

Ajay Sah
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@ajaysahspeaks
State Spokesperson - BJP Jharkhand | Teacher | Engineer | Lawyer | Research Scholar | Entrepreneur | Ex Chairman, Child Welfare Committee, Ranchi |








शुभ समाचार। JTET नियमावली को रद्द कर दिया गया है। कई भाषाओं के स्थानीय भाषा की सूची से बाहर होने कारण इसे रद्द किया गया है।अब पलामू,गढ़वा सहित कुछ अन्य जिलों के छात्रों को अनुचित दंड का भागी नहीं होना पड़ेगा। जय हो हेमंत सरकार। @HemantSorenJMM @JmmJharkhand

हिंदू लड़की का 3 मुस्लिम युवकों ने किया रे-प, अब दी जा रही है धमकी…भाजपा ने पीड़ित मेडिकल छात्रा की सुरक्षा की उठाई मांग!



बोकारो जिले के चास थाना प्रभारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अधिकारी द्वारा ही महिला के प्रति बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिर हमारे पुलिस तंत्र को क्या हो गया है? क्या तथाकथित 'कूल' दिखने की होड़ में महिला अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है? क्या आम नागरिक केवल अपमान सहने के लिए है? मैं बार-बार यह कह रहा हूं कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को आम जनता को अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है। @HemantSorenJMM जी, सबको पता है कि सस्पेंड और लाइन हाजिर जैसी कारवाई आँखों में धूल झोंकने के लिए होती है। ऐसे लोग समाज को कलंकित करने का काम कर रहे हैं l इन्हें शह मत दीजिए। @bokaropolice एसपी आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार करें । @jharkhandpolice Video Credit - @JhUpdate


हर रोज़ पत्रवीर महोदय अपना बचा हुआ सम्मान और थोड़ी बहुत मर्यादा दोनों खोते जा रहे हैं। पर वे अपना “मिशन - 11” को जी तोड़ मेहनत कर सार्थक करने में जुटे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने अमर्यादित भाषा इस्तेमाल की — प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया, पदमुक्त कर दिया। इससे भी इन्हें दिक्कत। आख़िर पत्रवीर महोदय चाहते क्या हैं ? अब तो दिल्ली वाले साहब भी इनसे अपना पल्ला झाड़ने लगे हैं -तो चर्चा में रहने के लिए ये रोज़-रोज़ गवर्नर हाउस दौड़ लगाते हैं। बेकार के मुद्दे उठाते हैं, चाय पीते हैं और 2003 के अपने प्रिय डोमिसाइल वाले किस्से सुना-सुनाकर वहाँ भी सबको परेशान करते हैं। भाजपा के आम कार्यकर्ता तो इनसे पहले ही परेशान हो चुके हैं। रोज़ सोचते हैं - ये कब हमारा पीछा छोड़ेंगे ? कार्यकर्ता तो कहते हैं: 100 - 100 नारियल फोड़ेंगे इनके हटने से पर ये मानते कहाँ है। 2019 विधानसभा चुनाव में भाजपा झारखंड में 24 सीटों पर थी फिर केंद्रीय भाजपा के हुक्मरानों ने बाबूलाल जी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर झारखंडियों पर लाद दिया। नतीजा? 2024 चुनाव में 21 सीटें। पिछले 5 सालों में एक उपचुनाव नहीं जीता इन्होंने - पर बातें सीधा प्रधानमंत्री बनने की। अब 2029 के लिए बाबूलाल जी ने ठान लिया है — “भाजपा को शगुन के 11 सीट पर लाकर ही मानेंगे!” कार्यकर्ता चुपके से फुसफुसाते हैं — सर, अगर यही सिलसिला रहा तो अगली बार 5 सीट भी मुश्किल हो जाएंगे। बाबूलाल जी को तो रोज़ - गवर्नर हाउस में चाय… 2003 का डोमिसाइल का किस्सा… और छोटे अधिकारियों को — “मैं एक्सपोज़ कर दूंगा की धमकी देने से फुर्सत नहीं है - पार्टी क्या खाक देखेंगे। “बाबूलाल जी, आप पहले खुद का एजेंडा एक्सपोज़ कर दीजिए कि आखिर आप चाहते क्या हैं ?







