मनोज कुमार

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@aks_asmi

मैं न ब्राह्मण,न वैश्य,न क्षत्रिय और ना ही शुद्र..मैं सिर्फ और सिर्फ हिन्दू हूँ..जाती या वर्ण में नहीं बटूंगा क्योकिं हिंदुत्व ही मेरा धर्म!

india Katılım Haziran 2009
371 Takip Edilen569 Takipçiler
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ocean jain
ocean jain@ocjain4·
दिल्ली में नए मेट्रो स्टेशन के सामान को चोरी करते नजर आए मदरसा छाप जिहादी इन जिहादियों का इलाज जरूरी हैं देश की तरक्की में रोड़ा हैं ये जिहादी
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Devender Yadav (देव)
Devender Yadav (देव)@DevenderYadav_·
AK is Back🔥 हर बार मिडिल क्लास से ही कुर्बानी क्यों मांगी जाती है मोदी जी? मोदी जी और उनके दोस्त कब कुर्बानी देंगे??
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
काश! बिहार के लोग पढ़े लिखे होते तो वहां लौंडा नाच जैसी चीजें नहीं होती, अब कुछ फैक्टचेकर आयेंगे और कहेंगे कि ये वीडियो तमिलनाडु का है और मैं बिहार के बारे में अफवाह उड़ा रहा।
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मनोज कुमार
@18Kishann जो आदमी ख़ुद हिला हुआ हो वो क्या किसी को हिलाएगा
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मनोज कुमार
@Arun2981 अभी बहुत गर्मी है भाई ,अक्टूबर के बाद सोचेंगे ,अभी कोई चुनाव भी तो नहीं है
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Arun Arora
Arun Arora@Arun2981·
Kejriwal ji Ramleela maidan bula raha hai Satyagrah
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Narendra Modi
Narendra Modi@narendramodi·
सोमनाथ से वडोदरा जाते समय यह तस्वीर खींची है… प्रभास पाटन के तट पर सोमनाथ मंदिर श्रद्धा, भक्ति और भारत की सनातन संस्कृति का दिव्य प्रतीक बनकर आज भी अडिग खड़ा है। इस पावन मंदिर ने बर्बर आक्रमणों, विदेशी हमलों और सदियों के चुनौतीपूर्ण कालखंड को पार करते हुए अपनी अमर चेतना को अक्षुण्ण रखा है। सोमनाथ हर भारतीय के लिए शक्ति, साहस और उम्मीद का प्रतीक है। हर हर महादेव!
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Tejashwii Yadav
Tejashwii Yadav@TejashwiYdvRJD·
क्या देश को राहुल गांधी की ज़रूरत है? ○ YES ○ NO फ़ॉलो करें और अपनी राय साफ़-साफ़ शेयर करें।
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ऑपइंडिया
"हम यहाँ रह नहीं पाएंगे, मुसलमानों ने जीना मुश्किल कर दिया है" "13 साल की बच्ची को घर से घसीटकर ले गये और फिर दुष्कर्म किया" असम के बारपेटा के हिंदुओं ने @Anurragmishra को बताई रूह कंपाने वाली सच्चाई
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मनोज कुमार
@ActivistSandeep हम ने कब मना किया है , वीडियो देख कर ही समझ आ रहा है , कांग्रेस किस की पार्टी है ,
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Sandeep Singh
Sandeep Singh@ActivistSandeep·
आंध्रप्रदेश भी कांग्रेस के लिए तैयार है
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Panchjanya
Panchjanya@epanchjanya·
हनुमान मूर्ति की स्थापना पर भड़के कट्टरपंथी मुस्लिम! कट्टरपंथी मुसलमानों ने किया हिन्दुओं और पुलिस पर पथराव। आंध्र प्रदेश के कड़प्पा में हनुमान शोभा यात्रा और 35 फीट ऊंची हनुमान मूर्ति स्थापना के विरोध में अल्मासपेट सर्कल के पास मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं पर पथराव कर दिया।
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मनोज कुमार
@NayakRagini दिक़्क़त समझ आती है कांग्रेस की देश में गौरव के पल को सेलिब्रेट करना भी कांग्रेस को रास नहीं आ रहा
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Dr. Ragini Nayak
Dr. Ragini Nayak@NayakRagini·
मोदी जी, जनता को ‘तेल का त्याग’ वाला प्रवचन दे कर… ये जो आप सोमनाथ ध्वज के ऊपर Fighter Jet उड़वा रहे हैं, ये ‘गौ-मूत्र’ से चलते हैं या ‘नाली की गैस’ से ?
