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Amit 🇮🇳
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Amit 🇮🇳
@amit_sainik
MetFor Network Co-founder Satirist, Storyteller, Networker IIT,NIFFT, @earthcraft26 l अहं अभियन्ताः मुझे समझने में आपको टाइम और मेहनत लगेगा l
Raipur, India Katılım Haziran 2009
1.1K Takip Edilen11K Takipçiler

@NotS0_SlimShady @ParamjeetBerwal @RaajveerSingh89 @imancit @kuchnahinaata @kkmkb212 @TheAnuDagar @mrkpunjabi Looking forward
Best wishes
I'm ready with 🍷 in audience
Raipur, India 🇮🇳 English

Idgaf if nobody accepts the invitation I'm proposing a Space anyway.
Invited speakers:
@ParamjeetBerwal
@RaajveerSingh89
@imancit
Param bhai & Raajveer bhai ,feel free to call 1-2 Sikh brothers from your side.
@kuchnahinaata
@kkmkb212
@TheAnuDagar
@mrkpunjabi
Rules:
- No profanity
- No "tu tadaak"
- Everyone gets equal time (we'll rotate turns smoothly)
Host & co-host can be decided mutually by all of us.
Who's in? Let's talk civilly and sort things out.
English

@TheNavroopSingh Completely Agree
Even I want to fill this, window time only 15 to 20 days, I think
I forget, but really want it's should be open... what's logic For not open..yet to understand
Raipur, India 🇮🇳 English

SIR process done. Helped literally 7 people in my circle to trace their name in Electoral Rolls of 2002 and complete forms. I still dont get why is self enumeration in census closed. Why not allow it people to fill online. Saves time & effort. Delhi window for self enumeration in census was open for 15 days till May 15th ! Why is it closed no logic in this technological age. !
English
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उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा की स्थिति लगातार ख़राब होती जा रही है।
• 2022 विधानसभा चुनाव में जाट बाहुल्य सीटों पर सपा का गठबंधन जयंत चौधरी की RLD के साथ था, लेकिन अब RLD का NDA गठबंधन में शामिल हो जाना सपा के लिए पश्चिमी यूपी में सबसे बड़ी कमजोरी बन गया है।
• ठीक इसी तरह 2022 में अतिपिछड़ा वोट साधने वाले नेता ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा (SBSP) भी अब NDA खेमे में लौट चुकी है। इससे पूर्वांचल में सपा गहरी चोट आएगी।
• तीसरे गठबंधन कांग्रेस के साथ भी सपा की सीट शेयरिंग पर खींचतान जारी है, कांग्रेस यूपी में अपनी औक़ात से अधिक यानी 150 से अधिक सीटों (लगभग 42 प्रतिशत हिस्सेदारी) की मांग कर रही है, जबकि सपा उन्हें 40 सीटों के भीतर ही सीमित रखना चाहती है।
हाल ही में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के तीखे बयानों के बाद दोनों दलों के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस बढ़ा है।
• UP में 1,62,000 पोलिंग बूथ हैं। भाजपा के पास हर बूथ के लिए एक 'बूथ कमेटी' 11-15 सदस्य तो है ही, साथ ही मतदाता सूची के प्रत्येक पन्ने के लिए एक 'पन्ना प्रमुख' है.
इस प्रकार अकेले यूपी के ग्राउंड पर भाजपा के पास लगभग 60 लाख से 70 लाख समर्पित "पन्ना प्रमुख" और कार्यकर्ता सक्रिय रहते हैं.
इसके मुकाबले, सपा का ढांचा केवल 'बूथ अध्यक्ष' और कुछ स्थानीय वालेंटियर्स तक ही सीमित है. सपा के पास प्रति पन्ना माइक्रो-मैनेजमेंट करने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या भाजपा के मुकाबले 10% भी नहीं है।
• उत्तर प्रदेश का नागरिक आज भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश यादव के शासन के दिन याद कर के सिहर जाता है, और इधर योगी जी ने ना सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी कानून व्यवस्था में मजबूत विश्वास जगाया है।
• PDA की घोषणा करके सपा ने अपने सवर्ण वोट बैंक को एकदम से किनारे कर दिया है, सवर्ण नेता जो सपा में हैं वो क्षेत्र में जा रहे हैं तो लोग उन्हें दुत्कार रहे हैं, उधर भाजपा की सवर्ण समाज में पैठ पहले जैसी ही मजबूत हैं।
• सपा के PDA में गैर-यादव पिछड़ी जातियां जैसे मौर्य, शाक्य, सैनी, लोध और गैर-जाटव दलित का विश्वास कभी बन ही नहीं पाता, वहीं भाजपा का ये अब मजबूत वोट बन चुके हैं।
• उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, राम मंदिर, सनातन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुद्दों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मजबूत छवि के सामने अखिलेश यादव हिंदुत्व के मोर्चे पर विफल तो हैं ही उनका मुस्लिम प्रेम भी उनके खिलाफ जाता है।
#ArvindInsightsOnUP
हिन्दी

@immortalsoulin
Thanks For Mutual Following 🙏
आप लोग बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं,
सदैव मेरा सहयोग आप के साथ है l
महादेव की कृपा सदैव आप पर बनी रहे l

