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A Tribal | Social Activist | LLB | Freelance Writer |

Gujarat, India Katılım Temmuz 2022
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भील विनोद N.परमार
आज कल राजस्थान मे इन हिजड़ो ने उत्पात मचाया हुआ है! मजाल है राजस्थान पुलिस प्रशासन इनके खिलाफ कार्यवाही करें! यह लोग लगातार आदिवासी समाज को गाली गलोच कर आदिवासियों को भड़काने की कोशिश कर रहें है! राजस्थान पुलिस महौल खराब होने का इंतजार कर रही है शर्मनाक #sincerão #Viralvideo @RajPoliceHelp
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
क्या आप इन्हें संत मानते हैं ?
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
धर्म जब पाखंड और धंधा बन जाए, तो उसे त्यागना ही समाज और देश की असली भलाई है !
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है, यह केवल समस्याओं को बढ़ाता है !
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Krishna Kumar Yadav
Krishna Kumar Yadav@kkyadava·
रचना और आलोचना की #पत्रिका “वाचन” (संपादक - शहंशाह आलम, पटना) के अप्रैल 2026-मार्च 2027 अंक में मेरी कुछेक कविताएँ। (बदलती कविता, अंडमान के आदिवासी, सभ्यताओं का संघर्ष- कृष्ण कुमार यादव) #poetry #kavita #Hindi #hindiliterature #magazine #KrishnaKumarYadav #कविता #हिंदी
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
असम के आदिवासियों को एसटी का दर्जा नहीं मिलना राष्ट्रीय अन्याय है !
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
जब तक हम ऐसे पाखंडियों को बेनकाब नहीं करेंगे और कानूनी-सामाजिक रूप से जवाबदेह नहीं ठहराएंगे, तब तक अंधविश्वास की यह महामारी देश के तर्कशील भविष्य को खोखला करती रहेगी।
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
अंधविश्वास समाज को कमजोर करता है !
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Kranti Kumar
Kranti Kumar@KraantiKumar·
2020 में पूरा देश कोविड के महामारी के कारण लॉकडाउन से गुजर रहा था. तमिलनाडु के Santhakulum में 60 वर्षीय Jayaraj मोबाइल की दुकान चलाते थे. लॉकडाउन में दुकान को शाम 5 बजे तक जल्दी बंद करने का नियम लागू था. जयराज दुकान को एक दो घंटे ज्यादा खुला रखते थे. इसकी एवज में वहां के पुलिस इंस्पेक्टर ने मुफ्त में मोबाइल फोन मांगा. जयराज ने मोबाइल देने से इंकार कर दिया. पुलिस के जाने के बाद जयराज ने इंस्पेक्टर के बारे में कहा यह भ्रष्ट पुलिस वाला है. यह बात एक ऑटो रिक्शा चालक ने सुन ली. और जाकर पुलिस वालों को बता दिया. इसके बाद पुलिस ने जयराज को उठा लिया. पुलिस स्टेशन ले जाकर बदले की भावना से मारना पीटना शुरू किया. जयराज का बेटा Bennix अपने पिता को बचाने पुलिस स्टेशन आया. पुलिस ने बाप बेटे दोनों को लॉक-आप मे बंद कर बेरहमी से मारा पीटा. मल द्वार में लाठी डंडे घुसा कर टार्चर किया. दीवारों पर खून के छीटें फैल गए. अंडकोश पर भी लाठियों से मारा पीटा. लॉकडाउन में कोर्ट बंद था तो मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के घर में दोनों को लाया गया दोनों चल नही पा रहे थे. खून के रिसाव के कारण कई लुंगी बदलनी पड़ी. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने भी दूर से देखकर दोनों पुलिस कस्टडी में भेज दिया. कुछ दिन बाद बाप बेटे दोनों की मौत हो गयी. 6 साल बाद मदुरै कोर्ट ने माना यह मामला Rarest of Rare का है और 9 पुलिस वालों को मौत की सजा दी. Hang till Death. भारतीय पुलिस बेलागम है, आम आदमी इनके हिंसा का कब तल शिकार होता रहेगा ?
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
राजस्थान के अजमेर में इस टंकी से पानी नहीं, भ्रष्टाचार बह रहा है !
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
गुजरात में बीजेपी दशकों से यूँ ही सत्ता में नहीं बनी हुई है; उसने आने वाली पीढ़ियों को पाखंड और अंधविश्वास में उलझाकर उनकी सोचने समझने की क्षमता को खत्म कर दिया है।
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
महिलाएं इसलिए पीछे नहीं हैं कि “भगवान की मर्ज़ी” है, बल्कि इसलिए क्योंकि समाज ने अंधविश्वास और धर्म के नाम पर उन्हें पीछे रखा है।
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
हम उस देश में रहते हैं, जहाँ गंगा को माँ कहा जाता है, लेकिन वही सबसे ज़्यादा प्रदूषित है। गाय को माँ कहा जाता है, लेकिन उसकी हालत सबसे ज़्यादा खराब है। बेटी को देवी कहा जाता है, लेकिन वही सबसे ज़्यादा असुरक्षित है।
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Pragathi Yadhati
Pragathi Yadhati@PragathiY·
कितना सुंदर! मैं ओडिशा के महेंद्रगिरी पहाड़ों में गई हूँ, जहाँ कुंती, द्रौपदी और पांडव रहे थे। वह जगह बहुत सुंदर और शांत है। मेरा दिल जंगलों में बसता है, और आदिवासी लोगों के साथ भी, क्योंकि वे प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहते हैं। 🌱🌿🌳🌳🌳🌳💚🌳🌳🌳🌳🌿🌱
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ओडिशा के कंधमाल जिले को “ग्रीन हार्ट ऑफ ओडिशा” कहा जाता है, जो घने जंगलों, पहाड़ी भूभाग और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहाँ समुदाय अपनी आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर हैं और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हैं।

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Tribal Army@TribalArmy·
ओडिशा के कंधमाल जिले को “ग्रीन हार्ट ऑफ ओडिशा” कहा जाता है, जो घने जंगलों, पहाड़ी भूभाग और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहाँ समुदाय अपनी आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर हैं और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हैं।
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Tribal Army
Tribal Army@TribalArmy·
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले की भगाबिल्ला वैली, जहाँ घने साल के जंगल और स्थानीय आदिवासी समुदाय का सह-अस्तित्व देखने को मिलता है। यहाँ के समुदाय अपनी आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर हैं, जो प्रकृति और मानव के संतुलित संबंध का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।
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असम के 8 लाख से अधिक चाय बागान मजदूर आज भी अपने हक़ के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देश की 50% चाय उत्पादन करने वाले इन श्रमिकों को सिर्फ ₹280 दैनिक मजदूरी मिल रही हैं। क्या यही न्याय है?
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
देश गलत हाथों में है !
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Hansraj Meena
Hansraj Meena@HansrajMeena·
देश चांद पर पहुंच गया, विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया मगर फिर भी दलितों के लिए सीवर में उतरने के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करा पाया। 2021-2025 के बीच 300+ सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है। पूरे देश में सन्नाटा है क्योंकि मरने वाला दलित है।
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