Talatkhantonk Tonk

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@Talatkhant91185

Katılım Eylül 2024
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Haji Nizamuddin Abbasi
Haji Nizamuddin Abbasi@HajiNizamuddin3·
एक भंडारा ऐसा भी, जहां बिना जाति धर्म देखें सबको पेट भर खाना खिलाया जाता है। न मंदिर की दीवार देखी, न मस्जिद का नूर देखा, मदद को जब उठे हाथ, तब इंसान ज़रूर देखा। "मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं"
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ᵐᵗᵠ
ᵐᵗᵠ@55MTQ_·
भूल तो नहीं गए इस शेरनी को, नाम जानते हैं मुस्कान खान।
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Us_militryPower
Us_militryPower@Trumpspoof__·
Do you support president Trump ? Yes 👍 No 👎 Be honest !! 🇺🇲
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Rehan_Idrisi
Rehan_Idrisi@MR_COOL77777·
खान अब्दुल गफ्फार खान अक्सर कहा करते थे “मुसलमान सीने पर गोली खाता है, उसकी पीठ पर एक भी निशान नहीं मिलेगा। ”आज, 06 फरवरी, भारत रत्न से सम्मानित महान स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान का जन्मदिन है। बधाइ 👇दीजिए वो शख्स, जिसने 98 वर्षों की जिंदगी में 35 साल जेल की सलाखों के पीछे बिताए मगर सिर कभी झुकाया नहीं, रास्ता कभी बदला नहीं, और अहिंसा का दामन कभी छोड़ा नहीं। खान अब्दुल गफ्फार खान, जिन्हें दुनिया “सीमांत गांधी” के नाम से जानती है, सिर्फ एक नाम नहीं थे वो एक विचार थे। वो उस मिट्टी के सपूत थे, जहां बंदूक की आवाज़ आम थी, मगर उन्होंने वहीं अहिंसा का बिगुल फूंका। पेशावर और खैबर की धरती पर उन्होंने “खुदाई खिदमतगार” आंदोलन खड़ा किया लाल कुर्ते पहनने वाले वो बहादुर लोग, जिन्होंने हथियार नहीं, हिम्मत और सत्य को अपना अस्त्र बनाया। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उनका संघर्ष सिर्फ राजनीतिक नहीं था वो सामाजिक जागरण भी था। उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाया, समाज सुधार को मिशन बनाया और इंसानियत को मजहब से ऊपर रखा। यही वजह थी कि अंग्रेज सरकार उन्हें सबसे खतरनाक मानती थी क्योंकि वो नफरत नहीं, जागरूकता फैला रहे थे। जेलें बदलीं, सरकारें बदलीं, मुल्क बंट गया मगर गफ्फार खान का उसूल नहीं बदला। भारत के विभाजन का उन्होंने विरोध किया, क्योंकि वो इंसानों को सरहदों में बंटता नहीं देखना चाहते थे। उन्होंने कहा था, “आपने हमें भेड़ियों के हवाले कर दिया।” यह सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं था यह एक टूटे दिल की आवाज़ थी। आज के दौर में जब विचारधाराएं अक्सर नफरत की आग में झुलसती हैं, खान अब्दुल गफ्फार खान की जिंदगी हमें याद दिलाती है कि असली बहादुरी बंदूक उठाने में नहीं, नफरत के सामने खड़े होकर शांति की बात करने में है। भारत ने उन्हें 1987 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से नवाजा यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच का था जो सीमाओं से परे है। 98 साल की जिंदगी। 35 साल जेल में। मगर एक भी दिन सिद्धांतों से समझौता नहीं। आज उनके जन्मदिन पर उन्हें सलाम उस योद्धा को, जिसने साबित किया कि अहिंसा कायरों का रास्ता नहीं, सबसे बड़े दिल वालों का हथियार है। #KhanAbdulGhaffarKhan
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رضوانة رضا
رضوانة رضا@Rizvana_Raza·
Asalamu alaikum सलाम किया है जवाब जरूर देना #GoodMorningX
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Priyanka Meena
Priyanka Meena@MeenaPriya78·
इस के बारे में आपके क्या विचार है,🤔
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𝐇𝐮𝐦𝐚 𝐌𝐞𝐞𝐫✰
अल्लाह पाक का सिस्टम फिजिक्स का मोहताज नहीं है। अज़ाब और सुकून का ताल्लुक़ रूह से होता है और रूह अल्लाह पाक की गिरफ़्त में होती है, चाहे जिस्म कहीं भी हो। अल्लाह हमें अज़ाब ए क़ब्र से महफ़ूज़ रखे और हमारा ख़ात्मा ईमान पर करे। आमीन या इलाही आमीन
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Sadaf Afreen صدف
Sadaf Afreen صدف@s_afreen7·
एक फिलिस्तीनी बच्ची जिसका इलाज मिश्र में चल रहा है, एंजेलीना जोली ने उस बच्ची से मुलाकात की और उसे डिनर के लिए आमंत्रित किया! बच्ची के परिवार को आतंकी इसराइल ने ज़िंदा जलाकर मार डाला था! एंजेलीना जोली एक बेहद बहादुर इंसान है! #Palestine #Gaza
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Dr. Sheetal yadav
Dr. Sheetal yadav@Sheetal2242·
अन्ना हजारे को देखकर आपके दिमाग में पहला विचार क्या आता है??
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