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BJP
BJP@BJP4India·
कांग्रेस राज का वो दौर… जब बिना किसी युद्ध के भी लगती थीं पाबंदियां! कांग्रेस के शासनकाल में सिर्फ सच बोलने पर आवाज दबाने की कोशिश होती थी, लेकिन आज पीएम श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत बदल चुका है… अब देश झुकता नहीं, सच छुपता नहीं और लोकतंत्र डरता नहीं! 🇮🇳
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ताऊ रामफल
जिस पार्टी के मुखिया अपने पिताजी को पार्टी से निकालकर फेंक दें उनसे देश के प्रधानमंत्री के बारे इस से बेहतर जुबान की अपेक्षा भी नहीं की जा सकती। रस्सी जल गई बल नहीं गया। कोई ना जली हुई रस्सी की राख जूतो से धूल में उड़ जाएगी तो बल भी चला जाएगा।
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मनोज कुमार
@ActivistSandeep देश में अभी पाँच राज्यो में चुनाव हुआ , तीन में हिन्दुत्ववादी सरकार बनी और बाक़ी 2में से एक में कांग्रेस ने #मुस्लिम लीग के साथ सरकार बना रही है और दूसरी जगह एक ईसाई जोसफ को दूसरा ईसाई राहुल समर्थन दे रहा है , वैसे रैली में ईसा मसीह की तस्वीर के साथ चलना धर्मनिरपेक्षता ही है ना
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Sandeep Singh
Sandeep Singh@ActivistSandeep·
देश में सात जगह कांग्रेस और उनके गठबंधन की सरकार Himachal Pradesh - INC Kerala - INC Telangana - INC Karnataka - INC Jharkhand - INC + JMM Tamilnadu - INC + TVK Jammu Kashmir - INC + NC
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उम्दा_पंक्तियां
मैं राम पर लिखूं मेरी हिम्मत नहीं है कुछ तुलसी ने बाल्मीकि ने छोड़ा नहीं है कुछ फिर ऐसा कोई ख़ास कलम वर नहीं हूँ मैं लेकिन वतन की ख़ाक से बाहर नहीं हूँ मैं ~ शम्स मीनाई
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उम्दा_पंक्तियां
भरोसा यदि कृष्ण पर हो तो वो केवल कृपा नहीं करते बल्कि सारथी भी बन जाते हैं। ~ राहुल घोष
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AjiHaan
AjiHaan@AjiHaaan·
"सक्षम राष्ट्र संकट आने से पहले अपने समाज को संगठित करना जानते हैं" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को समझने के लिए एक बड़ा फर्क समझना पड़ेगा, Scarcity management और Strategic participation का फर्क। पुराने भारत में जब प्रधानमंत्री जनता से अपील करते थे, तो उसका भाव अक्सर कमी से पैदा होता था। अनाज कम है, विदेशी मुद्रा कम है, संसाधन सीमित हैं, इसलिए नागरिक त्याग करें, एक समय का भोजन छोड़ें, कम खाएं... वह दौर scarcity management का था, जिसमें राज्य जनता से कहता था कि देश के पास पर्याप्त साधन नहीं हैं, इसलिए आप अपनी खपत घटाकर संकट को किसी तरह झेलने में मदद करें। आज मोदी की अपील का भाव उससे बिल्कुल अलग है। यहां संदेश यह नहीं है कि भारत असहाय है, इसलिए जनता कष्ट सहे। संदेश यह है कि भारत मजबूत है, लेकिन दुनिया अस्थिर हो रही है, इसलिए हर नागरिक इस मजबूती को और टिकाऊ बनाने में भागीदार बने। इसीलिए प्रधानमंत्री की स्पीच को West Asia के संकट और Strait of Hormuz की स्थिति से अलग करके नहीं देखा जा सकता। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण chokepoints में से एक है, जहां से वैश्विक तेल का करीब एक चौथाई हिस्सा, साथ ही LNG और फटलिज़ेर्स की बड़ी मात्रा गुजरती है। मौजूदा सैन्य तनाव ने इस रुट पर दबाव बढ़ाया है, shipping flows बाधित हुए हैं और energy markets पर असर पड़ा है। भारत के लिए इसका महत्व और अधिक है, क्योंकि crude oil, gas और fertiliser supply का बड़ा हिस्सा इसी भूगोल से जुड़ा है। जब मोदी public transport, WFH, EV, solar pumps, local products और imported gold में कमी की बात करते हैं, तो वे अलग-अलग उपदेश नहीं दे रहे होते। वे देश