Sabitlenmiş Tweet
Er Wasim Akram
15.5K posts


@karanydv165 गुंडा कौन भेजा था पहले खान सर ने आत्म रक्षा के लिए फायरिंग करने बोला
हिन्दी

कल यानी 9 जून को पटना विश्वविद्यालय प्रांगण से गांधी मैदान कारगिल चौक तक छात्रों ने आक्रोश मार्च निकाला!
दरअसल कुछ दिनों पहले खान सर और Gyan Bindu के डायरेक्टर रौशन आनंद सर के बीच तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में रौशन सर को बिना कोई ठोस सबूत के पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वहीं दूसरी ओर खान सर घटना स्थल पर मौजूद था और अपने गार्ड को ऑर्डर देकर गोली चलवाया मामला अदालत में पहुंचा और कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी।
इसी को लेकर छात्रों ने रौशन सर के प्रति अपना समर्थन जताया और न्याय की मांग को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
फिर भी कुछ लोग कहते हैं कि कानून सबके लिए बराबर होता है। 🤔


हिन्दी

@AlokChikku गुंडा को पहले भेजा कौन था खान सर या रौशन आनंद अब बताओ गुंडा कौन हुआ
हिन्दी

बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने वाले लोकप्रिय शिक्षक रौशन आनंद आज हम सबके बीच नहीं हैं। उन पर लगाए गए आरोपों के आधार पर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर गोली चलवाने जैसे गंभीर अपराध करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं।
ऐसे समय में, जब प्रतियोगी परीक्षाएँ निकट हैं, हजारों छात्र अपने प्रिय शिक्षक के मार्गदर्शन से वंचित हो गए हैं। इससे विद्यार्थियों के मन में निराशा और चिंता स्वाभाविक है।
लेकिन जो लोग यह सोचते हैं कि किसी व्यक्ति को अस्थायी रूप से रोककर उसके विचारों, उसके ज्ञान और उसके प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है, वे भ्रम में हैं।
अपराधियों को खबर हो कि:-
"सूर्य का अस्तित्व समाप्त नहीं होता".
हमें पूर्ण विश्वास है कि सत्य और न्याय की विजय होगी। हमारे प्रिय रौशन आनंद शीघ्र ही हम सबके बीच लौटेंगे और अपने ज्ञान, परिश्रम तथा प्रेरणा के प्रकाश से एक बार फिर विद्यार्थियों के जीवन को "रौशन" करेंगे।
उड़ान वालों, उड़ानों पर वक़्त भारी है,
परों की अब नहीं, हौसलों की बारी है।
मैं क़तरा होकर तूफ़ानों से जंग लड़ता हूँ,
मुझे बचाना समंदर की ज़िम्मेदारी है।
कोई बताए उसके ग़ुरूर-ए-बेजा को,
वो जंग हमने लड़ी ही नहीं जो हारी है।
दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत,
ये एक चराग़ कई आँधियों पर भारी है।
और हां,
अँधेरा चाहे जितना गहरा हो,
सवेरा होकर रहता है।
रौशन नाम केवल एक व्यक्ति नहीं, एक विचार है और विचारों को कैद नहीं किया जा सकता।
#release_raushan_anand

हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi

क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है? क्या डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से वित्तीय आपातकाल की स्थिति उत्पन्न होने वाली है?
बिहार का वित्तीय संकट इतना गंभीर हो चुका है कि कल बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 𝟐𝟎𝟐𝟔 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 𝟑,𝟔𝟔𝟐 करोड़ रुपए निकालने की स्वीकृति प्रदान की है।
आकस्मिकता निधि का उपयोग सरकार द्वारा किसी भी अप्रत्याशित संकट, प्राकृतिक आपदा या वित्तीय विपत्ति के समय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है।
जिस प्रदेश में अब पेंशन देने के लिए आकस्मिकता निधि का उपयोग होने लगे तो समझ जाइए कि हालात कितने खराब और खतरनाक हो चुके है। 𝟔 महीनों से हम निरंतर कह रहे है और सर्वविदित भी है कि 𝟒-𝟓 महीनों से बिहार में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन संबंधित भुगतान नहीं हो रहा है क्योंकि खजाना खाली है। एक वर्ष से अधिक समय बीतने पर भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ है।
नए प्रॉजेक्ट तो दूर, 𝟐𝟎𝟐𝟑-𝟐𝟒 में स्वीकृत कार्य योजनाओं का अभी तक कार्यारंभ नहीं हुआ है? 𝟐𝟎𝟐𝟓 और 𝟐𝟎𝟐𝟔 में बिना सोचे समझे की गयी घोषणाओं का तो जिक्र ही छोड़ दीजिए। बिजली में भारी कटौती की जा रही है। छात्रवृति का पैसा नहीं दिया जा रहा। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ठप्प है। फंड की कमी के कारण कल कैबिनेट में पूर्व से चली आ रही “बिहार राज्य फ़सल सहायता योजना” को भी बंद कर दिया गया है।
बिहार के वित्तीय हालत चिंताजनक है। नियमित बजटीय प्रावधान (𝐑𝐞𝐠𝐮𝐥𝐚𝐫 𝐁𝐮𝐝𝐠𝐞𝐭𝐚𝐫𝐲 𝐏𝐫𝐨𝐯𝐢𝐬𝐢𝐨𝐧𝐬) की बजाय आकस्मिकता निधि (𝐂𝐨𝐧𝐭𝐢𝐧𝐠𝐞𝐧𝐜𝐲 𝐅𝐮𝐧𝐝) से (𝟑,𝟔𝟔𝟐) तीन हज़ार छ: सौ बासठ करोड़ रुपए की निकासी कर उस निधि से पेंशन देने जैसे निर्णय पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि दशकों से डबल इंजन सरकार होते हुए ऐसी नौबत क्यों आई?
नौसिखिए मुख्यमंत्री को गैर जरूरी मुद्दों को हवा देने की बजाय अविलंब प्रदेश की दयनीय वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित, भयभीत और आशंकित बिहारवासियों को संबोधित करना चाहिए।

हिन्दी

अगर आपके पास पैसा, पावर और नेताओं से नजदीकी हो तो कुछ भी सम्भव है।
एक शिक्षक जो घटना स्थल पर मौजूद भी नहीं था उसपर आरोप लगाकर बिना कोई ठोस जांच के जेल भेज दिया गया।
वहीं दूसरा व्यक्ति घटनास्थल पर उपस्थित होकर गार्ड से गोली चलवाया और आज कोर्ट उनके गिरफ्तारी पर रोक लगा देती है।
फिर भी कुछ लोग कहते हैं कि कानून सबके लिए बराबर होता है।😌


हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi

पटना पुलिस/ बिहार पुलिस से आग्रह है कि जो लोग भी नेता बनने, अपने निजी फायदे के लिए और अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए पटना के दो कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को हिन्दू - मुस्लिम के बीच की लड़ाई दिखाकर / बताकर बिहार के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं वैसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई किया जाए। छात्र-छात्राओं से भी अपील करता हूं कि ऐसे बिहार विरोधी लोगों के बहकावे में नही आइए।
@samrat4bjp @bihar_police @PatnaPolice24x7 @NitishKumar
हिन्दी

@karanydv165 घटना स्थल पे मौजूद होना ये मैने नहीं रखता है गुंडा उसने भेजा था ये मैने रखता है और उसने गोली अपने रक्षा के लिए चलाया था
हिन्दी

अगर आपके पास पैसा, पावर और नेताओं से नजदीकी हो तो कुछ भी सम्भव है।
एक शिक्षक जो घटना स्थल पर मौजूद भी नहीं था उसपर आरोप लगाकर बिना कोई ठोस जांच के जेल भेज दिया गया।
वहीं दूसरा व्यक्ति घटनास्थल पर उपस्थित होकर गार्ड से गोली चलवाया और आज कोर्ट उनके गिरफ्तारी पर रोक लगा देती है।
फिर भी कुछ लोग कहते हैं कि कानून सबके लिए बराबर होता है।😌


हिन्दी

कभी कभी बीबी का सरकारी विभाग में होना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है! फायरिंग मामले में खान सर को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है! फिलहाल उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई है!
इसी के साथ भारतीय न्याय प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है! रोशन आनंद को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेज दिए और khan Sir को गोल गोल घुमाकर बाहर से ही जमानत दे दी! अगर गिरफ्तार करना है तो दोनों को करिए वरना किसी को भी नहीं!
कोर्ट के हिसाब से जानलेवा फायरिंग करना जुर्म नहीं है लेकिन किसी पर झूठा आरोप लगाकर फंसा देना बड़ा जुर्म है! पार्थ यहां जिसकी ऊपर तक पहुंच होती है उसके लिए कानून एक लुका छिपी का खेल होता है!


