Akshay

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@_the_Akshay

Saharsa Katılım Ekim 2017
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Akshay
Akshay@_the_Akshay·
Aandolan on Mithila Rajya At jantar mantar Delhi ❤️ we want separate state at any cost ..Approx ten thousand maithils are there for raise their hands for our demand . #MithilaRajya
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Abhinav Pandey
Abhinav Pandey@Abhinav_Pan·
सारण जिला,बिहार के SSP के कुएँ में भांग पड़ी है?
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Anupam K. Singh
Anupam K. Singh@AnupamNawada·
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वो बच्ची 30 मिनट तक तड़पती रही थी। 'ठाकुर का कुआँ' कविता पढ़ने वाले नहीं बताएँगे कि उस बेटी को मारकर कुएँ में क्यों फेंका गया। अब इस घटना को ऐसे पेश किया जाएगा जैसे ये कोई अपवाद हो। नहीं, ये इस नीलराष्ट्र में सामान्य बनाया जा रहा है। उस बच्ची को पहले भी परेशान किया जाता था, पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की होगी तभी तो नौबत यहाँ तक आन पहुँची। है न? कार्रवाई हुई होती तो आरोपित जेल में होते और ये बच्ची आज जीवित होती। ये युवक गाँव की अन्य लड़कियों से भी छेड़खानी किया करते थे, हिम्मत नहीं हुई पुलिस-प्रशासन की कि इन्हें छुएँ भी। पहले भी धमकी दी थी, लेकिन शिकायत करने पर शायद पीड़ितों पर ही SC-ST एक्ट लग जाता। "अगर कोई बोला तो घर में घुसकर सबको मार डालेंगे" - हत्यारे ने ये स्टेटस लगाया था WhatsApp पर। कहाँ थी पुलिस तब? अब जब मामला सोशल मीडिया में आ गया है तो डैमेज-कंट्रोल की कोशिश की जा रही है लेकिन 3 दिन में न एक नेता न कोई सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित परिवार का दुःख सुनने गया। ये घटना ये भी बताता है कि शोषित-वंचित का जो रट्टा लगाया जाता है, वो झूठ है। लड़की सवर्ण परिवार की थी, लेकिन जलावन लेने के लिए गई थी क्यों परिवार ग़रीब है। खाना बनाने के लिए गैस भी नहीं है घर में। यानी, सिलिंडर तक ख़रीदने की ताक़त नहीं थी, इतने ग़रीब हैं वो लोग। वैसी लड़की जो घर का अंदर-बाहर के कामकाज भी करती थी पढ़ाई के साथ-साथ, वो बचाने की गुहार लगाती हुई चिल्लाती रही लेकिन किसी को सुनाई नहीं दिया। जश्न मनाइए कि बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है, नई सरकार का गठन होने वाला है - 'ठाकुर की बेटी' तो कुएँ में जाती रहेगी।
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Akshay
Akshay@_the_Akshay·
फिर डीएमसीएच वाला कांड होता है तो @BBCHindi वाले माइक लेकर पहुँच जाते हैं अपना बाप बनाने के लिए । यूजीसी वाले प्रकरण के बाद इस घटना का होना महज संयोग नहीं है, इनके मन में जानबुझकर जहर भरा जा रहा है
Ajeet Bharti@ajeetbharti

क्या @narendramodi @samrat4bjp इस घृणित सोच वाले पर कार्रवाई करेंगे? बलात्कार को ‘शुद्धिकरण’ कहा जा रहा है। जब-जब इस स्तर की ‘बदला तो लेगा’ वाली सोच को मंचों से सामान्य बनाया जाएगा, सारन में कोई सवर्ण बच्ची किसी माँझी, पासवान के द्वारा नोची जाती रहेगी।

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Prabhakar Kumar Mishra
