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A Federation of teachers associations of India @drDCSHARMAUPPSS

New Delhi India Katılım Ekim 2025
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
अण्डमान निकोबार से दिल्ली चलकर पहुँचे अण्डमान निकोबार शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार साधु एवं महासचिव श्री विकास मंडल से मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के टेट के संबंध में आये आदेश के बाद अंडमान निकोबार के शिक्षक साथियों की दुख भरी व्यथा को सुनकर मन बहुत व्यथित हुआ और सोचने पर मजबूर हूँ कि इस प्रकार के आदेश आने के बाद सरकार किस अनहोनी का इंतज़ार कर रही है । दोनों शिक्षक नेताओं ने बताया कि 25 मार्च को अण्डमान निकोबार में टेट पास करने की अनिवार्यता के सम्बन्ध में पत्र निर्गत होने के बाद शिक्षक अवसाद से जूझ रहे हैं किसी भी शिक्षक को विश्वास नहीं हो रहा है कि आरटीई से पूर्व में नियुक्त एवं २०-२५ वर्षों से शिक्षण कर रहे शिक्षकों पर इस आदेश को कैसे थोपा जा सकता है । संघ के महासचिव श्री विकास मंडल जोकि आरएसएस के विभाग बौद्धिक प्रमुख भी हैं उनका कहना कि पोर्ट ब्लेयर में इस आदेश के बाद शिक्षकों में भारी तनाव व्याप्त है उन्होंने बताया कि बहाँ पर एक मात्र सांसद को छोड़कर कोई भी अन्य जनप्रतिनिधि नहीं है ।बहाँ का शासन पूर्णतया नौकरशाह चला रहे है ऐसे बिना किसी जनप्रतिनिधि के अपनी बात नौकर शाह को समझाना मुश्किल है दूसरी ओर उन्होंने बताया कि दिल्ली आकर न्याय की गुहार लगाना भी बहुत मंहगा है पोर्ट ब्लेयर से दिल्ली हवाई जहाज से आने पर एक तरफ़ से दोनों साथियों का टिकट 61000 रुपये का मिला है और यदि हवाई जहाज़ से न आकर दूसरा रास्ता अपनाये ,तो पानी के जहाज़ से कलकत्ता या चेन्नई तक पहुँचने में 3-4 दिन लगते हैं तथा किराया 18 हज़ार उसके बाद ट्रेन से दिल्ली तक का किराया एवं दो दिन का सफ़र ।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट में बहुत महंगी पैरवी एवं राज्य में चुने हुए विधायक या एमएलसी न होने पर जब इस प्रकार का पत्र आया तो शिक्षक अवसाद में आ गये । उन्होंने बताया कि बहुत कठिन परिस्थिति में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं उन्होंने बताया कि पोर्ट ब्लेयर के पास अन्य द्वीप पर विद्यालय संचालित है बहाँ आने जाने का एक मात्र साधन छोटी नाव है कई बार ऐसा होता है विद्यालय पहुँचने के बाद मौसम ख़राब होता है तो लौटने हेतु नाव नहीं मिल पाती है और दो तीन दिन विद्यालय वाले द्वीप पर ही रहना पड़ता है । उनका कहना है कि नौकरी जाने पर बहाँ कोई फैक्टरी या उद्योग भी नहीं है जहाँ प्राइवेट नौकरी की जा सके । अंडमान निकोबार में शिक्षक साथियों ने 4 अप्रैल को रामलीला मैदान की रैली के फोटो और वीडियो देखे तो उन्हें आशा की किरण दिखाई दी और उन्होंने टीएफआई से संपर्क का मन बनाया । 17 अप्रैल को दोनों शिक्षक नेता अपने क्षेत्र के भाजपा सांसद श्री विष्णु पद रे के दिल्ली आवास पर पहुँचें और उनके साथ मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी से मुलाक़ात की ।मा पाल साहब ने हमें इन साथियों से मुलाकात करवाई । दोनों साथी पूरे दिन हमारे एवं श्री राधे रमण त्रिपाठी जी के साथ रहे और हमने आश्वस्त किया कि आप अकेले नहीं हैं टीएफआई आपके साथ है अब टीएफआई का नारा “कश्मीर से कन्याकुमारी तक “न होकर “कश्मीर से अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक “होगा । दोनों साथियों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही अगली बैठक पोर्ट ब्लेयर में होगी ।
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Dr Dinesh Chandra Sharma
