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Our thoughts create us ,be more productive, positive, creative, expressive & efficient . writer . Born 29th June

Katılım Mayıs 2020
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
Lakshmikant Pyarelal, Rafi, Anand bakshi speak, Jeene ki Raah.
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Utmostforhighest .@Utmost4highest·
@Jasvind18446528 कुछ लोग यूँ ही नहीं आते राहों में, वे अतीत के पन्ने नहीं पलटते— बस थाम लेते हैं हाथ चुपचाप, और सिखाते हैं फिर से चलना। उनकी आहट में छुपा होता है एक वादा, कि अब जो लिखा जाएगा, वो पहले से कहीं ज़्यादा ख़ूबसूरत होगा।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
कुछ लोग जिंदगी में इसलिए नहीं आते की अतीत बदल जाए बल्कि वो इसलिए आते हैं कि भविष्य को दोबारा लिखा जाए....
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@Jasvind18446528 लबों तक आया सच, मैंने #ख़ामोशी में छुपा लिया, कुछ जज़्बात बयान नहीं, बस दिल में बसा लिया। ये हार नहीं थी, रिश्तों का एहतराम था, मैंने खुद को खोकर भी, अपनों को बचा लिया।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
आख़िर में जो लफ़्ज़ होंठों तक आए थे, उन्हें मैंने अपनी ख़ामोशी की तहों में दफ़्न कर दिया क्योंकि कुछ सच, बोले नहीं जाते बस सीने में उम्रभर के लिए अमानत बनकर रह जाते हैं। मैंने चुप रहना चुना, कमज़ोरी से नहीं बल्कि उस मोहब्बत के एहतराम में जिसका नाम घर होता है, [1]
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@Jasvind18446528 बेहद मार्मिक और याद रह जाने वाली रचना ♥️ वो अब तस्वीरों में नहीं, हर साँस की ख़ामोशी में बसती है, मोहब्बत अब दुआ बनकर रह गई है। रंग आज भी वही हैं,पर कैनवास थोड़ा उदास है— क्योंकि जिसे सजाता था,वो अब मेरे पास नहीं है। मगर सच ये है, वो गई नहीं…हर धड़कन में चुपचाप मुस्कुराती है।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
-MasumGudiya♥️-ज़ब उसकी तस्वीर बनाया करता था- -सारा कमरा खुशबुओसे भर जाया करता था- --------परिंदे मुझे बोहत हैरानी से देखा करते थे- -क़े मै आसमानो से रंग चुराकर लाता करता था- -------- -और मुझे उससे इतनी मोह्हबत हो गई थी क़े अब- उसकी तस्वीर बनाकर मै मेरी खुदकी नजर उतरता था ♥️♥️
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@Jasvind18446528 दिल में जो दर्द है, उसे लफ़्ज़ों में नहीं बाँधती, अब हर एहसास यूँ ही किसी पर नहीं लुटाती। हर ज़ख्म को दिल में इज़हार बनाकर रखती हूँ, ख़ामोशी में भी एक तूफ़ान रखती हूँ। जो सच में अपना होगा, वो ठहर जाएगा— अब बाकी सबको वक्त के हवाले करती हूँ… 🔥❤️
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@Jasvind18446528 ज़िंदगी गुज़र रही है रिश्तों की कशमकश में, कभी चुप रहकर देखो, शोर कम हो जाएगा।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
ज़ाया न किया कर अल्फ़ाज़ अपने हर किसी पर, बस ख़ामोश रहकर देखता रह कौन अपना है कौन पराया यहाँ..।।💔♥️
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@Jasvind18446528 महफ़िलों में अब सन्नाटा साथ चलता है, तेरी यादों का साया हर रात मुझसे मिलता है। इंतज़ार की दीवारें थककर गिरती नहीं, दिल हर सुबह तुझको ही ढूंढता है। शायद लौट आओगे किसी मोड़ पर कभी… तन्हाई आदत बन चुकी है यादें… दिल की धड़कन। इंतज़ार में बैठा दिल थक चुका है उम्मीद की लौ बुझी नहीं
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
महफ़िल चाहे जितनी सजा लूं मैं तन्हाई साथ छोड़ती नहीं दिन गुजर जाता है जैसे-तैसे रातों में तेरी यादें पीछा छोड़ती नहीं बजेगी कब शहनाई तेरे नाम की हाथों में मेहंदी अभी तक लगी नहीं कब तलक लौट कर आओगे तुम अब तेरा इंतजार मुझसे होता नहीं ~~~अर्जुन थापा "चिन्तन"
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@Jasvind18446528 दिल ने जितना दिया, उतना कोई दे न सका। और मैं अब भी वहीं खड़ी हूँ, जहाँ तू कभी अपना था।
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@Jasvind18446528 दिल हमेशा हिसाब नहीं मानता।वो थोड़ा ज़्यादा दे बैठता हैऔर फिर उसी ज़्यादती में टूट जाता है। कभी किसी के लिए सब कुछ होते हो,और वही “सब कुछ”एक दिन सिर्फ याद बनकर रह जाता है। सबसे भारी बात ये नहीं कि लोग बदल जाते हैं, बल्कि ये है कि हम उन्हें वैसा ही मानते रहते हैं जैसे वो कभी थे।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
हर किसी को दिल में उतनी ही जगह दो जितनी वो देता हैं..वरना या तो तुम खुद रोओगे या वो तुम्हें रुलाएगा!!! 🌟💫🌹😊👍
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@Jasvind18446528 भुला देने वालों में से हम नहीं, वक्त चाहे कितना भी बदल जाए, यादों को सौदा नहीं बनाते। जो दिल में बस जाए, उसे यूँ ही भीड़ में खो जाने नहीं देते— हम वो हैं जो महसूस करते हैं, और महसूस कराके निभाते हैं।
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@Jasvind18446528 भुला देने की आदत दुनिया की पुरानी है, पर दिल हर याद को अपनी निशानी मानता है। आईना नहीं बदलता, बस चेहरों पर वक्त की परछाई बदल जाती है। जो कभी अपना था, वो आज अजनबी सा लगता है, मगर एहसास अब भी वहीं ठहरा रहता है। ख़ामोशी सब कुछ कह जाती है। बस यूँ ही। खामोश।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
भुला देता है ज़माना भूल जाते हैं लोग कोई नई बात नहीं चाहा था फ़क़त सबसे ज़्यादा जिसे वह आईना भी अब मुझे पहचानता नहीं .
