Subhashini Ali

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Subhashini Ali

Subhashini Ali

@SubhashiniAli

Member Polit Bureau, Communist Party of India (Marxist). Former MP, Lok Sabha. Vice President, All India Democratic Womens Assn. Former member, NCW

New Delhi, India Katılım Mayıs 2017
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Subhashini Ali
Subhashini Ali@SubhashiniAli·
Is being a rapist a necessary condition for joining this Party? कर्नाटक: विवाहिता से रेप कर पैसे लूटे, शिकायत पर बदनाम करने की धमकी; भाजयुमो नेता गिरफ्तार themooknayak.com/sexual-violenc…
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Soumya Banerjee
Soumya Banerjee@ComSoumyaB·
শিয়ালদহ স্টেশন আজ শ্রমিকদের প্রতিবাদের আগুনে লালে লাল... শাসকের মুখের ওপর ছুঁড়ে দিলো নবারুণের কবিতা: "গাঁ* মারি তোর মোটরগাড়ির, গাঁ* মারি তোর শপিংমলের দেখবি যেদিন আসবে তেড়ে ন্যাংটো মজুর সাবানকলের।"
বাংলা
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زماں
زماں@Delhiite_·
14-Year-Old Delivers in Hospital Toilet... 'Relative Grandfather' Raped Her Thrice. 📍 Giridih, Jharkhand A Class 9 student, 14, was raped thrice by a married relative... whom she called her grandfather... on her way back from school. She delivered his baby in the toilet of Sadar Hospital, where family had rushed her thinking it was back pain. > Both mother and newborn survived. > POCSO case registered.
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Amiya_Pandav ଅମିୟ ପାଣ୍ଡଵ Write n Fight
Attack on #Yadavs by #Bajarang_Dal ! #Odisha is now ruled by saffron goons! 5 yadav people were beaten brutally, were knelt down for hours and were forced to crawl on their knees in 45 degree temperature under Chandahandi PS of Nabarangpur district, Odisha ! Bajrang Dal Members attacked them while these People were taking their own cattle to their homes.After Muslims, Christians and Dalits now it's time for Yadavs to be targeted by sangh goons! Odisha is completely devastated under the so-called Double Engine Sarkar ! @zoo_bear @free_thinker @Ashok_Kashmir @DrLaxman_Yadav @_YogendraYadav @Aakar__Patel @harsh_mander @TeestaSetalvad @Apoorvanand__ @drsandeepdu @SubhashiniAli @Ayaskant_Das @DhanadaKanta @Tilak_NetamGond @AshrafFem @irfhabib @yadavakhilesh @yadavtejashwi @priyanka2bharti @Kanchanyadav000
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Md Salim
Md Salim@salimdotcomrade·
Pramath Mondal committed suicide today, terrorised by the thought of being evicted. He used to run a small umbrella repair shop at Chakdah Station to sustain his family (wife, son & an infant daughter). We will fight for the cause of Rail hawkers tooth and nail. #AntiPoorBJP
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CPI (M)
CPI (M)@cpimspeak·
The Central Committee of the Communist Party of India (Marxist), which is meeting from 22-24 May in HKS Surjeet Bhawan, New Delhi, has unanimously adopted the following resolution on #NEET:
