
Wakesh
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माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अभी एक सवाल पूछा है कि जो शैक्षणिक पिछड़े नहीं है उनका आरक्षण क्यों उस पर इतना हल्ला मच रहा है वास्तव में 15(4) आरक्षण प्राप्त करने की संविधान में पहली ही शर्त है कि वह व्यक्ति शैक्षणिक पिछड़ा होना चाहिए अगर कोई एजुकेशनल बैकवर्ड नहीं है तो वह चाहे खुद को 50 हजार साल का नीच बोले चाहे अपनी अम्मा की 3000 साल या 10000 साल शोषण की कहानी सुनाएं संविधान के अनुसार उसको आरक्षण नहीं मिल सकता क्योंकि भारत का सुप्रीम कोर्ट एक कमजोर संस्था है जो आरक्षण वालों की ज्यादा संख्या से डरता है नहीं तो बहुत पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने उन लोगों का आरक्षण खत्म कर दिया होता जो अब शैक्षणिक अगड़े हो गए अभी भी मुझे पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट कुछ नहीं करेगा और शैक्षणिक अगड़े और उनके बच्चे आरक्षण लेते रहेंगे












12 साल लगे, कांग्रेस के कुकर्मों का इतना बड़ा गड्ढा भरने में!











अगर आप राहुल गांधी जी की तरह घूमने या मस्ती के लिए विदेश जाने की सोच रहे हैं तो एक साल बाद जाइए. ऐसा क्या बिगड़ जाएगा. एक कार में अकेले ट्रैवल करने की जगह मेट्रो और बस आदि से चलिए. सोना खरीदना इस समय टाल सकते हैं तो टाल दीजिए. थोड़े समय की बात है. जहां संभव है, और ऑफिस इजाजत दे रहा है, वहां ऑफिस जाने की जगह घर से काम कीजिए. खाने में ज्यादा तेल सेहत के लिए वैसे भी ठीक नहीं है. थोड़ा कम कीजिए. मोटापा घटेगा. प्रधानमंत्री चार साल से ये बोल रहे हैं. प्राकृतिक खाद का प्रयोग बढ़ाइए. खेत भी बचे रहेंगे. मोदी जी ने इस वैश्विक संकट काल में भी गरीबों और मिडिल क्लास का ध्यान रखा है, ताकि उन पर कोई दबाव न आए. भारत अकेला देश है जहां क्रूड ऑयल बहुत कम है, फिर भी डीजल, पेट्रोल, और घरेलू एलपीजी तथा सीएनजी के दाम बढ़ने से रोका गया है. भारत का पिछले वर्षों का सबसे बड़ा फैसला रेल ट्रैक के बिजलीकरण का था. आज लगभग शत प्रतिशत ट्रैक का बिजलीकरण हो चुका है. हमारा देश फंसेगा नहीं. सोलर का कुल बिजली उत्पादन में हिस्सा 20 परसेंट है. हम भविष्य के ऐसे किसी भी संकट के लिए बेहतर तैयारी कर रहे हैं.















