@IPSinghSp इस तरह से वकीलों पर हमला करना कहां तक उचित है वकील हैं कोई आतंकवादी तो नहीं है लाठी चार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए
लखनऊ में नाराज वकीलों पर भयंकर लाठीचार्ज।
दिन रविवार है इसलिए वकील अपने वर्दी में नहीं हैं
PAC किसी को नहीं पहचानती है जमकर लाठीचार्ज करती है जिला प्रशासन के इशारे पर।
लाठीचार्ज हर सूरत में गलत है।
रास्ता बातचीत से निकलना चाहिए था।
प्रिय अधिवक्तागण,
लखनऊ में वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किये बिना उनके चैंबर तोड़ना और विद्वान अधिवक्ताओं के ऊपर लाठीचार्ज करना घोर आपत्तिजनक और घोर निंदनीय है।
अधिवक्ता ही जब अन्याय का शिकार होंगे तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा?
भाजपा में शामिल हो रहे भ्रष्टाचारियों को छोड़कर सब कुछ अवैध ही है क्या? अब उप्र के वकील मिलकर भाजपाइयों और उनके अन-रजिस्टर्ड संगी-साथियों के घर, दुकानों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों के नक्शे निकलवाकर उनके वैध-अवैध होने का प्रमाण ढूँढेंगे और अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए याचिका दाख़िल करेंगे।
जिन अधिवक्ताओं ने आज़ादी की लड़ाई में दुनिया की सबसे बड़ी औपनिवेशिक ताक़त को हराकर भगा दिया था, वो उस औपनिवेशिक ताक़त के मुख़बिरों से क्या डरेंगे। अधिवक्ताओं की एकता और एकजुटता इन भ्रष्ट भाजपाइयों को भी हराएगी और हमेशा के लिए हटाएगी।
हम अपील करते हैं कि लाठीचार्ज में घायल हुए वकीलों का निशुल्क उपचार कराया जाए एवं उनके काम की क्षति के लिए मुआवज़ा भी दिया जाए।
अधिवक्ता कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
आपका
अखिलेश
आज PAC के जवानों ने लखनऊ के वकीलों पर जमकर लाठियाँ भांजी हैँ,
दरअसल इसमें दो मामला है,
वकील समाज अपने को अपराजित मानता है,
ये भ्रम PAC ने तोड़ दिया,
दूसरा- PAC के जवानों का जीवन बैरक की गर्मी में बीतता है, इन्हें वो मौज नहीं मिलती है, जो थाना, चौकी में तैनात सिपाही को मिलती है,
थाना, चौकी में तैनात सिपाही के दारू मुर्गा का
फ्री इंतज़ाम लोकल दलाल रोज कर देते हैँ,
इसलिए सिविल पुलिस का सिपाही कम लाठी चलाता है,
लेकिन बैरक में फ्रस्टेट हो रहा और सिर्फ सैलरी पर जीवन यापन करने को मजबूर PAC का जवान मौका मिलने पर अपना पूरा गुस्सा निकाल देता है,
जहाँ एक लाठी से काम चल सकता है,
वहाँ दस लाठी मारता है,
@AnilYadavmedia1 वकील हमेसा अपारजीत ही है झुण्ड मे पूरी तैयारी से हेलमेट सुरक्षा कवच पहन के लाठी भांजी गयी है आज से उसका प्रतीकर और प्रतिउत्तर आपको देखने को मिलेगा वकील कभी हिंसा नहीं चाहता वरना सिर्फ लखनऊ मे ही 50 हजार से ज्यादे वकील होंगे अरफा तरफ मच जाएगी सब कुछ ठीक है लेकिन लाठी चलाया गलत
@alokaims@AnilYadavmedia1 भ्रम में जी रहे हो ,पता भी नहीं चलेगा कौन बटालियन थी, कौन कंपनी,कौन सी प्लाटून थी जो पेलकर चली गई ।।🖕🖕अब जाओ गांड़ दिखाते फिरो सबूत के तौर पर ।।
@PamuMulye@DhananjayK2015@khurpenchh वैसे भड़वे के लिए फांसी की सजा और आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है ,जो दोगले ऐसे हिंसक कुत्तों की तरफदारी कर रहे है ,उन भड़वो के लिए भी वैसी ही सजा मुकर्रर करनी चाहिए।।
@DhananjayK2015@khurpenchh Do piarvale kute bhi khukhar hote aadmi kabhi bhi choti bachoko umar nahi dekhte or rep karke krurtase mar dalte hay sabse khukhar to aadmi hay
@Rock__Lucy@NavodayanAtul मर्द को रोना ही है क्योंकि तुम जब बाप के घर रहोगी तो बाप का खाओगी और पति के घर जाओगी तो पति का मॉल काटोगे परजीवी कभी नहीं रोता वो हमेशा खुश रहता है ।।
@NavodayanAtul Mahila ko sampati mila but rarely koi ladki sampati me hissa mang rahi hai but mard jaat abhi se hi rona chalu kar diya hai...