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बिहार | Bihar
बिहार | Bihar@Biharyouth1·
एनसीआर में एक और बिहारी मारा गया। 8 पेज के सु/साइड नोट में बेगूसराय के रामपुकार यादव ने लिखा कि उसे “बिहारी” कहकर जलील किया जाता था। यहां तक कहा गया कि “हरियाणा में भैंस 1 लाख 30 हजार की मिलती है और बिहारन 80 हजार में बिकती हैं।” "मुझे ब्लैकमेल कर मेरे साथ संबन्ध बनाए" लड़की का इंतजाम करो या पत्नी को बुलाओ... आत्महत्या से पहले युवक ने 8 पेज का लिखा सु/साइड नोट -------------------- गुरुग्राम के एक छोटे से कमरे में 17 मई की दोपहर जो हुआ, उसने सिर्फ एक परिवार नहीं तोड़ा, बल्कि कई ऐसे सवाल छोड़ दिए जिनका जवाब शायद सिस्टम के पास भी नहीं है। बिहार के बेगूसराय के रहने वाले 31 वर्षीय रामपुकार यादव ने फांसी लगाने से पहले 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा। नोट के आखिर में उसने सिर्फ इतना लिखा — “सॉरी ऑल ऑफ यू…” इन तीन शब्दों के पीछे वो दर्द छिपा था, जिसे वह करीब साढ़े तीन साल तक अंदर ही अंदर सहता रहा। रामपुकार गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करता था। पत्नी और इकलौता बेटा गांव में रहते थे। वह यहां नौकरी करके परिवार का घर चला रहा था और गांव में नया मकान भी बनवा रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत करने वाला रामपुकार एक दिन सब कुछ ठीक कर देगा, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह रोज अंदर से टूट रहा है। रामपुकार ने आत्महत्या से पहले 8 पेजों का सुसाइड नोट लिखा था रामपुकार ने अपने सुपरवाइजर देवेंद्र कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि पहले उसे शराब पिलाकर उसके साथ गलत संबंध बनाए गए, फिर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया गया। उसने आरोप लगाया कि उससे पैसे मांगे गए, धमकियां दी गईं और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया गया। लेकिन सिर्फ ब्लैकमेलिंग ही नहीं रामपुकार को उसकी पहचान और गरीबी को लेकर भी अपमानित किया गया। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि उसे “बिहारी” कहकर जलील किया जाता था। यहां तक कहा गया कि “हरियाणा में भैंस 1 लाख 30 हजार की मिलती है और बिहारन 80 हजार में बिकती हैं।” रामपुकार ने अपने नोट में लिखा कि जब उसने विरोध किया तो उससे कहा गया कि “लड़की की व्यवस्था करो, नहीं तो गांव से अपनी पत्नी को बुला लो।” यही बात उसे अंदर से तोड़ गई। उसने अपने मैनेजर, एडमिन और HR तक से मदद मांगी, लेकिन हर जगह उसे सिर्फ समझौता करने की सलाह मिली। घटना के बाद भी परिवार को इंसाफ की उम्मीद थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि 30 घंटे तक FIR तक दर्ज नहीं हुई। परिवार बार-बार पुलिस से कार्रवाई की मांग करता रहा, लेकिन उन्हें सिर्फ प्रक्रिया और इंतजार का जवाब मिलता रहा। आखिरकार मजबूरी में परिवार शव लेकर गांव लौट आया। बुधवार को जब रामपुकार का शव बेगूसराय पहुंचा, तो गांव में मातम पसरा हुआ था। मां बेसुध थी, पत्नी बार-बार सिर्फ यही पूछ रही थी — “अगर उसने इतना कुछ लिखा था, तो किसी ने उसे बचाया क्यों नहीं? -- हिंदुओं का दावा है कि जातिवाद नस्लवाद क्षेत्रवाद है ही नहीं ख़त्म