स्पृहा 🖤

24.3K posts

स्पृहा 🖤 banner
स्पृहा 🖤

स्पृहा 🖤

@_panditain

तुझको जो पाया.... तो जीना आया ❤️

Katılım Nisan 2018
35 Takip Edilen6.2K Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
जीवनसाथी तुम्हारे लिए.....❣️ मैं पागल सी लड़की वो बहुत ही समझदार लड़का है हाँ, यही वो शक़्स है जो मुझपे अपनी जान छिड़कता है मेरा उससे मिलना जैसे कई जन्मों का रिश्ता लगता है बातें वो अलबेली करता है हर पल मेरा ध्यान वो रखता है
हिन्दी
2
10
35
9.5K
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
किसी को भूल जाना ही maturity नहीं होती, कभी-कभी उसे याद रखते हुए भी अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ जाना असली maturity होती है। और अगर किसी की याद आज भी दिल में इज़्ज़त और सुकून छोड़ जाए, तो वो सिर्फ आदत नहीं, सच्चा प्यार होता है। 😊
Shivi Tiwari@ShiwangiTiwar19

किसी को भूल जाना maturity है ya उसे याद रखना सच्चा प्यार?

हिन्दी
0
0
4
189
स्पृहा 🖤 retweetledi
मधुलिका…‘सुकून’
उदासी की छींटे पड़ी हैं …रात यूँ ही काली नहीं है सितारों ने बिखेरे हैं चंद मुस्कुराहटों के रंग मगर टिमटिमाहट उनकी काफ़ी नहीं है चाँद भी लेकर आया है अपनी लालटेन काले बादलों ने मगर उसका दामन छोड़ा नहीं है उदासी की छींटे पड़ी हैं …रात यूँ ही काली नहीं है
मधुलिका…‘सुकून’ tweet media
हिन्दी
21
19
62
1.7K
स्पृहा 🖤 retweetledi
•
@dsha13_·
स्त्रियां बहुत मजबूत होती हैं। यह बात सही है, लेकिन पूरी नहीं। वो मजबूत इसलिए बन जाती हैं, क्योंकि उनके पास कमजोर पड़ने की जगह नहीं होती। थक जाने के बाद भी वो अपने दर्द को जिम्मेदारियों के पीछे छुपा लेती हैं। बच्चे घर परिवार इन सबके बीच उनका अपना दुख कहीं जगह नहीं बना पाता।
हिन्दी
3
26
100
3K
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
असल कड़वा सच ये है कि कुछ पुरुष स्त्री को तब तक “त्याग की मूरत” कहते हैं जब तक वो उनकी इच्छा के अनुसार चले..और जैसे ही वो अपने आत्मसम्मान,परिवार या भविष्य को चुन ले ..उसे स्वार्थी, लालची और बेवफा घोषित कर देते हैं।
हिन्दी
0
0
2
123
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
जिस लड़की ने अपने पिता का सम्मान,अपना भविष्य और घर की ज़िम्मेदारियाँ चुनीं, उसने कोई अपराध नहीं किया, उसने बस वो परिपक्वता दिखाई जो हर किसी में नहीं होती..प्रेम त्यागना आसान नहीं होता लेकिन हर त्याग बेवफाई नहीं कहलाता।
रेत...@nisprah

स्त्री कभी किसी एक पुरुष पर नहीं टिकी, उसके लिए प्रेम सींचने वाला पुरुष वासना, स्वार्थपूर्ति के लिए जुड़ता है और अपूर्ण होता है अंततः उसने प्रेम और भविष्य(धन)में भविष्य चुना और पापा के सम्मान की रक्षा करते हुए प्रेम त्याग दिया पर उसे त्याग की मूरत कहा गया...!!!