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विद्यालय की साफ़ सफ़ाई के सम्बन्ध में @DmSambhal के स्पष्ट एवं सराहनीय निर्देश ।शिक्षकों के साथ यह कार्य हम सबने विद्यार्थी जीवन में किया है जोकि शिक्षा का ही एक हिस्सा है परंतु वर्तमान में छात्रों द्वारा अपने स्वयं के भोजन किए वर्तन धोने या अपने कक्षा कक्ष में कोई सफाई करने जैसी खबरों पर अनेक शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है ।अब इससे राहत मिलेगी ।जिलाधिकारी महोदय को धन्यवाद 🙏
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सहित देश में लगभग 20 लाख ऐसे शिक्षक जो आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त हुए हैं उन पर टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु 4 अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में हुई रैली के बाद आज टीएफआई के प्राधिनिधि मण्डल की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी के साथ श्री पंकज चौधरी जी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उ प्र एवं मा वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार से विस्तृत वार्ता हुई ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश के लाखों शिक्षकों पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचाने हेतु कानून बनाने की पूरी पैरवी की गई ।मा प्रदेश अध्यक्ष जी ने शीघ्र ही शीर्ष नेतृत्व से वार्ता एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया ।प्रतिनिधि में टीएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजय सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी उपस्थित रहे । @jagdambikapalmp @mppchaudhary @narendramodi @AmitShah @TFI4India @UPPSS1921
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
#NoTetBeforRteAct महाराष्ट्र के दो दो शिक्षक संघ भी आये @TFI4India के साथ श्री श्रीकांत देशपांडे जी पूर्व एमएलसी एवं संस्थापक अध्यक्ष शिक्षक अघाड़ी विदर्भ प्रदेश तथा श्री दत्तात्रेय सावंत पूर्व एमएलसी एवं महासचिव महाराष्ट्र शाला क्रुती समिति महाराष्ट्र से कल दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने के आंदोलन पर विस्तार से चर्चा हुई,दोनों ही नेताओं ने टीएफआई के प्रयास की सराहना की एवं टीएफआई से संबद्ध होने की इच्छा व्यक्त की ।महाराष्ट्र के दोनों संगठन शीघ्र ही टीएफआई के सदस्य होंगे ।
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Vipin Upadhyay | विपिन उपाध्याय | -وپن اپادھیائے
लेख: वेदना और मौन 4 अप्रैल को #Delhi में जो हुआ, वह केवल एक प्रदर्शन नहीं था; वह उस वर्ग की मौन वेदना थी, जिसने हमेशा समाज को शब्द दिए, विचार दिए, दिशा दी — पर आज स्वयं अपनी बात सुनाए जाने के लिए खड़ा होना पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से, कश्मीर से कन्याकुमारी तक से आए लाखों शिक्षक, लंबी यात्राएँ तय करके, कई रातों की थकान साथ लेकर राजधानी पहुँचे। उद्देश्य केवल इतना था कि शासन तक यह निवेदन पहुँच सके कि उनकी आजीविका, उनका सम्मान और उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। Teachers Federation of India के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा जी के आह्वान पर एकत्रित यह जनसमूह किसी क्षणिक असंतोष का परिणाम नहीं था; यह वर्षों से संचित उस पीड़ा का स्वर था जिसे शिक्षक अपने दायित्वों के बीच चुपचाप सहते आए हैं। किंतु सबसे अधिक पीड़ादायक यह है कि इतनी बड़ी संख्या में उठी यह आवाज़ आज तक सत्ता के गलियारों से किसी स्पष्ट उत्तर की प्रतीक्षा में है। सुनकर भी जैसे अनसुना कर दिया गया हो। और उससे भी अधिक चिंताजनक यह कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कही