Prabhakar Kumar Mishra@PMishra_Journo·
सरकार को कवर देने वाला मीडिया, सरकार के खिलाफ़ आंदोलन कवर कैसे करेगा ? #UGC_RollBack #Media #UGCExposedModi
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Anupam K. Singh
Anupam K. Singh@AnupamNawada·
कथित 'किसान आंदोलन' पूरे 1 वर्ष चला था, अंततः स्वयं प्रधानमंत्री को सामने आकर तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा करनी पड़ी। CAA के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ उपद्रव भी कई दिनों तक चला था, जो अंततः दिल्ली दंगों में तब्दील हुए और हिन्दुओं का नरसंहार हुआ। तब किसी की औक़ात नहीं थी ज्ञान देने की। तब हम जैसे लोग ही थे जो इन उपद्रवों के विरोध में आवाज़ उठा रहे थे, ग्राउंड पर जा रहे थे। आज ज्ञान दिया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा। क्यों नहीं होगा भाई? UGC आंदोलन तो किसान-CAA वाले ड्रामे व हिंसा स्तर का 1% भी नहीं पहुँचा है सड़क पर अबतक।
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
The problem with @narendramodi today is that his team thinks brute force PR will make him trend on this day. However, every single post has majority of comments as negative, asking him on UGC or other issues of the day. This should be visible and they should be in panic because one can buy trend, pay some handles to retweet or post on your behalf, but comments are not in your hands. A simple report, views to comment/like ration analysis says a lot that has missed. Organic comments make it organic. Earlier, people worshipped you, now only IT cell does. Just read a random post and comments. It spells like 'mirror'.
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डॉ रमाकान्त राय
प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति के पश्चिम बंगाल अनुभव को विषय बनाने का प्रयास कर रहे हैं किंतु वह चर्चा में नहीं आ पा रहा। कल #T20WorldCup विश्वकप क्रिकेट का फाइनल है और भारत न्यूजीलैंड से भिड़ेगा लेकिन उसकी चर्चा भी कम है। उधर #IranIsraelWar नैरेटिव वार में बदल रहा है लेकिन सबारि ऊपर मानुष सत्य की तरह अडिग है #UGC_Roll_Back विषय। कल #8March_Ramleela_Maidan ट्रेंड कर रहा है और #8MarchWomensDay भी चलना है लेकिन यूजीसी रेगुलेशन का विरोध सर्वोपरि है। हाउस अरेस्ट वाला प्रकरण अनुचित है।
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
सामान्य वर्ग के योद्धाओं से आग्रह है कि इन पिल्लों को जम कर पेलो। प्रोटेस्ट की न्यूज़ और वीडियो जहाँ से मिले, जितनी बार मिले, एक कमेंट के साथ पोस्ट करते रहो। जब तक बाढ़ नहीं आएगी, इनका घमंड नहीं टूटेगा।
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डॉ रमाकान्त राय
