Calm Soul (मुसाफ़िर)

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Calm Soul (मुसाफ़िर)

Calm Soul (मुसाफ़िर)

@SocialIt123

रौशनी भर गई निगाहों में हो गए ख़्वाब बे अमाँ जानां|| (जौन_एलिया) ए इश्क़ हमें ले चल कहीं, हम ज़माने में तेरी तस्वीर लिए फिरते हैं।

Katılım Ocak 2025
98 Takip Edilen8 Takipçiler
Dr.Sayajirao Gaikwad
Dr.Sayajirao Gaikwad@DietDrsayajirao·
Most people take vitamin B12 at night and ruin their sleep without realizing it. B12 can increase alertness & affect melatonin. Take it in the morning.
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@ProfNoorul इसमें इतना दिमाग़ लगाने वाला तो कुछ नहीं है भाई। सबको पता है राजनीतिक इंसान है और सोशल मीडिया पर कंटेंट दिखावा ही तो होता है।।
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Prof. इलाहाबादी ( نور )
आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू विजयवाड़ा में इफ़्तार कार्यक्रम में शामिल हुए, नमाज़ अदा की। सवाल ये उठता है कि क्या ये पाक साफ़ थे, पहली सफ में इनको जगह किसने दी वो इमाम के डायरेक्ट पीछे। क्या सब केवल रीलबाजी के लिए किया जा रहा है?
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@VakilAh60249105 मुद्दा तो सही उठाया है भाऊ । अक्सर देखा है लोगों को ग़मग़ीन इस मामले में। अफसोस यह है कि कुरैशी लोग जो दुकान चलाते हैं वो यहां ट्विटर पर नहीं है।।😅
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Vakil Ahmed
Vakil Ahmed@VakilAh60249105·
गोश्त का कारोबार (व्यापार) करने वाले सभी लोगों के नाम पैग़ाम आप की शॉप पर सारा दिन रश (भीड़) लगी होती है, कोई हड्डी वाला तो कोई बिना हड्डी वाला, कोई 2 किलो, कोई अमीर आदमी साफ़-साफ़ 5 किलो और कोई किसी साहब का नौकर अपने मालिक के लिए 3 किलो गोश्त ले जाता होगा, इन लोगों को जैसा चाहे गोश्त दिया करें। आप की मर्ज़ी लेकिन एक गुज़ारिश है। अगर आप के पास कोई एक पाऊ, आधा किलो तीन पाऊ या एक किलो गोश्त लेने आता है उसे भी इज़्ज़त दें, उस आधा किलो वाले को, कम हड्डी, कम चर्बी वाला अच्छा गोश्त दें, हो सकता है वह ग़रीब हो और महीने में सिर्फ़ एक बार ही गोश्त खाने की ताक़त रखता हो, ऐसे में उसे आप वह गोश्त दे दें जिस में गोश्त कम और हड्डी चर्बी ज़्यादा हो तब उस के दिल पर क्या गुज़रे गी? तो प्लीज़ जो लोग महीने में एक मर्तबा वह भी पूरी फ़ैमिली आधा किलो गोश्त खाती हो उन्हें इन्सानियत के नाते, सवाब की निय्यत से ही अच्छा गोश्त दें, जो जितना कम गोश्त मांगे उसे उतना ही अच्छा गोश्त दो ताकि उन के दिल से आप के लिए दुआ निकले। नेकी भी कमाएं और पैसे भी...
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Z.
Z.@NuunChae·
Mufti Menk bhee wrong number he nikla :/
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Aakashi
Aakashi@Aakashi_123·
Which breakfast will you pick?
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𝘛𝘳𝘪𝘴𝘩𝘢 ♡
𝘛𝘳𝘪𝘴𝘩𝘢 ♡@preety_illusion·
I met a boy on insta three days ago. We talked deeply about life and even marriage, and for the first time I believed not all boys are the same. I felt genuinely happy. Today I saw he blocked me without any reason. It made me realize how hard trust is. The ones who want something real are often pushed away, while those who only use people are accepted. 💔🙂 I’m out of words. I don’t think I can trust again.
𝘛𝘳𝘪𝘴𝘩𝘢 ♡ tweet media
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@GlitterInVeins_ हर अजीब चीज नॉर्मलाइज होती जा रही है। इंसानियत और लोगों की सूझ बूझ खत्म होती जा रही है। 🥱
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Prof. इलाहाबादी ( نور )
जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी साहब की 2 घंटे तक हेल्थी डेबिट कंप्लीट हुई थी। क्या कभी किसी को लगा था कि दोनों में से कोई उत्तेजित है? लेकिन इधर 3 मिनट की वीडियो में एक बहुसंख्यक किसी क्रिश्चियन को इस तरह ज्ञान दे रहा है। मामदानी को उल्टा सीधा बोल रहा है। ऐसे लोग समाज और देश के लिए हानिकारक हैं।
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mohd. pervez
mohd. pervez@PervezMohd·
@SocialIt123 @AnkitaGiggles Free will hi agr sab kchh h aur Allah kchh interfere nhi krta is duniya me, to bnd kro ye masjid saari. Kyun 5 5 bar log namaz pdh rhe hain, kyun Allah ki ibadat kr rhe hain jb sab kchh insano ki marzi se hi hona h to.
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Dr Ankita
Dr Ankita@AnkitaGiggles·
"Kids dying in Gaza is God's plan." -Mufti Shamail Nadwi
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@Svayambodha @shoaibJamei When did mufti say this? The over generalisation and interpretation of his speech at their convenience is what atheists and liberals are doing post debate. Do you want a miracle after a miracle be happened to control human behaviour? Such a irony 🥱
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Svayambodha
Svayambodha@Svayambodha·