जाने वाली पत्रकारिता ने भी इस विषय को वह गंभीरता नहीं दी जिसकी यह अपेक्षा रखता था। जब लाखों लोग एक साथ खड़े हों और उनकी चिंता सार्वजनिक विमर्श का प्रमुख विषय न बन सके, तब प्रश्न केवल उपेक्षा का नहीं, व्यवस्था की संवेदनशीलता का भी बन जाता है। लोकतंत्र की आत्मा संवाद में होती है। यह विश्वास लंबे समय तक हमारे भीतर रहा कि संख्या बल निर्णयों को प्रभावित करता है, कि शांतिपूर्ण उपस्थिति सत्ता को सोचने पर विवश करती है, कि दूर-दराज़ से आया जनसमूह केवल भीड़ नहीं बल्कि सामाजिक संदेश होता है। लेकिन जब 15 से 20 लाख लोग अपने घरों से दूर, थके हुए, जागी हुई रातों के साथ राजधानी पहुँचें और फिर भी उनकी व्यथा मुख्य विमर्श का हिस्सा न बन पाए, तो चिंता स्वाभाविक है। शिक्षक जब सड़क पर उतरता है, तब वह केवल अपने लिए नहीं उतरता। वह उस व्यवस्था के लिए खड़ा होता है जिसमें आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्मित होना है। उसकी माँगें व्यक्तिगत कम और संस्थागत अधिक होती हैं, क्योंकि शिक्षा का आधार यदि असुरक्षित होगा तो राष्ट्र की बौद्धिक संरचना भी अस्थिर होगी। निराशा शायद शिक्षक के स्वभाव में नहीं होती, क्योंकि वही हर कठिन समय में आशा का पाठ पढ़ाता है। पर चिंता अवश्य है — गहरी, गंभीर और विचारणीय। क्योंकि यदि राष्ट्र निर्माण करने वाला वर्ग बार-बार अपनी बात सुनाने के लिए संघर्षरत रहे, तो यह केवल एक वर्ग की समस्या नहीं रह जाती, यह लोकतांत्रिक संवेदनशीलता की परीक्षा बन जाती है। शिक्षक की आवाज़ धीमी हो सकती है, पर उसका अर्थ बहुत दूर तक जाता है। इतिहास साक्षी है — "जब विचार उपेक्षित होते हैं, तब समय स्वयं उन्हें फिर केंद्र में लाता है।" विपिन बिहारी उपाध्याय @DrDCSHARMAUPPSS @TFI4India @UPPSS1921
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
#NoTetBeforeRteAct अपनी जीविका एवं अपने स्वाभिमान पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों को पीछे छोड़ कर सैकड़ों किमी की यात्रा कर @TFI_India9 की रैली में पहुँचें इन सभी साथियों के मजबूत इरादों 💪को प्रणाम 🙏 @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @dpradhanbjp @jagdambikapalmp @UPPSS1921
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Dr Dinesh Chandra Sharma
Dr Dinesh Chandra Sharma@DrDCSHARMAUPPSS·
Teachers Federation of India के बैनर तले देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लाखों शिक्षकों ने रामलीला मैदान दिल्ली पहुँच कर बता दिया कि शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जायेगा ।रैली में उपस्थित सभी शिक्षकों ने साफ़ कहा कि भर्ती के समय सरकार द्वारा जो भी नियम और योग्यता निर्धारित की उसे अर्जित करने के बाद ही सभी शिक्षक नियुक्ति पाये है ।सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपा जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई इसलिए उसकी सेवा शर्तों की सुरक्षा का दायित्व भी सरकार का है ।फेडरेशन ने माँग की कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के retrospective effect को समाप्त करने के लिये क़ानून बनाए । रैली के मुख्य अतिथि मा सांसद श्री जगदंबिका पाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा हम देश के शिक्षकों की आबाज को देश यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाएँगे और शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जायेगा । हम देश भर से आये सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं । #NoTetBeforeRteAct @narendramodi @jagdambikapalmp @dpradhanbjp @AmitShah @PMOIndia
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