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@Jasvind18446528 याद नहीं आती कभी— पर रातों में आँख भीग जाती है, बिना वजह ये दिल चुपके से तेरा नाम दोहराता है। कहता हूँ खुद से भूल गया हूँ, पर हर धड़कन सच बता जाती है— तू दूर सही, मगर हर पल मेरे अंदर ही रह जाता है। 💔
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@Jasvind18446528 मुद्दतों की ख़ामोशी में भी एक साया रहा, न याद पूरी आई, न भूल पाना हुआ। दिल ने बस इतना सीखा इस दरमियाँ— कुछ रिश्ते रहते हैं, चाहे नाम लेना छूट जाए। भूल जाने की दुआ भी असर ला न सकी, तू गया भी तो जैसे मुझमें ही बसता रहा।💞
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
मुद्दतें गुज़रीं तेरी याद भी आई न हमें और हम भूल गए हों तुम्हें ऐसा भी नहीं 💞
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@Jasvind18446528 Dear Problems… please be gentle for once, I’m already worn from fighting every day. These silent battles are costing too much of me— can I have a little peace… even for a moment?
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@Jasvind18446528 तुम मुझे मिलना मत… वरना मेरी ख़ामोशियाँ भी इज़हार बन जाएँगी और ख्वाब हकीकत बन जाएँगे, जो दूर से सहेजे हैं,और जो छुपा रखा है दिल में, वो बेकरार हो जाएगा। हर चुप धड़कन तुम्हारा नाम पुकारेगी,और मैं… खुद को भूलकर तुम्हें ही चाहने लग जाऊँगी ... हर ख्वाहिश बस तुम पर आकर ठहर जाएगी।
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
तुम मुझे मिलना मत.. वरना मैं क्या चाहूंगा?
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@Jasvind18446528 शायद नाम नहीं… एहसास खास होता है, हर किसी में नहीं मिलता। तुम्हारे नाम में वही एहसास, इसलिए वो सिर्फ तुम पर ही जचता .. नाम तो कई सुने इस दुनिया में, हर मोड़ पर कोई एक सा लगा। पर जब तुम्हारा नाम लबों पे आता , कुछ अलग सा ठहराव जागा। तुम हो खास—हर लफ़्ज़ में बस तुम ही जचता..
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
तुम्हारे नाम के कई लोगो से मिला हूँ में... पर तुम्हारा नाम सिर्फ तुम पर ही अच्छा लगता है मुझे...
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@Jasvind18446528 बिखरे हुए पत्तों सा हाल था मेरा, तुमने समेटा तो लगा कि घर मिल गया। उम्मीद की उस एक मीठी आंच में, मेरा सारा वजूद राख होकर खिल गया। ​प्यार वो बड़ा ही हसीन था, पर अफ़सोस, उस आग में जल गया मेरा यकीन ।
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@Jasvind18446528 जन्नत-जहन्नुम की बहसें दूर कहीं रह जाएँ, बस दिल की खामोशियाँ थोड़ा सा सुकून पाएँ। क़ाज़ी साहब, कोई ऐसा रास्ता बता दें, जहाँ यादें भी मुस्कुराएँ, और आँसू भी थम जाएँ। जीते जी जीना शायद यही तो है— टूटकर भी हर सुबह फिर से सँवर जाना…
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@Jasvind18446528 जन्नत-जहन्नुम के नाम पर क्यों उलझे रहो, जब दिल हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा टूटता ही रहे। क़ाज़ी साहब, कोई राह दिखा दो ऐसी, जहाँ साँस भी भारी न लगे, और दर्द भी कम कहे। जीते जी जीना शायद इतना ही तो है— खुद को खोकर भी, खुद को ढूँढते रहना…
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Jasvinder Pal Singh
Jasvinder Pal Singh@Jasvind18446528·
जन्नत जहान्नुम तो बाद की बात है काजी सहाब, कोई ऐसा तरिका बताए जिससे जीते जी जी सकूं .....
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