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AJAY
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@IndianOilcl क्यों पब्लिक को बेवकूफ बना रहे हो सरवर आपका चल नहीं रहा है ऑनलाइन बुकिंग हो नहीं रही है फोन कोई आपका उठाता नहीं है ।

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दाल, राजमा, छोले जैसे अनाज एवं सख्त सब्जियों को पकाने से पहले भिगोना एक छोटी-सी आदत है, जो बड़ा फर्क ला सकती है।
इससे खाना जल्दी पकता है और एलपीजी की बचत भी होती है।
छोटी-छोटी समझदारी भरी आदतें अपनाएँ और ऊर्जा बचाने में अपना योगदान दें।
#SaveFuel #SmartCooking #EnergyConservation
#ConserveOilandGas
#LPGConservation
@HardeepSPuri @PetroleumMin @neerajmittalias @secretary_moPNG @ChairmanIOCL @sahneyas
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मुस्लिम ख़लीफ़ा यज़ीद की इस्लामी सेना के मुसलमानों पर भरोसा करना मेरी भूल थी। भरोसा और उदारता इनकी फ़ितरत में नहीं है। इस से अच्छा हिंदुस्तान जा के हिंदू हो जाता और हिंदुओं में रहता। - इमाम हुसैन
Arfa Khanum Sherwani@khanumarfa
“ज़िल्लत की ज़िंदगी से बेहतर है इज़्ज़त की मौत” - इमाम हुसैन
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@SanjayAzadSln जब नेहा तिवारी को नंगा घूमने की बात कर रहे थे नीले कबूतर, तब तू गधे का गोबर खा कर बैठा हुआ था क्या
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देश की राजधानी दिल्ली में थाने के अंदर, पुलिस वालों के सामने AISA की महिला नेता अंजली और नेहा को मां की गाली देते हुए कहा गया, “कपड़े निकाल।” एक बिहार की बेटी, दूसरी उत्तराखंड की — दोनों सवर्ण हैं, लेकिन वंचितों के हक की आवाज उठाना उनका गुनाह हो गया। अगर यह घटना पंजाब या बंगाल में हुई होती, तो गोदी मीडिया चीख रहा होता। लेकिन मोदी राज में इतनी बड़ी घटना पर खामोशी क्यों? बेटी बचाओ का नारा देने वाले मोदी जी कहां छुपे हैं?
#जागो_मोदी_के_गोदी
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ब्राह्मणों तेरी कब्र खुदेगी, BHU की धरती पे…
मुझे कोई ऐसा बोले तो क्या करूँ- छात्र ✊
जो कानून सवर्णों के संरक्षण में होना चाहिए वह खिलाफ लाया गया,वाह रे दोगले मोदी 😠
#UGC_RollBack
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#UGC_काला_कानून_वापस_लो क्योंकि आने वाले समय मे यही होने वाला है वीडियो को अच्छे से देख और सुन लो और शेयर जरुए कर देना
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एक गरीब सामान्य वर्ग का बच्चा—
न कोई खास सरकारी सुविधा,
न छात्रवृत्ति…
सिर्फ़ मेहनत के दम पर अच्छे विश्वविद्यालय में दाख़िला लेता है।
और अगर यूजीसी एक्ट के नाम पर उसका पूरा अकैडमिक करियर एक झटके में खत्म कर दिया जाए…
तो उस पर क्या बीतेगी?
उस दर्द को कौन समझेगा?
देखिए और वीडियो के ज़रिये समझिए कि यूजीसी एक्ट के दुरुपयोग से कैसी घटनाएँ हो सकती हैं 👇👇
#UGC_RollBack
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इस सिख भाई की बाते ध्यान से सुनें। 🙏🏻🙏🏻
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक मु/सलमान अमृतसर के श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेम्पल) के पवित्र सरोवर में वजू और कुल्ला करता हुआ रील बना रहा है... यह हरकत सिखों और हिंदुओं की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने वाली है... पर इसको लेकर SGPC का बयान परेशान करने वाला है, उनका कहना है "दूसरे" मजहब के लोगों से गलती हो जाती है, हम उनके लिए पिकनिक मनाने की अलग जगह बना देंगे"..क्या यही बयान तब भी आता जब आरोपी उस धर्म का होता जो शायद सिख धर्म का सम्मान करने में सबसे आगे रहता है?
आपको याद होगा कुछ दिन पूर्व एक हिंदू लड़की ने ठीक उसी जगह पर योग करते हुए एक वीडियो बनाया था तो उसे लड़की को क/त्ल करने की धमकी दी गई उससे माफी मंगवा उसको गंदी-गंदी गा/लियां दी गई
अब बात करते हैं वीडियो के बैकग्राउंड में चल रहे गाने की जिसके बोल हैं, 'ऐसा जरीखेर है शेरे अली, शेर भी शेर से डरते हैं जी"..शेर यानी सिंह.. सिख धार्मिक स्थल पर किस सिंह से न डरने की बात हो रही है, जरा सोचें?...अगली लाइन है, "छुप छुप के वार करना दिलेरी कहां की है, लगता है तुममें लड़ने की ताकत नहीं रही"... सिख योद्धाओं की रात को हमला करने वाली रणनीति का खौफ आज भी इतना है कि वे भूले नहीं हैं.. खैर, अब इस जाहिल इंसान के इशारों की बात करते हैं, ये गोल्डन टेम्पल के सामने "1 उंगली" (तौहीद) उठाने वाला पोज दे रहा है, यह पोज तब से ज्यादा चर्चा में आया है जब से ISIS के लोगों ने TV पर इसका प्रोपोगंडा करना शुरू किया... वे किसी दूसरे धर्म के भगवानों को इबादत लायक नहीं मानते और का/फिरों के लिए उन्होंने स/जा भी तय कर रखी है...
सिखों और हिंदुओं को अगर अब भी समझ न आये कि उनके आसपास क्या हो रहा है, तो यकीन मानिए इतिहास जल्द आपकी आंखों के सामने होगा और इस बार शायद आप वो दिलेरी न दिखा पाएं जिसकी वजह से आप आज तक अपने धर्म को संभाले रहे।
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सौरभ द्विवेदी के लल्लनटॉप से जाने को लेकर कुछ लोग परेशान और दुखी हैं कि उनके जाने से हिंदी पत्रकारिता को बहुत नुकसान हुआ...
जरा अब ये भी देख लीजिये जब सौरभ दिवेदी लल्लनटॉप के एडिटर बने थे और उनके एडिटर रहते क्या क्या आर्टिकल छपते थे...
वैसे भी लल्लनटॉप और द वायर जैसी तमाम न्यूज एजेंसी हमेशा विवाद में रहते हैं मोदी और देश विरोध सामग्री के लिए...
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