EVM vs बैलेट पेपर की राजनीति का चेहरा बन गया है सोलापुर का मारकड़वाड़ी गांव। 3 दिसंबर को यहां वोटिंग के लिए गांव वालों ने गांव में बाकायदा बड़ा सा तंबू लगाया था । बैलेट बॉक्स मंगाया गया था । गुप्त मतदान के लिए अलग से टेबल भी लगा था । गांव के कुछ लोग पोलिंग अधिकारी बनकर टेबल पर बैठ भी चुके थे । सौ दो सौ लोग वोटिंग के लिए पहुंच चुके थे।
लेकिन दो सौ से ज्यादा पुलिसवालों ने उस दिन गांव में वोटिंग नहीं होने दी। ये गांव महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में पड़ता है। इस घटना के बाद राजनीति का केंद्र बन हुआ है ये गांव। नेताओं का आना जाना लगा हुआ है। बड़े बड़े लोग गांव को केस स्टडी मानकर evm से वोटिंग का विरोध कर रहे हैं। बैलट पेपर की वापसी चाहते हैं।
असल में कहानी ये है कि मारकड़वाड़ी गांव पड़ता है महाराष्ट्र के मालशिरस विधानसभा क्षेत्र में । इस सीट से शरद पवार की एनसीपी के उम्मीदवार उत्तम राव जानकर की जीत हुई है ।
विधानसभा चुनाव में एनसीपी एस के उत्तम राव को 1 लाख 21 हजार 713 वोट मिले। जबकि बीजेपी के राम सातपुते को 1 लाख 8 हजार 566 वोट। एनसीपी एस का उम्मीदवार 13 हजार 147 वोट से चुनाव जीत गया। लेकिन मारकड़वाड़ी गांव के बूथ पर एनसीपी से ज्यादा वोट बीजेपी उम्मीदवार को मिले हैं । गांव वालों का दावा है कि यहां ज्यादा समर्थक एमवीए के हैं तो फिर बीजेपी को ज्यादा वोट कैसे मिले।
ऐसा दावा है कि मारकड़वाड़ी गांव के बूथ पर करीब 2 हजार 476 वोटर हैं । 1905 लोगों ने 20 नवंबर को वोट डाले । 23 नवंबर को जब गिनती हुई तब इस बूथ पर बीजेपी को 1 हजार 3 और एनसीपी एस को 843 वोट मिले थे ।
क्या वाकई में बीजेपी को वोट देने वाले इस गांव में ज्यादा हैं। या कोई हेराफेरी हुई है।
इसी दावे की पुष्टि के लिए गांव वाले बैलट से वोटिंग करवा रहे थे । लेकिन पुलिस ने रोक दिया । बाद में उस दिन शाम को विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला। अब विपक्ष के नेता गांव का दौरा कर रहे हैं।
अब ये गांव पॉलिटिकल टूरिज्म का केंद्र बनने वाला है।
केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव की गिनती भाजपा में परदे के पीछे रहकर कार्य करने वाले प्रमुख रणनीतिकारों में होती है। महाराष्ट्र में बतौर प्रभारी लगातार दूसरी बार चुनाव प्रबंधन की कमान संभाल रहे भूपेन्द्र जी से बीते दिनों उनके मुंबई वॉर रूम में भेंट हुई। महाराष्ट्र में कैसे माइक्रोमैनेजमेंट से बीजेपी चुनाव लड़ रही है, उनसे समझने का मौक़ा मिला। जब पिछले साल मध्य प्रदेश में राजनीतिक पंडित भाजपा की हार की भविष्यवाणी कर रहे थे, तब उनके प्रभारी रहते रेकॉर्ड 163 सीटों के साथ पार्टी सत्ता बरकरार रखने में सफल रही थी। मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र भी जिता ले गए तो यकीनन पार्टी में क़द बढ़ जाएगा
@byadavbjp
बिहारी बाबू 🙏🚩
200 फॉलोवर्स निश्चित रूप से बढ़ाएं,
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1 रीपोस्ट करें
2 रीपोस्ट लिस्ट खोलकर सभी को फोलो करें
3 अगले 2 घंटे में सभी को फॉलोबैक करें
4 कमेंट में हैंडल जरूर लिखें नही तो फॉलो बैक नही मिलेगा।
@she17257