हो चुका है फिर ये क्या है? नासिक टीसीएस पर छाती पीटने वाले यहां चुप रहेंगे। कांग्रेस और मुसलमानों के नाम पर रोज चूड़ियां तोड़ने वाले भी चुप रहेंगे। मैं इसीलिए कहता हूं दोष जाति का नहीं है दोष है तो सिर्फ गरीबी का पूरा परिवार उजड़ गया, पुलिस पैसे खाकर मस्त हो गई किसी को कोई फर्क नहीं। क्या कोई बिहारी नेता रामपुकार को न्याय दिला पाएगा? उसे प्रताड़ित करने वाला देवेंद्र कब गिरफ्तार होगा? उसकी कंपनी का HR और मैनेजर कब गिरफ्तार होंगे? @samrat4bjp मुख्यमंत्री जी, समय रहते ऐसे मामलों में कड़ा रुख अपना लीजिये वरना ऐसी घटनाएं आम बात हो जाएंगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री से बात करिये, आईपीएस लेवल अधिकारी गुरुग्राम और दिल्ली भेजिए, @DelhiPolice पुलिसवालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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زماں
زماں@Delhiite_·
ALLEGED DOWRY MURDER "Ammi, Save me, something bad will happen"... 19 y/o Fazila Jabeen Sheikh strangled to death just 4 months after marriage in Nagpur. > in-laws claimed heart attack, buried her body... exhumed after family spotted strangulation marks; > husband (31), brother-in-law arrested, FIR against father-in-law too. 📍 Nagpur, Maharashtra
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The Caravan Hindi
The Caravan Hindi@thecaravanhindi·
आर्काइव | आसाराम पर अपने जोधपुर-स्थित आश्रम में, एक सोलह साल की लड़की से कथित तौर पर बलात्कार का मुकदमा चल रहा है. यौन उत्पीड़न, गलत ढंग से बंदी बनाने और धमकाने के साथ-साथ, उस पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पोस्को) के तहत भी आरोप थे. इसके अलावा, अहमदाबाद में दर्ज एक और बलात्कार का आरोप भी उस पर था. उसी मामले में शिकायतकर्ता की छोटी बहन ने आसाराम के 45-वर्षीय पुत्र नारायण साईं पर भी बलात्कार का मामला दर्ज किया था. जिस 16-वर्षीय लड़की का केस जोधपुर में चल रहा था, मैं वहां उसके पिता से मिलने आई थी. परिवार के सभी सदस्य आसाराम के शिष्य थे. उन्होंने शाहजहांपुर आश्रम को बनाने में आर्थिक योगदान भी दिया था. “हम उनको भगवान की तरह पूजते थे,” पिता ने बताया. आसाराम के इस उपदेश पर विश्वास करते हुए कि उनके आश्रम में शिक्षित बच्चा, वांछित मूल्यों के साथ पलेगा, निरीह माँ-बाप ने अपने तीन बच्चों में से दो को, मध्य प्रदेश-स्थित छिंदवाड़ा जिले के आश्रम में भेज दिया. फिर एक दिन उन्हें बेटी से संबंधित फोन आया. वह 7 अगस्त 2013 का दिन था. शिल्पी नामक हॉस्टल वार्डन, जो अब केस में सह-आरोपी है, ने “हमें बताया कि हमारी बेटी की तबीयत बिगड़ गई है, इसलिए हमें तुरंत छिंदवाड़ा आश्रम पहुंच जाना चाहिए.” चिंतित मां-बाप अगले दिन ही, लड़कियों के हॉस्टल में अपनी बेटी से मिलने छिंदवाड़ा पहुंच गए. वहां जाकर उन्हें पता चला कि उसे दौरा पड़ा था. “वार्डन ने हमें बताया कि कुछ दुष्ट आत्माएं हमारी बेटी में प्रवेश कर चुकी हैं, जिन्हें केवल आसाराम ही निकाल सकते हैं,” पिता ने याद करते हुए कहा. “उसने हमें जल्द-से-जल्द, उनसे मिल लेने के लिए कहा.” वार्डन ने बताया कि आसाराम छिंदवाड़ा आश्रम में नहीं, बल्कि दिल्ली में हैं. जब लड़की को लेकर उसके मां-बाप दिल्ली पहुंचे तो पता चला, वे