Vishal Mishra

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@Vishal_31dec

Truth ✌️||Engineer||Socialist||Vegan|| Coordinating with Left and Right brain||Love Politics with Zero Political knowledge||

Ram Nagri,अयोध्या Katılım Ekim 2016
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
No weekend on duty.
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
एक वादा किया था इस बच्ची से आपने अखिलेश जी जब शोक संवेदना व्यक्त करने आये थे इस बच्ची की दादी के गुजरने पर! मैं उसका गवाह हूँ! अपनी जुबान से पलटियेगा मत...! @yadavakhilesh
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
जिसको जहाँ फायदा दिखता है अपनों को छोड़ वो दूसरों के हाँथ बिकता है! धोखा धोखा होता है जो देता है उसको मिलता है!!
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
ऐसी ही भीड़ तब भी थी बस फर्क ये था कि हाँथ में फूल माला नही थी! #Ayodhya
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MrBeast
MrBeast@MrBeast·
I’m gonna give 10 random people that repost this and follow me $25,000 for fun (the $250,000 my X video made) I’ll pick the winners in 72 hours
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Ydv_Arvind
Ydv_Arvind@YDV_ARVIND_1919·
सोइ बिजई बिनई गुन सागर, तासु सुजसु त्रैलोक उजागर। प्रभु कीं कृपा भयउ सबु काजू, जन्म हमार सुफल भा आजू....🙏 #अयोध्या_धाम ♥️ #Ayodha #AyodhaRamMandir
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
राम नाम ने डाकू को सन्त बना दिया था! ताकत है इस नाम में दिल से बोलना है बस..! बहुत दिन टेंट में रहे हैं हम लोगों के प्रभु, ये दिन बड़ा है ! न्यायपालिका का धन्यवाद जिसने इस फैसले को सुनाया! @narendramodi जी का धन्यवाद जो इस ऐतिहासिक पल पर देश का नेतृत्व कर रहे और इस दिन को इतना खास बना रहे! जय सियाराम!
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
भतीजा❤️ जय सियाराम🙏
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
यही रात अंतिम यही रात भारी!
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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
पैसा कमाना है कैसे ? ऐसे!
Surya Samajwadi@surya_samajwadi

मेरे शहर में एक कपड़े की दुकान है जिसका नाम प्रज्ञा मिश्रा क्लॉथ हाउस है । इस दुकान पर कपड़े इतने महंगे मिलते है की केवल अमीर लोग ही खरीद सकें उसी दुकान के बगल में एक कपड़े की दुकान और है, इसपर कपड़े इतने सस्ते मिलते है की कोई भी आदमी जाकर खरीद सकता है । लेकिन शहर में किसी से भी कपड़े की अच्छी दुकान पूछो तो वो प्रज्ञा क्लॉथ हाउस ही बताता है जबकि उस दुकान पर केवल अमीरों के लिए कपड़े बिकते है । जानते हो क्यों ? गरीब कभी उस महंगी दुकान पर खरीदने नही गया, अमीरजादो ने जो कह दिया बस उसी बात को मानकर वो आगे बढ़ाने लगा ये कहानी प्रज्ञा मिश्रा के दुकान रूपी यूट्यूब चैनल की है जिसपर केवल राहुल गांधी का गुणगान किया जाता है और हमारे समाज के लोग बिना देखे ही कह देते है की प्रज्ञा मिश्रा बहुत निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकार है ।

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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
बहुत दिन की दूरी होने के बाद जब किसी से प्यार से मिलो तो वो लपक कर मिलना चाहता है! हमने ये 2019 में ही कहा था...
Anil Tiwari@Interceptors

" शुक्रिया मोदी भाई जान " अभियान की शुरुआत आज दो बजे होगी लखनऊ में।

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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
निमंत्रण नही भी आएगा तो भी जाएंगे बाद में जाएंगे! शालीनता और संस्कृति को एक साथ पिरोए हुए सांसद @dimpleyadav जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! विपक्ष में आप ही हैं जिसको प्रधानमंत्री फेस बनाने से फायदा मिलेगा!!
Vishal Mishra@Vishal_31dec

एक दम सधा विनम्रता पूर्ण जवाब! प्रधानमंत्री पद का फेस बनाइए फर्क पड़ेगा!! @yadavakhilesh @dimpleyadav

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Vishal Mishra
Vishal Mishra@Vishal_31dec·
ज्यादा नही पर थोड़ा बहुत मैं भी सुना हूँ अब पता नही सही है या गलत एक वाक्या हुआ था आपकी माता जी हनुमान मंदिर की सीढ़ी से फिसल गई थीं और फिर उन्होंने आपको ऑफिस में शायद डांटा था कि अगर मैं फिसल सकती हूं तो जो रोज जाते हैं वो भी तो गिर सकते हैं। उसके बाद से हनुमान गढ़ी में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति परमानेंट हुई। पता नही सच है कि नही आप रोज उस दिन के बाद हनुमान गढ़ी जाते थे। कृपया पुष्टि करें! 🙏
Surya Pratap Singh IAS Rtd.@suryapsingh_IAS

