Vasu Primlani retweetledi

यह खो रहा है हमारा मुल्क । यह हमारी विरासत जहां उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ान साहब और उस्ताद विलायत अली ख़ान साहब मोहे पंघट पे नंदलाल छोड़ गयो रे गाते थे , जहाँ यह पता करना मुश्किल है कि कौन सा सुर मुस्लिम उस्ताद का है और कौन सा सुर हिंदू उस्ताद का ।
संघ ने पूरे देश में ज़हर घोल दिया है सिर्फ़ हिंदू मुस्लिम करके गद्दी पर बैठे हैं ।
कैसे अलग करोगे संगीत को ?
कैसे अलग करोगे ज़ुबान को , भाषाओं को ?
इनमें से एक भी कोई दो जुमले नहीं बोल सकता गुजराती में बग़ैर उर्दू और फ़ारसी के शब्दों का इस्तेमाल किए
क्या क्या निकालोगे ?
हमें इस धरोहर को बचाने के लिए संघ को सत्ता से बाहर निकालना होगा
अपने संविधान को सुरक्षित रखने के लिए संघ को सत्ता से बाहर निकालना होगा
हमें अपने बच्चो के भविष्य के लिए संघ को सत्ता से बाहर निकालना होगा
यह लड़ाई सिर्फ़ राजनैतिक नेताओं और पार्टी की नहीं है
यह लड़ाई आपकी और हमारी है
हर कलाकार की है , हर बुद्धिजीवी की है , हर किसान की है , हर मज़दूर की है , हर महिला की है
घर में मत बैठो
करो या मरो
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