V.P.SINGH ZIHOVA

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V.P.SINGH ZIHOVA

V.P.SINGH ZIHOVA

@VPSINGHZIHOVA

M.J.P. Rohilkhand University, Bareilly, Uttar Pradesh, India.

Bareilly, India Katılım Mayıs 2011
789 Takip Edilen45 Takipçiler
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V.P.SINGH ZIHOVA@VPSINGHZIHOVA·
और कर्म के बिना विचार अपंग है। सफलता तभी मिलती है जब योजना और मेहनत दोनों एक साथ सही दिशा में काम करें। 🌿
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असफलता का कारण बनते हैं। 🌿 सफलता का मूल मंत्र : जीवन में सफल होने के लिए एक हाथ में "सोच" और दूसरे हाथ में "कर्म" होना जरूरी है। पहले ठंडे दिमाग से एक मजबूत योजना (Plan) बनाएं, और फिर पूरी ताकत के साथ उसे हकीकत में बदलने के लिए मेहनत (Action) करें। विचार के बिना कर्म अंधा है,
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svicallahganjspn.blogspot.com/2026/05/blog-p… जीवन में दो तरह के लोग असफल होते हैं : एक वो जो सोचते तो बहुत हैं, लेकिन करते कुछ नहीं हैं। और दूसरे वो होते हैं ........ जो करते तो बहुत कुछ हैं, परन्तु सोचते कुछ नहीं हैं।
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यदि कोई हमारी परवाह करता है, तो हमें उसकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। रिश्तों को जीवित रखने के लिए "अपनापन" और "परस्पर कद्र" का होना सबसे जरूरी है। 🌿
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ऐसी स्थिति में लोग सामाजिक दबाव या मजबूरी के कारण केवल नाम के लिए रिश्ते में बंधे रहते हैं। उनके बीच बातचीत तो होती है, लेकिन वह गहराई और आत्मीयता / अपनापन गायब हो जाता है जो किसी भी रिश्ते की असली जान होती है। 🌿
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दूसरा इंसान अक्सर सामने वाले की निरंतर परवाह और उपलब्धता को उसकी मजबूरी या आदत मान लेता है। वह यह भूल जाता है कि सामने वाले को भी उतने ही सम्मान और प्रेम की आवश्यकता है। कद्र न मिलने से रिश्ते की गर्माहट खत्म होने लगती है। 🌿
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