मैं डॉक्टर तबस्सुम परवीन…
मेरे क्लिनिक में न कोई नारा लगेगा,
न कोई धर्म पूछा जाएगा…
यहां जो भी आए इंसान बनकर आए,
और बिना कुछ बोले भी आए तो चलेगा…
फीस की तो बात ही दूर है,
ज़रूरतमंद आएगा तो दवाई भी फ्री लेकर जाएगा ❤️
हिन्दू हो या मुस्लिम,
मेरे लिए हर मरीज बराबर है…
क्योंकि इलाज का रिश्ता सिर्फ इंसानियत से होता है,
किसी धर्म या नारे से नहीं 🤲
अगर समाज को बेहतर बनाना है,
तो नफरत नहीं, इंसानियत बांटनी होगी 🙏
कुछ गधे आज इस फोटो को पोस्ट करके गर्व महसूस करेंगे जैसे उनके दूसरे बाप का सम्मान बढ़ गया हो
हालांकि असद साहब इन जैसे जाहिलों से और लफ़ंगे फूहड़ समर्थनों से परेशान है।