वृषाकपि

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@_harihardas

अल्हड़! असभ्य! सांप्रदायिक! @vanmaali पौराणिक भारतीय

भारत Katılım Aralık 2019
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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
मेरा व्हाट्सअप "दादा परशुराम" के जयंती की शुभ कामनाओं से भरा पड़ा है। भगवान भार्गव राम को दादा परशुराम कहने वाले ब्राह्मण मित्रों को यही कहना चाहूंगा कि वो वेदादि शास्त्र ,गौ के रक्षक और पालन करने वाले थे। और थारी हरकत इसी है "थारा दादा थारे डोगा मारेगा पिछवाड़े पे।"
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वनमाली
वनमाली@vanmaali·
विक्रमी रूप नूतन अर्जुन-जेता का, आ रहा स्वयं यह परशुराम त्रेता का।
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Vyas
Vyas@da_vyas·
वैशाखस्य सिते पक्षे तृतीयायां पुनर्वसौ। निशायाः प्रथमे यामे रामाख्यः समये हरिः ॥ स्वोच्चगैः षड्ग्रहैर्युक्ते मिथुने राहुसंस्थिते। रेणुकायास्तु यो गर्भादवतीर्णो विभुः स्वयम् ॥
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सुधिर चौधरी®™️
@_harihardas भगवान आदि शंकराचार्य अपने गुरु गोविंदपादाचार्य के साथ केवल एक वर्ष रहे। उस एक वर्ष का ज्ञान आज भी 2500 वर्षो के ज्ञान पर भारी है। सद्गुरु की तो एक कृपादृष्टि पर्याप्त है। मुख्य बात यह है कि गुरु के उपदेशों को अपने जीवन मे किसने उतारा।
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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
गुरुजनों/आचार्यों का समीप्य पाकर जिनको अपना कर्तव्य समझना था अधिकांशतः वो लोग दंभी हो गए। आचार्य की सुलभता, सहजता और क्षमाशीलता को वो स्वयं की श्रेष्ठता समझने लगे। गुरुवचनों से धर्मयुद्ध को तो वो समझ गए पर युद्ध लड़ना किस से है जाति, वर्ण, संप्रदाय, राज्य के आधार पर तय करने लगे।
Hanuman Das@kutumbofshankar

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वनमाली
वनमाली@vanmaali·
मत डरो, सन्त यह मुकुट नहीं माँगेगा, धन के निमित्त यह धर्म नहीं त्यागेगा।
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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
हाँ वही रूप प्रज्वलित विभासित नर का, अंशावतार सम्मिलित विष्णु-शंकर का!
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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
भगवान नर-नारायण, हयग्रीव की अवतार तिथि अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। 🙏
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वनमाली
वनमाली@vanmaali·
जौं तपु करै कुमारि तुम्हारी। भाविउ मेटि सकहिं त्रिपुरारी॥
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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
@404masala मेरे दूध से घी नहीं निकल रहा क्योंकि पंद्रह साल पहले दूधिया दूध में पानी मिलाता था। #लॉजिक
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pani puri masala
pani puri masala@404masala·
Modiji haryana ko target karrhe hai
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
मैं तो अपने कॉलेज के दिनों में भी नारायण शंकर का पक्ष लेता था। इस चक्कर में मेरे एक दोस्त मुझे आज भी कहता है - "आप जीत गए सर" 🤣
Shashi Kant Gangwar@imskg2303

नारायण शंकर क्या चाहता था...? केवल यही ना अनुशासन, परंपरा और प्रतिष्ठा का ध्यान रखते हुए बच्चे गुरुकुल में रहें, पढ़ाई करें और अपने अपने मां बाप का नाम रौशन करते हुए नौकरियां लगकर, सफल होते हुए अपना अपना जीवन यापन करें और इसके विपरीत राज आर्यन क्या चाहता था कि लौंडे किताबों को त्यागकर, प्यार करें, डेटिंग पे जाएं, वेलेंटाइन डे मनाएं और अपनी ऐसी तैसी करवाएं। करियर ओरिएंटेड/ फोकस्ड आदमी को फिल्म के अंत में हराकर प्यार को जितवा दिया. मिल गया तीनों छोकरों को प्यार, मिट्टी में मिल गई पढ़ाई और गड्ढे में चला गया करियर. मै मिलना चाहता हूं इन तीनों से आज, जानना चाहता हूं कि कहां हैं ये लोग और कैसे चला रहे हैं अपना जीवन। अनुशासित गुरुकुल की सिंगल हैंडेडली धनिया बोने वाला राज आर्यन क्या कर रहा है आज? डीन बन गया है क्या वहां का? बच्चों को एडमिशन दिलवाने वाले मा बाप से क्या कहता है कि सर्टिफिकेट के साथ बहू मुफ्त में देंगे...? अरे आग लगे नासपीटों तुम्हारे प्यार को और तुम्हारे इस लौंडेपने को। सबकी मां सिनेमा के इस पटल से मैं सीना ठोककर कहता हूं कि नारायण शंकर स्याना था और बिल्कुल ठीक कहता था। राज आर्यन बदमाश था, बदले के चक्कर में सबके करियर की लंका लगाने आया था, उसने अपनी आधी अधूरी मोहब्बत के चक्कर में उन लड़कों की लुटिया डुबो दी और उसके साथ पूरी फिल्म में भ्रमण करने वाली भूतनी उससे भी अधिक मात्रा में हरा आम जादी थी जो आग में घी का काम करती थी। मानों चाहे ना मानो यही मोहब्बतें का परम सत्य है। झूठे मतलबी लोग 🙄🫤

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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
धर्म पालन या सत्य किसी वैलिडेशन पर निर्भर नहीं है। यहां सोशल मीडिया नरेटिव जीत लेने अगर सत्य का निर्धारण होता तो धर्म की स्थापना के लिए धर्म पालन की आवश्यकता नहीं बस धर्म पर और अधिक बड़ी बड़ी पुस्तकें लिख दी जानी चाहिए। धर्म का युद्ध बस इतना ही है कि हर कोई अपने धर्म में स्थित हो
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वृषाकपि@_harihardas·
वो समझते है कि हम भौतिक रूप से आचार्यों के अधिक समीप है, अधिक सेवा, दर्शन करते है तो जो ये सब नहीं कर पा रहे है उनसे हम बेहतर है, हमें समझ उनसे अधिक है इसलिए हमारी समझ/विचार सब पर थोपेंगे। भगवान/आचार्य सेवा श्रेष्ठों को तो देते ही है पर उनको भी देते है जिनमें सुधार करना हो।
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वृषाकपि
वृषाकपि@_harihardas·
@narayansuta मै तो सच बोलता हूं कटाक्ष अपने आप लग जाता है 🙂‍↕️
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