Jab sahi me ladkiya sampati me hissa mangne lagegi to paida hote hi bahan ko maar dega ye mard jaat..👇🏼
@ThePushprajX BSDK अंबेडकर जी का नाम तमीज से लिया कर, फूफा जी है वो तुम ब्राम्हणों के याद है या भूल गया कि उनकी दूसरी शादी एक ब्राम्हण लड़की से हुई थी।
बाबा के नीले कबूतर जो कि -40 से डॉक्टर बना था उसने एक मरीज के सिर की चोट का इलाज करने की जगह उसका पेट ही ची*"र" दिया....
बाद में उससे जब पूछा तो तो बोला कि मुझे सिर की चोट का इलाज करना नहीं आता इसलिए पेट का कर दिया....😜
बोलो जय लंबेडकर 🔔की
बलात्कारी हो और सनातन संस्कृति का विरोध ना करे ऐसा हो ही नहीं सकता....
इसीने कुछ दिन पहले प्रेमानंद महाराज जी को ढोंगी कहा था....
अब इसकी गांव पर फ*"ट्टे" बजना चाहिए....
Nagpur- A shocking road accident claimed the life of a woman in Nagpur’s Rani Durgavati Chowk on Thursday afternoon, with the entire incident captured on CCTV camera. According to reports, a speeding Tata truck rammed into a stationary Tata Ace parked on the side of the road. A woman who had just alighted from a two-wheeler was crushed under the impact of the collision. The gruesome incident, which has caused widespread outrage, was caught on surveillance cameras, triggering shock and anger among locals. The truck driver is suspected to have been under the influence of alcohol. Following the accident, enraged citizens gathered at the spot. Panchpaoli Police acted swiftly, detaining the driver and seizing the vehicle. A case has been registered against the driver, and further investigation is underway.
@_KajalKushwaha जैसी तुम्हारी पोस्ट काल्पनिक है ? कुरआन और हदीस मे दीखा दो के उडनेवाला घोडा था ? मै सबुत के साथ दिखा सकता हु के 101 मटको से बच्चे पैदा हुवे थे . रावन के 10सर थे . सुरज की दो पत्निया है और बच्चे भी है . सबुत के साथ बात किया करो . कल्पना से निकलो बाहर.
सांसद चंद्रशेखर रावण का कहना है कि बाबा साहेब के संविधान अनुसार दलित ब्राह्मण नहीं बन सकते।
इसका कहना है कि मेरठ में जिन दलितों ने जनेऊ धारण किया है। संविधान के अनुसार वो गलत है क्योंकि बाबा आंबेडकर कहते है व्यक्ति जिस जाति में पैदा हुआ हैं उसी जाति में उसकी मृत्यु होगी। तो इसका मतलब संविधान जातिवादी है?
कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स 👇
चिलचिलाती धूप में यह शख्स अपनी बहन का कंकाल लादे बैंक पहुंचा.सिर्फ़ यह साबित करने के लिए कि उसकी बहन की मृत्यु हो चुकी है.
यह शख़्स अपनी बहन के खाते से 20,000 रुपये निकालने के लिए बार बार बैंक का चक्कर लगा रहा था. लेकिन बैंक मैनेजर बार बार यही कह कर लौटा दे रहा था कि खाताधारक को व्यक्तिगत रूप से लेकर आओ. बार-बार यह बताने के बावजूद कि उसकी बहन का निधन हो चुका है, बैंक मैनेजर ने उसकी बात नहीं मानी.
यह शख़्स एक आदिवासी व्यक्ति था, जिसके पास न तो मृत्यु प्रमाण पत्र था और न ही उत्तराधिकार के कागजात, और जटिल प्रक्रिया को समझने में असमर्थ होने के बाद वह असहाय होकर बैंक से लौट आया.
फिर वह श्मशान घाट गया. उसने अपनी बहन के अवशेषों को खोदकर निकाला, कंकाल को कपड़े में लपेटा और चिलचिलाती धूप में 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचा. और जब शख़्स बैंक पहुंचा, तो वहां का नजारा देखकर स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए. मामला ओडिशा का है.