हैं।


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आपका नाम महुआ मोइत्रा और सयानी घोष है।
आप दोनों TMC की फायरब्रांड नेता हैं।
लेकिन इस चुनाव में फायरब्रांड राजनीति ने TMC को ताकत देने के बजाय नुकसान पहुंचाया।
बेवजह का aggression, तीखी भाषा, personal attacks और फालतू की टिप्पणी इन सबने मिलकर TMC की नैया डुबोने का काम किया।
योगी आदित्यनाथ जैसे नेता , जिनसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है , उन पर हल्की भाषा में टिप्पणी करना TMC के लिए उल्टा पड़ गया।
राजनीति में विरोध जरूरी है , लेकिन विरोध के नाम पर अपमान जनता हमेशा याद रखती है।
चुनाव सिर्फ भाषणों से नहीं जीते जाते।
चुनाव जनता की भावना , भाषा की मर्यादा, संगठन की ताकत और जमीन पर काम से जीते जाते हैं।
TMC के कई नेताओं ने इस चुनाव में मुद्दों से ज्यादा अहंकार दिखाया।
जनता से संवाद कम हुआ , विरोधियों पर व्यक्तिगत हमला ज्यादा हुआ।
और जब भाषा का संतुलन बिगड़ता है, तो जनता बैलेट से जवाब देती है।
नतीजा सामने है ....
TMC बुरी तरह चुनाव हार गई।
BJP प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में इतिहास रच गई।
और ममता बनर्जी अपनी खुद की सीट तक नहीं बचा पाईं।
इस चुनाव ने साफ संदेश दिया है:
राजनीति में आग उगलना आसान है ,
लेकिन जनता के गुस्से की आग में पूरी पार्टी जल सकती है।


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