हिन्दी
1
0
3
180
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
@nisprah स्त्री कभी किसी एक पुरुष पर नहीं टिकी... यही सोच बताती है कि समस्या स्त्री में नहीं तुम्हारी नजर में है।जिस प्रेम को तुम 'वासना'कह रहे हो उसी प्रेम में पुरुष अपनी असफलता छुपाकर खुद को पीड़ित घोषित कर देता है।
हिन्दी
0
0
1
156
रेत...
रेत...@nisprah·
स्त्री कभी किसी एक पुरुष पर नहीं टिकी, उसके लिए प्रेम सींचने वाला पुरुष वासना, स्वार्थपूर्ति के लिए जुड़ता है और अपूर्ण होता है अंततः उसने प्रेम और भविष्य(धन)में भविष्य चुना और पापा के सम्मान की रक्षा करते हुए प्रेम त्याग दिया पर उसे त्याग की मूरत कहा गया...!!!
हिन्दी
3
27
154
4.5K
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
@nisprah पहली लाइन में ही लिखा है कि पैसा रिश्तों को आसान बनाता है 😊 ज़रूरतें पूरी करने में उसकी बहुत बड़ी भूमिका है इसमें कोई शक नहीं...लेकिन सिर्फ पैसे से रिश्ता टिक जाए, ये हर बार सच नहीं होता...मुश्किल वक्त में साथ, भरोसा और अपनापन भी उतने ही ज़रूरी होते हैं।
हिन्दी
1
0
0
42
रेत...
रेत...@nisprah·
@_panditain कहने के लिए ठीक लगता है कि रिश्ते पैसों से नहीं चलते पर वास्तविकता में माता पिता के बाद के सारे संबंध जरूरत से जुड़ते हैं और जरूरत पैसों से पूरी होती है
हिन्दी
1
0
0
32
रेत...
रेत...@nisprah·
पुरुषों को कमाना बहुत आवश्यक है क्योंकि कमाई से ही उनकी पहचान है, जो पुरुष कमाते नहीं वे संसार में अस्वीकार्य होते हैं...!!!
हिन्दी
6
43
246
5.3K
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
@nisprah पैसा रिश्तों को आसान ज़रूर बना सकता है, लेकिन रिश्ते सिर्फ पैसों से नहीं चलते
हिन्दी
1
0
0
37
रेत...
रेत...@nisprah·
@_panditain पैसें हों तो हर रिश्ता स्वतः ही निभता चला जाता है, पैसा, पैसा ही होता है चाहे जैसे कमाया जाए
हिन्दी
1
0
0
139
Pretty Chauhan
Pretty Chauhan@pretty_sarlin·
If you use your right brain, you’ll see a kitten; if you use your left brain, you’ll see a baby rabbit. What do you see?
Pretty Chauhan tweet media
English
17.4K
844
12.3K
6.2M
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
मुझे अब मरने से डर लगने लगा है। पहले मुझे कभी डर नहीं लगता था, लेकिन जब से मैं माँ बनी हूँ, यह डर मेरे भीतर गहराई से बस गया है। अब हर पल यही ख्याल आता है कि मेरे बाद मेरे बच्चे का क्या होगा… कौन उसे मेरी तरह प्यार करेगा?
हिन्दी
2
1
8
363
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
@nisprah अगर सच में ऐसा होता तो पुरुष भी किसी भी स्त्री से प्रेम कर लेता बिना रंग,रूप और गुण देखे पर हकीकत ये है कि पुरुष भी वहीं खिंचतें हैं जहाँ उनका मन आकर्षित होता है.... प्रेम को सिर्फ स्त्रियों की ‘खोज’ और पुरुषों की ‘सरलता’ तक सीमित करना थोड़ा oversimplified नहीं है?
हिन्दी
1
2
3
183
रेत...
रेत...@nisprah·
स्त्रियां सदा ही प्रेम खोजती हैं जबकि पुरुष प्रेम को स्वयं में उपजा लेता है, स्त्रियां खोजती हुई प्रेम को एक पुरुष से दूसरे तक पहुंचती हैं उन्हें पसंद चाहिए होती है प्रेम में, उनके पास सूंची होती है गुणों की, शर्तों की जबकि पुरुष बस प्रेम करना जानता है किसी एक से...!!!
हिन्दी
3
31
139
4.2K
स्पृहा 🖤
स्पृहा 🖤@_panditain·
@Nimritoff Problem time ki nahi, insaan ki thi… Tumne 10–12 saal galat insaan par invest kiya, aur shayad tumhe iska ehsaas hi der se hua
हिन्दी
0
0
0
58
परिहृत / निमृत
किसी का जाना बुरा नहीं होता है, किसी का अचानक चले जाना बुरा होता है, यदि एक हफ्ते पहले बात हो और ठीक सातवें दिन आपको एक स्टेटस दिखे उसकी शादी का किसी दूसरे स्त्री के साथ एक कैप्शन के साथ "मेड फॉर इच अदर"। ये कैसे हो गया 10 12 साल बर्बाद हो गए मेरे और तुम मेड फॉर इच अदर हो गए।
हिन्दी
21
29
185
9.5K
स्पृहा 🖤 retweetledi
࿗ Anभिज्ञ ࿗
࿗ Anभिज्ञ ࿗@oldmodelbullet·
अगर कभी इश्क पर लिखों तो इतना सस्ता और हल्का कभी न लिखो की हर किसी को लगे ये इश्क तो यूंही मिल जाएगा एक लड़की और एक लड़का बस इतना ही चाहिए दोनों के बीच में कुछ तो हो जाएगा मगर उसे इश्क नहीं कहते इश्क की खासियत यही है की इश्क करने वाले कभी इत्मीनान से नहीं रहते तड़पते है बस पर 😊
हिन्दी
2
5
19
584