को यह समझा रहे होते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमा पर तैनात सैनिक या दिल्ली में बैठी सरकार का विषय नहीं है। एक आम नागरिक की consumption choices भी देश की स्ट्रेटेजिक स्ट्रेंथ को प्रभावित करती हैं। कम fuel consumption का अर्थ है कम oil import pressure कम imported gold का अर्थ है foreign exchange पर कम बोझ solar pump का अर्थ है diesel dependency में कमी EV का अर्थ है long-term energy diversification local products का अर्थ है बाहरी झटकों के समय domestic economy को मजबूत आधार यानी नागरिक का व्यवहार सीधे राष्ट्र की आर्थिक रक्षा-पंक्ति का हिस्सा बन जाता है। यही वह परिवर्तन है जिसे राष्ट्रवादी पाठकों को ठीक से समझना चाहिए। राष्ट्रनिर्माण का पुराना संस्करण कहता था, “देश संकट में है, आप त्याग कीजिए।” नया संस्करण कहता है, “देश सक्षम है, अब आप उसकी क्षमता को multiplied force बनाइए।” पहले नागरिक crisis का बोझ उठाता था, आज नागरिक national resilience का contributor बनता है। पहले अपील का लक्ष्य shortage को manage करना था, आज लक्ष्य shock को absorb करना है। पहले केंद्र में अभाव था, आज केंद्र में preparedness है। और यही फर्क भारत की बदलती आत्मछवि का भी है। जो देश कभी external shocks के सामने असुरक्षित उपभोक्ता की तरह खड़ा रहता था, वह अब अपने नागरिकों को strategic actors की तरह संबोधित कर रहा है। अगर करोड़ों भारतीय थोड़ी-सी fuel demand घटाते हैं, थोड़ा-सा import-heavy consumption रोकते हैं और थोड़ी-सी preference domestic alternatives को देते हैं, तो उसका संचयी असर मामूली नहीं होता। इससे भारत अरबों डॉलर के import burden को कम कर सकता है, rupee पर दबाव हल्का कर सकता है, inflation को नियंत्रित रखने की गुंजाइश बढ़ा सकता है और युद्ध या blockade जैसी परिस्थितियों में अपनी bargaining power सुरक्षित रख सकता है। यह austerity नहीं है, यह distributed national strength है। इसलिए आज की अपील को “कम चलाओ, कम खरीदो” की नैतिक सीख समझना भूल होगी। यह उस भारत की भाषा है जो जनता को प्रजा नहीं, stakeholder मानता है। यह scarcity management से strategic participation की यात्रा है। आज का नागरिक केवल सरकार से सुरक्षा पाने वाला व्यक्ति नहीं है, वह स्वयं भारत की सुरक्षा, स्थिरता और आत्मनिर्भरता की श्रृंखला की एक कड़ी है। मोदी का संदेश मूलतः यही था कि दुनिया अगर अधिक अशांत होने जा रही है, तो भारत की तैयारी केवल तेल भंडार, कूटनीति और नौसेना से नहीं होगी, बल्कि नागरिक अनुशासन, आर्थिक विवेक और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की साझा समझ से भी होगी। डर इसलिए कम था, क्योंकि भारत पहले से अधिक सक्षम है। तैयारी इसलिए अधिक थी, क्योंकि सक्षम राष्ट्र संकट आने से पहले अपने समाज को संगठित करना जानते हैं।
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मनोज कुमार
@iamAKstalin तुम #हिंदी में काहे लिख रहे हो बे , हिंदी से तो तुम्हें नफ़रत है ना , हिंदी तुम्हारी भाषा नहीं है ना
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A.K. Stalin
A.K. Stalin@iamAKstalin·
भारत में इमरजेंसी लग चुकी है, बस केवल घोषणा करने की देरी हैं। मुझे लगता है ये देश को गुलाम बना देगा, इसे गद्दी से जल्द हटाओ !
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Sudarshan छत्तीसगढ़
‘मेरी पत्नी को मुस्लिम लड़का बहलाकर ले गया है, मेरी छोटी सी बच्ची है’ ‘मुझे जान से मारने की धमकी मिल रही है, मुझे बचा लो’ कहते पुलिस और हिंदुओं से प्रार्थना करता रहा युवक फिर भी किसी ने नहीं लिया मामले को गंभीरता से अब मिली पीड़ित हिंदू की चोटिल अवस्था में लाश सरगुजा, छत्तीसगढ़ का दर्दनाक मामला #Hindu
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