जोधपुर आश्रम के लिए निकल गए हैं. आखिरकार, 14 अगस्त को वे जोधपुर पहुंचे और आसाराम से मिलने में कामयाब रहे. आसाराम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनकी बेटी में प्रविष्ट दुष्ट आत्माओं से उसे छुटकारा दिलाने के लिए अनुष्ठान करेंगे. अगली रात, आसाराम ने मां-बाप और बेटी को अपनी कुटिया में बुलाया. थोड़ी देर मंत्रो का जाप करने के बाद, उसने उनसे जाने के लिए कहा. “वे मेरी बेटी को पूजा के लिए अपनी कुटिया के अंदर ले गए. हमें उन पर पूरा-पूरा भरोसा था इसलिए हमने उसे बेखौफ उनके साथ छोड़ दिया और खुद बाहर आकर भजनों का जाप करने लगे.” लड़की करीब एक घंटे बाद बाहर आई, “वह रो रही थी और सदमे में थी,” पिता ने बताया. पूछने पर उसने, शाहजहांपुर वापिस चलने के लिए कहा. इस तरह, वे अगली सुबह अपने घर लौट गए. वापिस लौटने पर, लड़की ने अपनी आपबीती मां को बताई और मां ने पिता को. “उन्होंने उसे दूध का गिलास पीने को कहा और फिर उसके साथ बलात्कार किया,” पिता ने बताया. “उन्होंने मेरी बेटी के साथ जबर्दस्ती की. उसने प्रतिरोध किया.” चार्जशीट में, लड़की के साथ आसाराम द्वारा किए गए व्यवहार का उद्वेलित कर देने वाला विवरण दिया गया है: आसाराम ने अपने कपड़े उतार दिए और जबरदस्ती की. जब वह रो रोकर प्रतिरोध कर रही थी, वह उसके शरीर को चूमने लगा और उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया. किसी को बताने पर, लड़की के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को मार डालने की धमकी भी दी गई. आसाराम को देश के कई राजनेताओं का भी समर्थन मिला है. लेकिन 2008 के बाद, जब उनकी असलियत लोगों के सामने आने लगी, राजनेता आसाराम से दूरी बनाने लगे. उसी साल 5 जुलाई को, साबरमती नदी में उनके मोटेरा आश्रम के नजदीक दो बच्चों की क्षतविक्षत अधजली लाशें बरामद हुईं. अभिषेक और दीपेश वाघेला नाम के ये बच्चे, आश्रम की दस एकड़ जमीन पर बने स्कूल में पढ़ते थे. दीपेश के पिता, प्रफुल्ल वाघेला ने बताया कि उस समय गुजरात में आश्रम का इतना जबर्दस्त प्रभाव था कि पुलिस पहले तो एफआईआर भी दर्ज नहीं कर रही थी. “हमारे विरोध करने के बाद ही सरकार ने मामला सीआईडी को सौंपा. आखिरकार, 21 जुलाई 2008 को एफआईआर दर्ज हुई.” वाघेला ने इस मुत्तालिक राज्य सरकार को दोषी ठहराया, खासकर, मोदी को. मुख्यमंत्री के अपने पूरे कार्यकाल के दौरान गृह मंत्रालय, जिसके अधीन पुलिस आती है, भी उनके निजी चार्ज में रहा. “सब कुछ तत्कालीन मुख्यमंत्री के हाथ में था,” उन्होंने कहा. “लेकिन निष्पक्ष पुलिस जांच की बजाय, उन्होंने आयोग गठित कर दिया. आप बताइए वे ऐसा क्यों करना चाहेंगे? क्योंकि उस वक़्त आसाराम का गुजरात में बहुत वर्चस्व था.” उन्होंने आगे कहा, “अगर गुजरात सरकार ने, 2008 में ही सही कदम उठा लिए होते तो शायद बाद के पीड़ितों को बचाया जा सकता था.” हर एक मामले में, कथित पीड़ितों के बयान बेहद महत्वपूर्ण थे, लेकिन पुलिस ने घटनाओं की सही एवं विस्तृत तस्वीर बनाने और आश्रम में आरोपी के बर्ताव को समझने के लिए अलग-अलग किस्म के गवाहों से भी बात की. इनमे आश्रम के पूर्व अनुयाई, पीड़ितों के परिवारों के सदस्य और वे मित्र जो उनके आश्रम से जुड़ाव के गवाह थे, शामिल थे. अकेले जोधपुर मामले में ही, अभियोजन पक्ष ने केस में मदद करने वाले 50 गवाहों की पहचान की थी. फिर गवाहों पर हमले होने लगे. 