Tausif fatema Mir.....'सबा'
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Tausif fatema Mir.....'सबा'
@TausifRefai
एक मौज-ए-खुश्बू सी फैली है बाग़ में जब फूल बन के कली मुस्कुराई है...#सबा https://t.co/8MDTvp7XXc https://t.co/Y7J2AY44OY





बज़्म काव्यमंच दैनिक प्रतियोगता 🗓️ दिनांक –07/01/2026 ✍️ विषय – कैप्शन चाहे कविता हो, ग़ज़ल हो, लघुकथा हो या मुक्तक बस दिल की धरकनों को कागज़ पर उतरने दीजिए। आज आपकी कलम किसी सीमा में बंधी नहीं है…जिस भाव में मन डूबे, जिस सोच में दिल ठहरे उसे #बज़्म और #बज़्म_काव्यमंच पर अपनी अनोखी पहचान दीजिए। ✍️ 🔗 हमारी कम्युनिटी से जुड़ें:x.com/i/communities/…





'दर' या 'दस्तक' पर कुछ पंक्तियाँ लिखें―या कोई शायरी अथवा गीत के बोल साझा करें।


#बज़्म_काव्य_मंच में आज 31/12/2025 का दैनिक विषय - #अलविदा कवितायें, कहानियाँ, शेर, ग़ज़ल, गीत, नज़्म कुछ भी लिखा जा सकता है ।। #बज़्म 👈 लगाना अनिवार्य है ।।


#बज़्म_काव्य_मंच में आज 29/12/2025 का दैनिक विषय - #कैप्शन कवितायें, कहानियाँ, शेर, ग़ज़ल, गीत, नज़्म कुछ भी लिखा जा सकता है ।। #बज़्म 👈 लगाना अनिवार्य है ।।



#बज़्म_काव्य_मंच में आज 28/12/2025 का दैनिक विषय - #यादें कवितायें, कहानियाँ, शेर, ग़ज़ल, गीत, नज़्म कुछ भी लिखा जा सकता है ।। #बज़्म 👈 लगाना अनिवार्य है ।।