Javed Akhtar is not sad or emotional he is asking the most logical question that religion fails to answer. To say that the genocide of children is an 'exam' (Imtihan) or that 'Justice will happen after death' is the most convenient excuse for divine silence. If a leaf doesn't fall without His (ALLAH) will, then the bombs aren't falling without it either. You proved Javed Sahab rigght, Allah is just a silent spectator in your own theory.
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Dr. Shoaib Jamai
Dr. Shoaib Jamai@shoaibJamei·
दरअसल जावेद अख्तर नास्तिक होने से ज्यादा इस बात से दुखी है कि जो गाजा में जुल्म हो रहा है खुदा की तरफ से उसको रोका क्यों नहीं गया? जैसे कि वह जज्बात में आकर बगावत कर रहे हैं, अपने इमोशंस को काबू में नहीं रख पा रहे हैं. मगर जावेद अख्तर साहब को यह मालूम नहीं की दुनिया के सारे जालिमों का फैसला दुनिया में नहीं होगा.. इस दुनिया में अगर ऐसा होता तो कोई भी आदमी गुनहगार नहीं होता.कोई इम्तिहान नहीं होता. दुनिया इम्तिहान की जगह है,हमारे हर नेक और बुरे काम का बदला यहां नहीं मिलता. थोड़ा जरूर मिलता है मगर पूरा नहीं, पूरा इंसाफ तो मरने के बाद होगा. इंसान यह सोचता है कि आखिर कोई जालिम कैसे बच गया या कोई नेक इंसान हमेशा गरीब कैसे रह गया? क्या कोई ऐसी जगह है जहां इंसाफ हो सके. हां तो वह जगह है आखिरत, मरने के बाद की जिंदगी में कयामत (Day of Judgment) के रोज इंसाफ होगा. जन्नत और जहन्नम का फैसला भी इसी इंसाफ के बुनियाद पर होगा. बुरे और अच्छे कामों का हिसाब इसलिए होगा क्योंकि आपको दुनिया में सही और गलत काम चुनने का इख्तियार (Will) दिया गया है. इसका मतलब यह नहीं की कोई जुल्म करता रहे और कोई इंसान उसको रोक नहीं सकता.. बिल्कुल रोका गया है और इतिहास में हमें ऐसे कई मौके मिले हैं जहां इंसाफ हुआ और आखिरकार जालिम को रोका गया. मंगोल का जुल्म भी मुसलमानो ने खत्म किया और इजराइल (Zionist )का जुल्म भी हम ही खत्म करेंगे इंशाल्लाह. महज़ गजा में हुए जुल्म के बुनियाद पर यह नहीं कहा जा सकता की खुदा ने जुल्म को नहीं रोका. शायद आने वाले चंद सालों में वहां इंसाफ हो और कोई ऐसी फौजी उठे जो उन सारे जालिमों का इंसाफ कर दे और ऐसा जरूर होगा इंशाल्लाह. इसके बाद जो हिंदू और ईसाई यहां बहस करेंगे उनको भी मालूम होना चाहिए कि अगर ईश्वर चाहता तो यीशु के यातना को रोक सकता था मगर ऐसा नहीं हुआ, वही हिंदू भी ये नहीं कह सकते कि ईश्वर ने रावण को इतनी ताकत क्यों दी कि वह सीता जी का अपहरण कर ले, अगर ईश्वर चाहता तो उस अपहरण को रोक सकता था, अगर ईश्वर चाहता तो महाभारत में द्रौपदी के चीरहरण को रोक सकता था. क्योंकि जुल्म का इंसाफ फौरन नहीं होता है उसके लिए इंसान को जंग(जिहाद)लड़ने के लिए कहा गया है. गलत लोगों को रोकने के लिए ताकत का इस्तेमाल होता है. यही दुनिया का तरीका है. अगर सारे जुल्म खुद रुक गए होते तो महाभारत की लड़ाई ना होती, लंका का युद्ध ना हुआ होता, इस्लामी इतिहास की पहली (जंग ए बदर) Battle of Badar ना होता. यह लड़ाई इसलिए हुई क्योंकि जुल्म का खात्मा करना था और सच्चाई की विजय होनी थी. बहरहाल,दुनिया में कई ऐसे लोग होंगे जो जावेद अख्तर की तरह सोचते होंगे और अंदर ही अंदर परेशान रहते हैं, जरूरत है उनसे बातचीत करने की उनको सही तरीके से समझने की.
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@shoaibJamei Jo log day of judgment mein yakeen nhi rakhte unko yeh baat smjh nhi aaegi. Halaki jis morality aur ethics based human behaviour ki baat wo karte hain wo khud collapse hua hai Gaza mein. Usko kaise compensate karega atheism?
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@DeepaliiAgrawal खुद से जो चाहे लिख दीजिए। तथ्य तो मिटा नहीं सकते। आपका उत्तराधिकारी बैठा रहा यही सब उसने क्यों नहीं पूछा उस वक्त। क्योंकि वो जनता था कि यह महज एक उदाहरण है। खैर। वो टॉपिक पर रहते तो अच्छा होता। पूरा नास्तिक समाज मुफ्ती साहब को उल्टा सीधा बोलने में लगा है।
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Deepali Agrawal
Deepali Agrawal@DeepaliiAgrawal·
जावेद साब - आज तक किसी मजहब की किताब में मुझे डायनासोर का ज़िक्र नहीं मिला। मुफ्ती शमाइल - आज तक किसी गणित की किताब में भी डायनासोर का ज़िक्र नहीं मिला। (गणित के कैलकुलेशन की तुलना धार्मिक किताबों से कैसे हो सकती है 🤡)
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Calm Soul (मुसाफ़िर)
@th_anonymouse माफ़ कीजिए शुक्ला जी। आज जावेद साहब के जवाब भी उस हद तक संतोषजनक नहीं थे। शायद उनका दिन अच्छा नहीं था या हक़ीक़त में उनके पास जवाब नहीं हों। वर्ना और ज़्यादा बेहतर चर्चा हो सकती थी। मुफ्ती साहब की रिग्रेशन ऑफ causes वाली बात का जवाब नहीं दिया। ऐसे ही न जाने कितने सवाल अधूरे रहे।
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aree_shuklajii
aree_shuklajii@th_anonymouse·
तुझे कैसे पता ये chat gpt है? अपनी तरह सबको गँवार समझा है क्या ? मैं वहीं थी । तुम्हारी तरह बैठ के लाइव नहीं देखा किसी चैनल पर । और सुनो मौलवी ने मुझे चंदा नहीं दिया उसके लिए रोना रोने को । जैसे ही डिबेट ख़त्म हुई तेरा ट्वीट सबसे पहले आया था , PR कैसे काम करता है मुझे भी पता है ।ज्ञान मत दे । आधा वीडियो काट के डाल दिया । पूरा डाल । मौलवी के कतई बकवास लॉजिक थे । दो कौड़ी के । बेहूदी बातें थी । तर्क नाम की चीज़ नहीं थी । और पढ़ लिख ले तेरी भी इंग्लिश हिंदी अच्छी हो जाएगी । हर चीज़ chat gpt के माथे मत फोड़ा कर। एक तर्क दे ढंग का ट्रोल करने के अलावा ।
aree_shuklajii tweet media
Prof. इलाहाबादी ( نور )@ProfNoorul