28 फरवरी 2014 की सुबह, सूरत की बहनों में से एक के पति के ऊपर उस वक़्त चाकू से कई वार किए गए, जब वे अपने घर लौट रहे थे. जख्म गंभीर थे लेकिन वे बच गए. एक पखवाड़े से भी कम समय के भीतर, 10 मार्च 2014 को, पूर्व भक्त और आसाराम के विडियोग्राफर, राकेश पटेल, जो सूरत मामले में गवाह बन गए थे, पर शहर में मोटरसाइकिल सवारों ने चाकू से हमला कर दिया. पटेल भी बच गए. एक हफ्ते के अन्दर ही, कपड़ा व्यापारी दिनेश भाग्चंदानी पर, दो मोटरसाइकिल पर सवार आदमियों ने एसिड फेंका. वे भी सूरत केस में गवाह थे. एसिड से झुलसने के बावजूद भी, भाग्चंदानी हमलावरों में से एक को धर-दबोचने और पुलिस के हवाले करने में कामयाब रहे. किशोर बोडके नामक इस हमलावर की जब पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला वह बस्वराज बासु के इशारों पर काम कर रहा था, जो खुद कर्णाटक के बीजापुर जिले का रहने वाला है और आसाराम के भक्तों में से एक है. अगला निशाना अम्रुत प्रजापति बने. वे एक आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, जिन्होंने आसाराम के साथ 15 वर्षों तक काम किया. 2005 में उन्हें छोड़ने के बाद, प्रजापति आसाराम के घोर विरोधी बन बैठे और वे सभी मामलों में महत्वपूर्ण गवाह हैं. 23 मई 2014 को, राजकोट में प्रजापति के क्लिनिक पर एक आदमी, मरीज के रूप में दाखिल हुआ. जैसे ही प्रजापति उन्हें जांचने लगे, उसने पिस्तौल निकाली और उनके गले में गोली दाग दी. 17 दिन बाद उनकी मौत हो गई. शाहजहांपुर के पत्रकार नरेंद्र यादव अगला निशाना बने. उन्होंने आसाराम और उनके पुत्र के खिलाफ केसों के बारे में कई रिपोर्टें छापी थीं. 17 सितंबर 2014 को जब यादव अपने दफ्तर से बाहर निकल रहे थे, दो हमलावरों ने उन पर वार कर दिया. वे बच गए. जनवरी 2015 में, 36-वर्षीय अखिल गुप्ता की दो मोटरसाइकिल सवारों ने उस वक़्त गोली मारकर हत्या कर दी जब वे मुज्जफरनगर में अपने घर की तरफ पैदल लौट रहे थे. गुप्ता अहमदाबाद आश्रम को छोड़ने और सूरत केस में गवाह बनने से पहले, आश्रम में खानपान और हिसाब-किताब का काम देखते थे. गवाह न केवल अपने घरों और कार्यस्थलों पर असुरक्षित थे, बल्कि उन अदालतों में भी, जहां वे अपनी गवाहियां देने जाते थे. गुप्ता के ऊपर हमले के करीब एक महीने बाद, 13 फरवरी 2015 को, 41-वर्षीय राहुल सचान के ऊपर जोधपुर सेशंस कोर्ट के बाहर हमला किया गया. राहुल, आसाराम के पूर्व सहायक थे, जो अब तीनों केसों में गवाह बन चुके थे. पुलिस को दिए गए सचान के बयान के अनुसार, उस दिन दोपहर के वक़्त जब आसाराम को कोर्ट से बाहर ले जाया जा रहा था, उन्होने अपने एक चेले को अपने गले पर गला काटने की मुद्रा में हाथ फेरते हुए, साचन पर हमला करने का इशारा किया. सत्यनारायण ग्वाला नाम का यह चेला, इशारा पाते ही सचान की तरफ बढ़ा और जैसे ही सचान पुलिस की गाड़ी में बैठने वाले थे, उसने पीछे से चाकू से उन्हें गोदना शुरू कर दिया. इस हमले से, सचान आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए. फिर 25 नवंबर 2015 को, वे रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए. उन्हें आज तक ढूंढा नहीं जा सका है. इन सभी मामलों में, सरकार उन गवाहों की रक्षा करने में नाकायाब रही है जिनकी जान खतरे में थी. आसाराम के पूर्व निजी सहायक, राहुल सचान, का मामला तो खासतौर पर शोचनीय है. अगस्त 2015 में, अपने