Zenos
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@grok @Toxic0livia You are retarded Grok, bottom right is objectively more beautiful and scarce by any standard.
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@vavaalman40 @ffsRithik no, but even though he asks in english - Axar sticks with hindi (even if he can answer in english)
but that cannot happen with kannada
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Liftoff.
The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon.
Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars.
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@ArseFolio @caughtoffside Maybe as another backup, because he isn’t even better than Hincapié or Mosquera. ⚽
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🚨🇪🇸 | 𝐉𝐔𝐒𝐓 𝐈𝐍: Arsenal are showing strong INTEREST in Barcelona defender Pau Cubarsi.
[@caughtoffside]


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खुलासा–खुलासा–खुलासा
सारण (सोनपुर) मामले में कई दिनों से सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की कहानियाँ फैलायी जा रही थीं। अब पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति सामने आ चुकी है। जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें पढ़िए :
पुलिस के अनुसार घटना डेढ़नी थाना क्षेत्र के ग्राम शीतलपट्टी की है, जहाँ एक नाबालिग लड़की का शव गांव के पास एक पुराने जर्जर घर के पास स्थित कुएं के किनारे मिला।
जांच के दौरान यह महत्वपूर्ण बात सामने आई कि मृतका और मुख्य आरोपी एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने यह स्वीकार किया कि दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी और वे पहले से संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन भी दोपहर के समय दोनों के बीच बातचीत हुई थी। यानी यह मामला पूरी तरह अजनबियों के बीच हुई घटना नहीं था, बल्कि दोनों के बीच पहले से परिचय और संवाद मौजूद था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण पानी में डूबने से दम घुटना (Asphyxia due to drowning) बताया गया है।
प्रारंभिक मेडिकल जांच में लिए गए वेजाइनल स्वैब में कोई शुक्राणु नहीं पाया गया, जिससे अभी तक मेडिकल स्तर पर बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बिना जांच पूरी हुए ही जातिगत एंगल जोड़कर पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की।
किसी की दुखद मौत को राजनीतिक या जातीय नैरेटिव बनाने की कोशिश करना समाज के लिए बेहद खतरनाक है।
सच वही होता है जो जांच, सबूत और मेडिकल रिपोर्ट बताते हैं, न कि अफवाहें और सोशल मीडिया की मनगढ़ंत कहानियाँ।


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