यदि #UGC_Roll_Back अभियान निष्प्रभावी है तो हाउस अरेस्ट क्यों किया जा रहा है! अब तो चित्र भी सोशल मीडिया में आ गए हैं। पुलिस का पहरा चल रहा है। आज #8March_Ramleela_Maidan अभियान पूर्ण हो जाएगा तो यह पुलिसकर्मी घर/द्वार से हट जाएंगे। यह तो सरकार और सामान्य जनता भी समझती है कि यह आंदोलन गांधीवादी मूल्यों के साथ होगा। कोई उपद्रव नहीं जैसा सिखों ने लाल किले पर किया था और कोई ब्लॉक नहीं जैसा शाहीन बाग में था। ऐसा कोई बड़ा आयोजन नहीं जैसा बाबा रामदेव और अन्ना हजारे ने किया था। यूजीसी रेगुलेशन पर कुछ बातें होंगी। एक मंथन कार्यक्रम होगा। कोई दिशा बनी तो ठीक अन्यथा लोग विमर्श के लिए तैयार होंगे। ऐसे शांतिपूर्ण आयोजन से किसे दिक्कत है? क्यों?? आश्चर्य की बात है कि समूचे विपक्ष में से भी कोई आगे आकर नहीं कह रहा है कि हम इसका समर्थन करते हैं। राजनैतिक दलों के लिए यह विषय अस्पृश्यता का है। आज कांग्रेस इसके अक्ष/पक्ष में रहती तो कहते भी कि हां, राजनैतिक प्रोपेगंडा है। युवाओं को हाउस अरेस्ट करना एक निहायत अदूरदर्शी और नासमझी भरा निर्णय है। इस विषय पर सरकारी चुप्पी या टालने वाला भाव अस्वीकार्य है। यह अघोषित आपातकाल जैसे पद को वैधता प्रदान करने वाला है। #UGC_RollBack #UGC_काला_कानून_वापस_लो #USIranWar
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Kumar Shyam
Kumar Shyam@thekumarshyam·
यूजीसी प्रकरण के बाद लग रहा था कि सरकार कुछ करेगी। चूँकि सुप्रीम कोर्ट में सरकार के वकील ने कोई जिरह नहीं की थी तो इसे सरकार के एक सांकेतिक ‘बयान’ के रूप में देखा गया। किंतु सरकार बहादुर ने इस ‘एहसान’ के अतिरिक्त कुछ नहीं किया। बीच में ऐसे मौक़े भी आए जब इस आंदोलन से जुड़ा स्वर पार्श्व में भी चला गया। इस क्षण की नज़ाकत का सदुपयोग कर संशय और चिंता को सुना जा सकता था। सरकार उन नियमों में संशोधन कर सकती थी। नुक़सान तो बहुत हो चुका किंतु मरहम लगाने का प्रयास हो सकता था। दुखद यह है कि ऐसा नहीं हुआ। एक आश्चर्य की बात। हमें लग रहा था कि सरकार इस मामले को दबाना चाहती है। किंतु लग यह रहा है कि सरकार स्वयं इस नाराज़गी को बनाए रखना चाहती है। वरना इससे प्रतिगामी क़दम और क्या हो सकता है कि कल दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले अनेक लोगों को हाउस अरेस्ट में रखा गया है। यानी यह मामला तूल पकड़े और सुर्ख़ियाँ बटोरे? इससे भाजपा को क्या लाभ है? सहजबुद्धि से ही समझा जा सकता है कि इससे भाजपा को ज़रा भी लाभ नहीं। फिर सरकार द्वारा सुनियोजित ढंग से खड़े किए गए इस इश्यू का हासिल क्या है? क्या उत्तरप्रदेश चुनाव के बाद इन रूल्स को वापस लिया जाएगा?
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Anuranjan Jha
Anuranjan Jha@anuranjanj·
UGC के नियमों को दुरुस्त करने की बजाय, उत्तम नगर में युवा तरूण के हत्यारों को सजा दिलाने की जगह, @ajeetbharti को हाउस अरेस्ट कर रहे हैं.. है न गजब. वैसे अजीत ने अकेले धनिया बो दिया है.. बस मिर्ची की ज़रूरत है .. चटनी तैयार … कीजिए #हूंबो_हूंबो
Ajeet Bharti@ajeetbharti

रात्रि के पौने दो बज रहे हैं। मेरे घर पर नोएडा पुलिस के चार अधिकारी हैं। मैं एक बजे तक, साढ़े तीन घंटे लाइव था। वो तीन बार आए पूछने कि मैं कहाँ हूँ। अभी मिल कर आया और बताया कि उनकी उपस्थिति ने मेरी छवि अपनी सोसायटी में एक अपराधी की बना दी है। उन्होंने कहा: पर सर हम तो गुड फेथ में आए हैं। मैंने कहा कि यह बात मैं जानता हूँ, मेरे पड़ोसी नहीं जानते, न ही पूछने आएँगे। मैं एक पत्रकार हूँ जो टीवी पर नहीं आता कि अपने सम्मान पर हो रहे इस चोट को अधिक लोगों