हिन्दी

@ansarimransr ये लोग एक दिन कुत्ते का मौत मारेगा कुदरत का अज़ाब बहुत ही खतरनाक होता हैं
हिन्दी

@news24tvchannel जब हनुमान चालीसा पड़ रहा था तो खान सर सही लग रहा था और भी बुरा लगने लग
हिन्दी

बिहार : पटना से फरार हुए खान सर, आसपास के ज़िलों में SIT की छापेमारी
◆ छात्रों के बीच लोकप्रियता को लेकर चर्चा में रहने वाले खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर पटना से फरार बताए जा रहे हैं
◆ पुलिस के मुताबिक SIT लगातार छापेमारी कर रहा है, अधिकारियों का कहना है कि फैजल खान की तलाश में पटना और आसपास के जिलों में दबिश दी जा रही है
#Bihar | #KhanSir | Bihar | Khan Sir

हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi

"खान सर इस समय भारी मुसीबत में घिरे हैं, वह एकदम अकेले पड़ चुके हैं। इसके बावजूद भी उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया है।
खान सर का कहना है कि लोग कहते हैं कि कोचिंग बंद कर देंगे। उन्होंने जवाब देते हुए कहा, "आपकी सरकार है,
आपके पास पावर है, नियम-कानून हैं, डीएम-एसपी आपके हैं, आप कोचिंग बंद कर देंगे। लेकिन हम आपसे पूछते हैं कि कोचिंग सेंटर क्या आपने दिया था?
अगर आप बंद कर देंगे तो हम दूसरा खोल लेंगे।"
आपको याद होगा कि खान सर और रौशन आनंद सर के बीच भारी विवाद चल रहा है,
मुझे लगता है कि अब कहीं न कहीं खान सर को फंसाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है।"


हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi
Er Wasim Akram retweetledi

भेड़ चराने वाले रमेश ने खाना पीना छोड़ा,रमेश के 9 बच्चों को फ्री में पढ़ाते हैं ख़ान सर #khansir #viralvideos
हिन्दी

आखिरकार खान सर ने पटना के सिविल कोर्ट में खुद को सरेंडर कर ही दिया और करना ही पड़ता भले से आपका नाम खान सर हो लेकिन
कानून से बड़ा तुर्रम ख़ां कोई नहीं हो सकता।
यही एक ऑप्शन भी था वरना अगर पुलिस ले जाती तो भारी बेइज्जती होती।
फायरिंग मामले में Khan Sir पर हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट में FIR दर्ज था।
खान सर को कल शाम से ही पटना पुलिस गिरफ्तार करने की कोशिश में थी लेकिन छात्रों की भीड़ की वजह से नहीं कर पाई।


हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi
Er Wasim Akram retweetledi

पटना में फायरिंग मामले में खान सर पर FIR के 24 घंटे बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। रातभर पुलिस की 5 गाड़ियां अलग-अलग वक्त पर खान सर की कोचिंग में पहुंची। स्टूडेंट्स भी रातभर कोचिंग के बाहर बैठे रहे। पुलिस गाड़ी से बार-बार अनाउंस करती रही कि हट जाइए, लौट जाइए, लेकिन स्टूडेंट्स रातभर डटे रहे।
हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi

ख़ान सर और रौशन सर की क्या है सच्चाई
कोन लड़वा रहा है
देखे और समझे किसकी साजिश है
बिहार को बदनाम कोन कर रहा है
#khansir #raushansir
हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi
Er Wasim Akram retweetledi

सुनो साधु यादव शहाबुद्दीन तो दूर ओसामा के सामने तुम्हारी ज़ुबान नहीं खुल सकती #osamashahab #sadhuyadav #viralvideos
हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi

सबसे पहले, यह एक पैरोडी अकाउंट है, जिस पर मैं गंभीर मुद्दों और समस्याओं के बारे में आवाज़ उठाने का काम करता हूँ।
यदि किसी को यह लगा हो कि यह अकाउंट वास्तविक है, तो उसके लिए मैं सचमुच क्षमा चाहता हूँ। मैंने अपने बायो में भी स्पष्ट रूप से इसका उल्लेख किया हुआ है।
दूसरी बात, हर व्यक्ति की अपनी सोच, राय और दृष्टिकोण होता है, और आपके विचार तथा तर्क महत्वपूर्ण हैं। लेकिन किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में बिना पूरी जानकारी या जांच के टिप्पणी करना या कल्पनाएँ बनाना भी उचित नहीं है।
मैं केवल इतना ही कहना चाहता हूँ। इसके अलावा, मैं सिर्फ एक छात्र हूँ जो पेपर लीक और परिणामों में हो रही देरी जैसे मुद्दों पर व्यवस्था से सवाल पूछ रहा है।

हिन्दी
Er Wasim Akram retweetledi