इसने इतना लंबा चौड़ा लिखा लेकिन ChatGPT ने इसको एक भी ढंग की बात नहीं बताई। अगर इसने पूरा डिबेट सुना होता तो ये AI की तरह पोस्ट नहीं लिखती। पूरे डिबेट में साफ दिखाई दे रहा है कि मुफ्ती साहब बिल्कुल शान्त और हर एक सवाल का बखूबी जवाब दिए। जबकि दर्शकों के जवाब देने से जावेद अख्तर भागते हुए नज़र आए। उनसे एक सवाल किया गया जो... इन्होंने ऐंड डिबेट में बोला था "धर्म धीरे धीरे खतम हो जायेगा मानने वाले न के बराबर होंगे" जब इस बात जिक्र करते हुए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के 52 रिसर्चर्स के एक पेपर का जिक्र किया गया और बोला गया ये लोग तो बोल रहे हैं धर्म और तेजी से फैलेगा। झल्लाते हुए बोले मैं नकारता हूं। मतलब ऑक्सफोर्ड के रिसर्चर्स को नकार रहे हैं 😂 एक्चुअली इन्हें दिक्कत मौलाना साहब से नहीं है इन्हें दिक्कत ये है कि मदरसे वाले डिबेट भी करते हैं और हर एक बात का बखूबी नॉलेज रखते हैं।