तक पहुँचा सकूँ। मैं किसी पार्टी से नहीं, मेरी कोई संस्था नहीं, मेरा कोई आपराधिक इतिहास नहीं परंतु @narendramodi जी ने मुझे दिल्ली बम धमाकों के आतंकियों और उत्तम नगर में तरुण के हत्यारों से बड़ा अपराधी बनवा दिया है। मुझे कल को मकान मालिक इस बात पर निकाल सकता है कि मेरे कारण उसकी प्रॉपर्टी पर पुलिस वाले आ रहे हैं, समाज में उसका नाम खराब होगा। हर छः महीने अब मैं घर ढूँढता रहूँ या इस सतत मानसिक यातना में रहूँ कि कहीं यहाँ से भी न जाना पड़े! पर मैं जानता हूँ कि यह लड़ाई मेरी है और इसमें ऐसे पड़ाव आएँगे। मैं आज सोने जा रहा हूँ तो इस पीड़ा के साथ कि कई आंदोलनकारी दिल्ली पहुँच तो गए हैं, पर उन्हें पता नहीं है कि वो कहाँ जाएँगे, क्या करेंगे। मैं उनसे कहूँगा कि आप रामलीला मैदान या जंतर मंतर जाएँ, पुलिस आपको जैसा कहे, उनकी बात मानें। आप नारेबाजी करें, आप भीड़ में संवैधानिक अधिकार के साथ प्रदर्शन करें। पर हाँ ध्यान रहे कि पतित @BJP4India अब किसी भी स्तर तक गिर सकती है। आपके बीच वो किसी उद्दंड व्यक्ति को भेज कर भड़काऊ नारे लगवा सकती है, बस में आग लगवा सकती है। ऐसे लोगों से बचें। साथ के जितने लोग भी हाउस अरेस्ट में हैं, चाहे वो शेखावत जी हों, आनंद स्वरूप जी हों, यति जी हों, उदिता जी हों, सर्वेश जी हों या अन्य जिनका नाम मैं नहीं जानता, मैं इस विषय पर आपके साथ हूँ। अंत में, एक विचित्र बात। भाजपा के एक मित्र हैं, उन्होंने आठ बजे कहा कि उन्होंने फोन कर दिया है कि दो पुलिसकर्मियों को हटा दिया जाए ताकि मैं ठीक से सो सकूँ। मेरा लाइव आरंभ हुआ और जाते-जाते पुलिसकर्मियों की शिफ्ट बदली। अभी वो दो की जगह चार हो गए हैं, बाहर गाड़ी खड़ी है। शुभरात्रि मोदी जी! जीवन के इस नए अनुभव के लिए आभार।

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Ritika J Chandola
Ritika J Chandola@RitikaChandola·
UGC की गाइडलाइंस के ख़िलाफ़ सवर्णों ने आवाज उठाई और उन्हें हाउस अरेस्ट किया जा रहा है.. सवर्ण उमर ख़ालिद नहीं हैं, शरजील इमाम नहीं हैं.. क्या सवर्णों को विरोध तक करने का अधिकार नहीं है? UGC गाइडलाइंस क्या यूनिवर्सिटी और कैंपस के बाहर भी लागू हो चुकी हैं जहाँ GC अपने पक्ष में कुछ कहने का भी अधिकार नहीं रखता?
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Sushant Sinha
Sushant Sinha@SushantBSinha·
हाउस अरेस्ट करने से लोगों के मन में UGC के नियमों के खिलाफ गुस्सा और निराशा का जो भाव आ चुका है वो ख़त्म हो जाएगा क्या? यूजीसी के नियम अगर ब्लंडर थे तो अब उसके ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने का प्रयास करना महाब्लंडर है। लोग जिनसे इमोशन के साथ जुड़े हैं और उन्हें इमोशन दिखना-समझ आना बंद होने लगे तो समझिए कि दिक्कत बड़ी है बॉस। गजबे है #UGC_RollBack
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Anand Ranganathan
Anand Ranganathan@ARanganathan72·
In this country tens of thousands can attend funerals of terrorists, congregate to call for the breakup of India, block an arterial road for six months, lay siege to a highway for a year, but if @ajeetbharti wants to protest, legally and peacefully, he is put under house arrest.
