Sabitlenmiş Tweet
The Ambedkarite
8.2K posts

The Ambedkarite
@ambedkarite
Educate, Agitate and Organize.
India Katılım Eylül 2018
299 Takip Edilen11.7K Takipçiler
The Ambedkarite retweetledi

@Prksh_Ambedkar @Shailen40840272 @MukeshMohannn सरकार दलित और बहुजन पत्रकारों के परेशान करने में लगी है। बहुत गलत है।
हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi

आज मैने आंबेडकरवादी यूट्यूबर @MukeshMohannn से फोन पर बात की। मुकेश ने हाल ही में कारवां मैगज़ीन के एक आर्टिकल पर एक वीडियो बनाया था। जिसमें BJP के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बीफ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी के बारे में बताया गया था। इससे गुस्साए मंत्री नितिन गडकरी ने मुकेश मोहन को 50 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया।
सरकार के खिलाफ बोलने वालों को धमकाना और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने की घटनाएं पूरे देश में शुरु हैं। हम सरकार कि निंदा करते हैं। और हम सब मुकेश मोहन के साथ खडे हैं।
#StandWithMukeshMohan

हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi
The Ambedkarite retweetledi

ऐसे जातिवादी मानसिकता के शिक्षकों की वजह से ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जातीय भेदभाव होता है।
जो लोग कहते अब कहाँ जातिवाद है वो इस वीडियो को देख ले।
#Casteism #CasteCensus #CasteMatters #UGCRegulations2026
हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi
The Ambedkarite retweetledi
The Ambedkarite retweetledi

UGC लागू करने के लिए देश भर में दलित पिछड़े
समाज के लोग और छात्र छात्राएं प्रदर्शन कर रहे हैं,
लेकिन देश का मनुवादी मीडिया इसको नहीं रिपोर्ट कर रहा है,
मीडिया अब नहीं कहेगा कि देश भर में गुस्सा है,
जिस चीज का विरोध ब्राम्हण करते हैं,
मीडिया उसे देशव्यापी विरोध करता है,
जो बात ब्राम्हण हित के खिलाफ होती है
मनुवादी मीडिया उस बात का विरोध करता है,
सवर्ण पत्रकार दलित, पिछड़ों को भारत नहीं मानते हैं,




हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi
The Ambedkarite retweetledi

देश में 131 दलित–आदिवासी सांसद हैं
और लगभग 200 के करीब OBC सांसद हैं
फिर भी बहुजन समाज के
हक़–अधिकारों पर सन्नाटा क्यों?
क्योंकि ज़ंजीर पैरों में नहीं,
दिमाग़ में डाल दी गई है।
आज भी बहुजन नेतृत्व
मानसिक गुलामी से बाहर नहीं आ पा रहा,
और सत्ता के गलियारों में
दूसरों की सोच के अनुसार चल रहा है।
नेताओं से एक सवाल है—
अगर बहुजन की आवाज़ नहीं बन सकते,
तो सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार भी नहीं।
अब वक्त है
मानसिक गुलामी तोड़ने का
वरना इतिहास याद रखेगा—
मौका मिला था, पर आवाज़ नहीं उठाई।
🔥 बहुजन जागो, बहुजन जगाओ 🔥
📍पटना (बिहार)
@ObcArmyInd
हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi
The Ambedkarite retweetledi

आज दीपक है
कल अश्विनी सोनी होगा
परसों आपका नम्बर भी हो सकता है।
इन नफरती तत्वों के खिलाफ बोलना और डटकर खड़ा रहना होगा।
इसीलिए आज चुप ना रहें।
#IStandWithDeepak


हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi

"ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ो सब सम बसै, रविदास रहे प्रसन्न"
बेगमपुरा एक ऐसा स्थान जँहा ऊंच नीच न हो, विभेद न हो, किसी का अपमान न हो, किसी प्रकार से अन्य के मानव अधिकार को न हड़पा जाए।
यह संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का Length लक्ष्य था।
आज सभी जगह गुरु रविदास जी की शोभायात्रा विशाल रूप से निकाली जा रही है। कल गुरु रविदास जी का जन्मोत्सव है।
सभी को बधाई।
विकास कुमार जाटव।
हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi
The Ambedkarite retweetledi

स्कॉलर रोहित वेमुला को न्याय नहीं मिला. फ़ाइल रफ़ा-दफ़ा कर सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया.
आज रोहित वेमुला जीवित होते तो संभवत IIT में प्रोफेसर होते या किसी मल्टीनेशनल कंपनी में शीर्ष पद पर कार्यरत होते.
डॉ. पायल ताड़वी आज जीवित होतीं तो MD डॉक्टर होतीं. पायल ताड़वी को भी अब तक न्याय नहीं मिला.
छह महीने पहले महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने पायल ताड़वी मामले में Special Public Prosecutor प्रदीप घराट को हटा दिया, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई.
UGC के नए कानून में भी न्याय मिलने वाला नहीं था. दरअसल सवर्ण यह बात जानते थे, लेकिन वे चाहते थे कि उन पर OBC SC ST उत्पीड़न का आरोप भी न लग सके.


हिन्दी
The Ambedkarite retweetledi

ठाकुर-पंडित जीते नहीं हैं।
अन्याय, जातिगत गाली और भेदभाव का लाइसेंस एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से पास कराया गया है।
ये फैसला न्याय की जीत नहीं, सिस्टम की जातीय हकीकत है।
उच्चतम न्यायालय में जब बेंच पर पंडित जज—जस्टिस सूर्यकांत हों, तो कमजोर तबकों के हक़ पर कैंची चलना कोई संयोग नहीं।
ये फैसला बताता है कानून बराबर है, न्याय नहीं।
और जब तक न्यायपालिका में सामाजिक प्रतिनिधित्व नहीं होगा, तब तक अन्याय को वैधता मिलती रहेगी।


हिन्दी













