
अनिर्वचनीय आनंद।पूज्य महाराज जी मुख पर वैसी ही सलज्ज मंद मुस्कान है जैसी गुरु वशिष्ठ के मुख पर रही होगी 😂😍🙏।महाराज जी के साथ हम जैसे कोई लखन लाल गए होते तो देते जमकर ऐसा जवाब 😂🙈❤️🙏 "कोउ नहिं उपजे मात पिता बिन अस है जग की नीति, तुम्हरी बिटिया महि ते उपजीं अस हमरी नहिं रीति।”




