Anand Ranganathan tweet media
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The Social Scientist
The Social Scientist@socially321·
भाजपा रामलीला मैदान के आयोजन से नहीं भयभीत है। उसे किसी यूट्यूबर, नेता अथवा ट्विटर हैंडल से फर्क नहीं पड़ता और ना ही उनसे वह डरती है.... उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 6-7 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था।
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
14 जनवरी से अगले दस दिन तक @BJP4India ने मीडिया को फोन कर-कर के, यूजीसी पर कोई भी समाचार चलाने से मना किया। पर सोशल मीडिया के कारण, उन्हें इस पर समाचार चलाना ही पड़ा। आज भी मोदी जी की रैली है दिल्ली में। सुबह से कीनिया में बाढ़ के समाचार और ईरान में हो रहे हमले से ले कर इलाहाबाद का रैंडम न्यूज चलाया जा रहा है। यूजीसी पर हो रहे हाउस अरेस्ट पर कुछ नहीं। यही न्यूज चैनल एक मजार तोड़ने पर न्यूज चला लेते हैं, पर आज ये कहाँ हैं? क्या पत्रकारों का हाउस अरेस्ट कोई न्यूज नहीं? या अनिल जी का फोन आ गया कि ये सब मत चलाओ, मोदी जी ₹35,000 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उसकी भूमिका बाँधो? या ये तो नहीं कहा कि रैली में दिव्यांग व्यक्ति मोदी जी की पेंटिंग ले कर आएगा तो वो जरूर दिखाना है कि मोदी जी केयर कर रहे हैं, भीड़ में पहचान रहे हैं? अब ये स्क्रीनशॉट अनिल जी को मत भेज देना कि देखिए क्या-क्या लिख रहा है ये! मेरा यूट्यूब के गैरवामपंथी चैनलों से आग्रह है कि सोशल मीडिया से वीडियो क्लिप लीजिए, और अपने-अपने शो में इस पर बोलिए कि सरकार को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते सवर्ण पसंद नहीं। सवर्णों का केवल टैक्स चाहिए ताकि दलितों के फ्री कोचिंग, हॉस्टल, फी माफी फायनेंस हो सके। सवर्णों का केवल वोट चाहिए और बाकी समय सवर्णों को @narendramodi जी के गार्डन में तैयार बाँस मिलता रहेगा। मेनस्ट्रीम मीडिया के पत्रकारों को कुछ घंटे बाद ये समाचार चलाना ही पड़ेगा। हम चलवाएँगे। और हाँ भाजपा समर्थक मित्रों से, जो कहते थे नंबर एक और दो को छोड़ कर चलो, एक प्रश्न है: अब मैं क्या करूँ? क्या मैं संवैधानिक अधिकार मोदी की झोली में डाल दूँ? सवर्ण एकता जिंदाबाद! फट्टू मोदी सरकार मुर्दाबाद! #March8DelhiChalo #रामलीला_मैदान_चलो
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
हित वचन तूने नहीं माना मैत्री का मूल्य न पहचाना तो ले, मैं भी अब जाता हूँ बहुत-बहुत धन्यवाद @BJP4India! नमन रहेगा @narendramodi यह दिन दिखाने के लिए कि इस राष्ट्र में आतंकवादी सड़क घेर सकते हैं, दंगे कर सकते हैं, फिर वापस प्रदर्शन कर सकते हैं, पर आपकी कायर सरकार को समस्या मेरे जैसों से है। आज मैं अपने घर में कैद हूँ। आज मेरा आना-जाना बंद है। न तो व्यक्ति अमर होता है, न सत्ता! आप लोग कायरों का एक समूह मात्र हैं। आप समाज को बाँटने वाले, डरपोक हो जो ट्रोल बंदरों की एक सेना बिठा कर हमें कलंकित करना चाहते हो। दिल्ली में आए मित्रों का आह्वान करता हूँ कि रामलीला मैदान की ‘मोदी छावनी’ तक पहुँचिए। मोदी ने छावनी बनवाई है तो आप उसी मोदी तक अपने नारों को पहुँचाइए। ये आपके बच्चों को जन्मजात अपराधी बना चुके हैं और आपको आतंकवादी की तरह देखते हैं। आप सवर्ण हैं तो इसका प्रतिकार कीजिए। #March8DelhiChalo
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Akshay
Akshay@_the_Akshay·
@MAITHIL_ANAND1 चलु , एक दु सेर बन्हबे लेबे
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