मित्रों, आप मेरे शुभचिंतक हैं, परामर्श दे रहे हैं या निंदा कर रहे हैं, बहुत बहुत आभार। •कोई मित्र मुझे राज्यसभा दे रहा है, कोई UPSC दे रहा है •कोई BJP जॉइन करने की सलाह दे रहा है। •कोई पुरानी फाइल खुलने, ED,CBI के डर की बात कर रहा है। •कोई पैसे के लालच में फँसने की बात कर रहा है। कोई दुर्भावना नहीं लेकिन मुझे इस सब पर कई बार हंसी आती है और आश्चर्य भी। लेकिन लिखने वालों का भी दोष नहीं क्यों कि वे शायद मुझे अच्छे से जानते नहीं। अगर उपरोक्त पद में से कुछ भी चाहता तो चाटुकारिता करके कभी का पा लिया होता। और इन सब पदों से बड़े पदों पर तो मैं पूर्व में रहा ही हूँ। अपनी प्रशंसा करने से आदमी छोटा लगता है इसलिए आजतक लिखा नहीं। मैंने तीनों उच्च सेवाओं IAS,IPS व IFS पास कीं। ईश्वर की बड़ी कृपा रही है। समय से पूर्व IAS जैसी बड़ी नौकरी सिद्धांतों के ख़ातिर छोड़ दी। बड़े बड़े पदों पर रहा तो अब पद की क्या लालच? मैं TN शेषन का OSD रहा, उनसे बहुत कुछ सीखा कि निष्ठा से कैसे काम किया जाता है। अमेरिका की मशहूर मिशिगन यूनिवर्सिटी से MBA, PhD और फिर CPA किया। 18 किताबें लिखीं। 28 रिसर्च पेपर्स हैं, 6 पेटेंट्स हैं। अमेरिका जैसे देश में इतनी इज्जत मिली और भगवान से मैं क्या माँगूँ। इतने लंबे जीवन में तो मुझे किसी ने डराया नहीं, लालच देने की हिम्मत नहीं हुई तो अब क्या कोई ख़ाक डरायेगा या लालच देगा? योगी सरकार के पूर्व कार्यकाल में मेरे विरुद्ध 8 FIR हुई। मुझे झुकना होता तो तभी झुक जाता। हाँ, उस समय आप मित्रों ने मेरा साथ दिया लेकिन कोई विपक्षी दल मेरे साथ खड़ा दिखाई नहीं दिया। पिछले 9 सालों में विपक्ष को मेरी बातें अच्छी लगती थीं क्यों कि वे उनके पक्ष में थीं और आज बुरा लग रहा कि मैंने सिक्के को थोड़ा TILT कर दूसरा पहल क्यों देख लिया? मैंने अपनी इतनी लंबी नौकरी बिना झुके और बिना बिके, बड़ी शान से की है। जितने ज़िलों में कलेक्टर रहा हूँ, जाकर पूछ लो, अपने बड़े बुजुर्गों से, शायद बता दें। और हाँ, मैं कोई पार्टी जॉइन नहीं करूँगा, ऐसा कभी इरादा भी नहीं। ईश्वर के सिवाय,आज तक किसी से कुछ माँगने नहीं गया तो अब क्या माँगूँगा? लेकिन आपने ही मुझे अच्छा भी बोला है तो बुरा भी मुझे स्वीकार करना होगा, इस लिये आपकी कृतज्ञता। कमियाँ हर इंसान में होती हैं, मेरे में भी हैं, मैं स्वीकार करता हूँ। मैं भी आपकी ही तरह सिक्के का एक ही पहलू देख रहा था और एकतरफ़ा नफ़रत के जाल में फँस गया। राम जी की कृपा से मुक्त हुआ हूँ। कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं, चाहे कोई बड़ा राजनीतिज्ञ ही क्यों न हो। सत्ता के साथ अहंकार आता है, ये सही बात है। आज की राजनीति में सिक्के के दोनों पहलू देखने की ज़रूरत है। सत्ता विरोध में किसी ‘व्यक्ति विशेष’ से नितांत नफ़रत के दलदल में नहीं फँसना है, कुछ पॉजिटिव, चाहे थोड़ा ही सही, उसे भी तो देखना चाहिए। रामभक्ति सांप्रदायिक कैसे हो सकती है? जो अल्लाह या ईशा मसीह को मानते है क्या वे सांप्रदायिक हैं? मैं मानता हूँ कि राजनीति में धर्म नहीं आना चाहिए तो क्या विपक्ष जाति धर्म की राजनीति नहीं करता? जब हमाम में सभी नहाये हैं तो एक पक्ष को दोष क्यों? अंत में फिर से कहूँगा, राम मेरे आराध्य हैं उनकी आलोचना स्वीकार नहीं और अब न राममंदिर की। मैं फ़ैज़ाबाद का कमिश्नर रहा हूँ, अयोध्या की गलियों में घुमा हूँ जो मुझसे बन सका, मैंने किया जैसे फ़ैज़ाबाद बाईपास, गुप्तारघाट का जीर्णोद्धार आदि। उस समय सरकार जैसा बजट देती थी,वैसा किया। रामजन्म भूमि का प्रशासक भी रहा हूँ, कई बार राम जी को बरसात में भीगते देखा है। अंत में मेरी इतनी लंबी बातों को सुनने के लिए आपका पुनः आभार।🙏

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