
Musāhib-e-ālā
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Musāhib-e-ālā
@Youngwolf009
अमर्त्यं वीर पुत्र हो, दृढ- प्रतिज्ञ सोंच लो। प्रशस्त पुण्यं पंथ हैं, बढे चलों, बढे चलो॥









Modiji wishing on Phule’s jayanti is nothing new. But the outrage from bhosad and turncoats of RW is new. Goes to show that all this is paid activism. Haven’t seen any CN on Congressi openly asking for 85% reservation and Rohit vemula act

छोटू सिंह रावणा तो बस शतरंज का प्यादा है असली खेल तो पीछे बैठे राजदरबार के अनुभवी खिलाड़ी खेल रहे हैं जिनके लिए आम क्षत्रिय सिर्फ भीड़ है और खुद को वो आज भी ताजधारी समझते हैं राजस्थान के क्षत्रियों का वर्चस्व खत्म नहीं हुआ उसे धीरे धीरे घोंट कर खत्म किया गया और सबसे मज़ेदार बात यह है कि यह काम किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि अपने ही राजपरिवारों ने बड़ी नफ़ासत से किया आज़ादी के बाद जब क्षत्रियों को 51 सीटों का आरक्षण मिलने की बात थी तब असली डर बाहर वालों से नहीं था डर था इन महलों में बैठे लोगों को कि कहीं खेत में हल चलाने वाला क्षत्रिय भी उनके बराबर खड़ा न हो जाए इसलिए अधिकार की थाली खुद ही लात मारकर गिरा दी गई और आज उसी पर विलाप भी नहीं है और अब जब कोई रवींद्र सिंह भाटी जैसा व्यक्ति खड़ा होता है जो दरबार में हाज़िरी लगाने नहीं जाता तो समस्या यह नहीं है कि वह किसी विचारधारा से जुड़ा है समस्या यह है कि वह झुकता नहीं है और यही सबसे बड़ा अपराध है सच तो यह है कि राजपरिवार और क्षत्रिय का रिश्ता अब खून का नहीं स्वार्थ का रह गया है बाहर से एक जैसे दिखते हैं लेकिन अंदर से दो अलग समाज बन चुके हैं एक जो आज भी ताज के सपने देखता है और दूसरा जो अपने हक के लिए लड़ना चाहता है अब फैसला क्षत्रियों को करना है कि वो इतिहास की तस्वीर में फ्रेम बनकर रहेंगे या खुद तस्वीर बनेंगे





Chunav ke samay Samaj ke neta ka juji muh me le ke nachne walo , mere dm me aa mat jana, baki apna jo 2₹ kamana hai unka G chat ke karte raho.

सारण के MP है राजीव प्रताप रूडी, जिनको चुनाव से पहले राजपूताना याद आता है अपना और सांगा यात्रा निकालते है। जीतने के बाद उनको कोई मतलब नहीं इन सब चीज़ो से, सीधे जा कर इंडिगो में पायलट बन जाते है। जैसे मोदी मौसमी हिंदू है वैसे ही रूडी मौसमी राजपूत।

कहने को बिहार प्रदेश में सबसे ज्यादा अगर किसी जाति से विधायक आते हैं, तो वे राजपूत समाज है, कुल 32, मगर किसी का मुंह नहीं खुल रहा है, यही है वास्तविकता जाति के नेताओं की, आम आदमी इनके लिए चूहा बिल्ली जैसा है.. #सारण_रेपिस्टों_को_फांसी_दो #JusticeForRamya