ऊपर हमले के छह महीने बाद और गायब होने के तीन महीने पहले, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इस बात की सनद हेतु शपथपत्र भी दिया था कि उनकी जान खतरे में है और कि सरकार द्वारा उन्हें प्रदान की गई सुरक्षा अपर्याप्त है. आसाराम के बेटे नारायण साईं के निजी सचिव महेंद्र चावला को साईं के आचरण के बारे में पहले-पहल उसके ड्राईवर से पता चला. ड्राईवर से उनकी दोस्ती हो गई थी, “एक दिन साईं के ड्राईवर ने बड़े भारी मन से मुझे बताया कि ये साईं, वैसा संत नहीं है जैसा हम सोचते हैं कि वह है.” चावला ने आगे कहा, “उसने मुझे बताया कि साईं सफर पर हों या आश्रम में, सबके सोने के बाद वे मुझे अलग-अलग औरतें लाने के लिए कहते हैं.” ड्राईवर ने कहा कि उसे यह सब करना अच्छा नहीं लगता. साईं इन औरतों को बराबर गालियां देता और उनके साथ बलात्कार करता, ड्राईवर ने बताया. “कुछ हफ्तों बाद, हम साईं के प्रवचनों के लिए, ठाणे के येऊर गांव में थे,” चावला ने कहा. वह गांव के फार्महाउस में ठहरा हुआ था. ड्राईवर ने मुझे दिखाया कि साईं, महिला भक्त का यौन शोषण कर रहा था. उसके बाद ऐसी कई घटनाएं उन्होंने अपनी आंखों से देखीं, “ड्राईवर लड़कियां लेके आता और उजाला होने से पहले उन्हें छोड़ आता. कभी-कभी तो रात के दो या तीन बजे भी,” उन्होंने कहा. सभी लड़कियां आसाराम और साईं की भक्त होतीं, जिनका पहले दिमाग फेरा जाता और फिर उनका यौन शोषण किया जाता. इस ब्रेनवॉशिंग में अक्सर हिन्दू पौराणिक कथाओं का इस्तेमाल होता था, जिसे उन्होंने कोर्ट को भी बताया है. “साईं इन महिलाओं से कहते थे, वे भगवान कृष्ण हैं...वे कहते कि पिछले जन्म में वे गोपियां हुआ करती थीं और साईं उनके भगवान कृष्ण. और चूंकि वे उन्हें अंतिम तौर पर मोक्ष नहीं दिलवा सके इसीलिए उनका पुनर्जन्म हुआ है. वे उन औरतों को यकीन दिलवा देते थे कि वे असल में उनका दैहिक शोषण नहीं, बल्कि उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं; और, उन्हें इस संसार के कष्टों से सदा के लिए मुक्ति दिलवा रहे हैं.” आसाराम ने, जोधपुर केस में अपने बचाव के लिए, देश के सबसे जानेमाने और सबसे महंगे वकीलों की फौज खड़ी कर दी. इस केस ने मीडिया का सबसे ज्यादा ध्यान अपनी तरफ खींचा है. इसकी एक वजह रही कि यह सबसे पहला मामला था. जोधपुर केस इस वजह से भी ज्यादा मशहूर हुआ क्योंकि इसमें आसाराम के खिलाफ, सख्त पोक्सो और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में भी आरोप लगे थे. जो वकील आसाराम के बचाव में उतरे उनमे राम जेठमलानी, राजू रामचंद्रन, सुब्रमनियन स्वामी, सिद्धार्थ लूथरा. के.टी.एस तुलसी, सलमान खुर्शीद और यू.यू ललित शामिल थे. दूसरी तरफ, जोधपुर पीड़िता को न्याय दिलवाने की मुहिम, शहर के दो गुमनाम वकील, पी.के वर्मा और पी.सी सोलंकी, चला रहे थे. अभियोजन पक्ष के वकीलों ने बताया उन दोनों को केस छोड़ने के लिए धमिकयां दी गईं और करोड़ों रूपए की रिश्वत पेश की गई. “हम रिश्वत लाने वाले को चेतावनी देकर वापिस भेज देते थे,” वर्मा ने मुझे बताया जब मैं उन दोनों वकीलों से फरवरी में, उनके जोधपुर वाले घर में मिला. “और मौत से हम डरते नहीं.” 28 सितंबर 2025 को आसाराम को बलात्कार के केस में राजस्थान हाईकोर्ट से 6 महीने की अंतरिम जमानत मिली है। पढ़ें प्रियंका दुबे का पूरा लेख: hindi.caravanmagazine.in/reportage/asar… #Asaram #AsaramBapu #AsaramjiBapuCase