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Swati K.
Swati K.@mynameswatik·
I really loved both of them because they depict how two sane people can debate and discuss. Big respect for both of them. Having said that, this debate was useless because at the first instance Mufti ji said that God is not natural, its supernatural (non-physical) and you can't prove it by physical reality or science. For me the debate was over then & there. When you can't prove or disprove God by an evidence, both sides are just speaking their points. However, I do feel the one who introduces a claim (of God- the believer) has the burden to prove its existence, not the ones who never talked about it in the first place. Nevertheless, a great debate and a lesson to everybody (especially the extremists & thekedars of every religion) that you can question everything including GOD and still be respectful instead of sending hate to people, especially to those who question or doubt God's existence, like many across religious faiths hate and kill for blasphemy etc. & all. If God is actually 'metaphysical', he/she/they can't be touched by us humans (believers & non-believers).
Tarun Gautam@TARUNspeakss

Javed saab : If god is all merciful & omnipotent, why are kids dying in Gaza? Mufti saab : As per theistic view, they will be recompensated, god has full picture, you can't judge it with your own view Javed saab : You gave a very nice justification, please send it to Israel's PM, he will be very happy.

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Sayema
Sayema@_sayema·
Just watched the debate between @Javedakhtarjadu and @muftishamail moderated by @saurabhtop . It was very well done. Mufti Shamail had just the apt and knowledgeable approach to explain the existence of God. Befitting responses and logical answers. Good one.
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