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Sann
Sann@san_x_m·
Her name was Nikki Yadav. She was 23 years old. She was from Jhajjar, Haryana. In 2018, she met Sahil Gehlot at a coaching centre in Uttam Nagar, Delhi. She was preparing for medical entrance exams. He was preparing for SSC exams. They fell in love. According to Delhi Police, the two secretly married at an Arya Samaj temple in Greater Noida on October 1 2020. Their families were reportedly unaware of the marriage. But Sahil's family continued searching for another bride for him. In December 2022, his engagement was fixed with another woman. Nikki was devastated. She reportedly kept a diary where she wrote about their relationship and the pressure Sahil faced from his family. One entry mentioned that he did not want his parents to "die over a girl." She still hoped he would choose her. On the night of February 9 2023, Sahil visited Nikki at her flat in Uttam Nagar. They argued for hours about his upcoming wedding. In the early hours of February 10, he drove her to the parking area near Nigambodh Ghat in Delhi. Police say he strangled her inside the car using a mobile phone charging cable. He then drove around 40 kilometres to his family’s dhaba in Mitraon village on the outskirts of Delhi. Nikki’s body remained inside the car while he went home, got ready, and attended his wedding later that day. That evening, police said, he returned to the dhaba and hid her body inside a refrigerator. Meanwhile, Nikki’s family had been trying to contact her. Sahil allegedly told them she had gone to Dehradun. On February 14 2023, after receiving a tip off, Delhi Police recovered Nikki Yadav’s body from the refrigerator at the dhaba. Sahil Gehlot was arrested. Police later arrested his father, two cousins and two friends, alleging involvement in conspiracy and destruction of evidence. The case is still under trial. He secretly married Nikki in 2020. On the morning of his second wedding in 2023, police say he killed her, attended his wedding ceremony, and later returned to hide her body. Follow for stories India deserves to remember.
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Voice Of Tribals 🏹
Voice Of Tribals 🏹@VoiceOfTribals_·
माननीय @HemantSorenJMM जी, लोहरदगा के सेन्हा थाना क्षेत्र मुरकीतोरार गांव के 'डॉ. भीम राव अम्बेडकर निजी स्कूल' में 7 साल के मासूम को प्रिंसिपल ने लाठियों से पीटकर अधमरा कर दिया। बच्चे के प्राइवेट पार्ट तक पर चोट है। आरोपी बेखौफ कह रहा - "पढ़ने में जीरो है, इसलिए सिर्फ 16 से 20 लाठी ही मारा हूं" और परिजनों को तेल मालिश की सलाह दे रहा है। क्या झारखंड के स्कूल टॉर्चर रूम बन गए हैं? महोदय शीघ्र ही संज्ञान में ले कर कठोर कार्रवाई करने की कृपा करें। Cc : @JharkhandCMO @DipikaPS @JharkhandPolice @DC_LOHARDAGA
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