Raipur, India 🇮🇳 हिन्दी

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जनवरी 1947 में संघ की ओर से लाहौर में हिन्दू नेताओं की एक बैठक बुलायी गई थी, जिसमें पंजाब मन्त्रीमण्डल के कई हिन्दू मन्त्री भी उपस्थित थे। उनमें कुछ कांग्रेसी भी थे।
इस बैठक में चौधरी छोटूराम ने कहा था- "जब तक यूनियनिस्ट पार्टी की सरकार है, विभाजन नहीं हो सकता। लेकिन मुझे खतरा एक ही बात का है कि कहीं कांग्रेस ही मुस्लिम लीग के आगे घुटने न टेक दं।" (देखें, इसी ग्रन्थ का अध्याय - 'विश्वामित्र पुष्करणा')
उस समय पंजाब में खिजर हयात के नेतृत्व में संयुक्त सरकार थी और उसमें यूनियनिस्ट पार्टी, कांग्रेस और अकाली दल शामिल थे।
चौधरी छोटूराम रोहतक के थे और यूनियनिस्ट पार्टी के एक प्रभावशाली मन्त्री थे। यह बैठक सीमा प्रान्त के हरिपुर-हजारा में जनवरी में ही हुए भीषण हिन्दू-नरमेध के बाद हुई थी। वहाँ यह नरमेध 21 दिसम्बर 1946 से आरम्भ हो कर 1947 के जनवरी मध्य तक चला था।
चौधरी छोटूराम की आशंका ठीक निकली और फरवरी में ही वसन्तराव ओक को यह सूचना मिल गई कि कांग्रेस घुटने टेकने जा रही है।
इसी कारण संघ से श्रीगुरुजी व बालासाहब देवरस का पंजाब दौरा हुआ और इस दौरे के दौरान ही पंजाब के अनेक स्थानों पर मुस्लिम-दंगे शुरू हो गए। जिन्हें श्रीगुरुजी व बालासाहब ने भी प्रत्यक्ष देखा।
मार्च मास में हुए पंजाब के दंगों में सबसे भीषण दंगा रावलपिण्डी का था। वहाँ मुसलमानों द्वारा क्रूरता व नृशंसता का नंगा नाच किया जा रहा था।
उसी समय लाहौर के प्रमुख संघ कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई। यह बैठक प्रान्त प्रचारक माधवराव मुले ने ली थी। सभी कार्यकर्ता काफी उद्वेलित थे।
कार्यकर्त्ताओं ने कहा-"माधवराव जी, ऐसा कैसे चलेगा? आज रावलपिण्डी में हुआ है, कल स्यालकोट में होगा, परसों लाहौर में होगा। क्या हम हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहेंगे और यह सब सहन करते रहेंगे? हमारे पास तो कुछ है भी नहीं कि हम आत्म-रक्षा भी कर सकें?"
माधवराव जी ने सबकी बातें शान्तिपूर्वक सुनीं और फिर बोले-"अरे भाई, यह मत कहो कि हमारे पास कुछ नहीं है। हमारे पास कैडर (कार्यकर्त्ताओं की टीम) है, और इस कैडर के बल पर हम सब प्रकार के साधनों की व्यवस्था एक सप्ताह में कर सकते हैं।"
यह आत्म-विश्वास भरा उत्तर किसी योग्य सेनापति के मुख से ही निकल सकता था, जो शून्य में से सृष्टि निर्माण का संकल्प लिए हो। निश्चय ही माधवराव मुले आगे के पूरे विभाजन-काल में पंजाब हिन्दू समाज के एक योग्य सेनापति सिद्ध हुए।
इसके बाद उसी बैठक में उन्होंने बीस कार्यकर्ताओं को शाखा कार्य से मुक्त कर दिया और उन्हें भिन्न-भिन्न कार्य सौंपे। कई तरह के कार्यों के लिए अलग-अलग विभाग बनाए और हर विभाग का एक-एक प्रमुख निश्चित कर दिया।
जो विभाग बनाए, उनमें से कुछ थे- गुप्तचर विभाग, शस्त्र-संग्रह विभाग, वाहन विभाग, प्रतिरक्षा विभाग, मैडिकल विभाग, शव दाह विभाग, धन-संग्रह विभाग आदि आदि। (देखें अध्याय - 'विश्वामित्र पुष्करणा')
यह बैठक श्रीगुरुजी के लाहौर से चले जाने के तुरन्त बाद किसी दिन हुई और उसी दिन से कार्यकर्ताओं ने उसका क्रियान्वयन भी शुरु कर दिया।
कृष्णानन्द सागर
विभाजनकालीं भारत के साक्षी
विभाजन से पूर्व और पश्चात का प्रामाणिक दस्तावेज
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Zero Poverty UP: 5.94 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर, योगी सरकार ने 4.25 लाख गरीब परिवारों को योजनाओं से किया संतृप्त
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उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन का नया मॉडल—
न केवल सहायता, बल्कि हर वंचित परिवार का योजना-संतृप्तिकरण + कौशल + रोजगार + स्वरोजगार।
अब तक 4,25,101 चिन्हित अत्यंत गरीब परिवारों—लगभग 34%— को पात्र योजनाओं से पूर्णतः जोड़ा गया है।


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I'm going to organise space on
RVS Mani Podcast with Smita Prakash
@Maruvaniraj1 आप बना देना जब सुविधा हो
Raipur, India 🇮🇳

@DEVIKA12327912 Anyone watch RVS Mani podcast with ANI Smita Prakash ji
Must watch
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Current #WestAsiaCrisis is entering its most dangerous phase:
1. The USA has started attacking civilian infrastructure in Iran.
2. Iran, for the first time in response to the USA attack, carried out its first wave of attacks on Qatar and Oman (both were involved in negotiations).
3. Iran officially announced closure of the SoH, and Trump has announced 20% tariffs on shipping crossing the SoH or the Gulf of Oman.
4. Yemen attacked airports and oil facilities in Saudi Arabia. In response, Saudi Arabia conducted airstrikes on Sana airport and other military facilities and bases of the Houthis.
5. Saudi Arabia attacked Sana Airport just before an Iran Air plane carrying an Iranian delegation was to land. This will escalate the Saudi vs Houthis conflict into a larger Saudi vs Iran conflict and a Shia vs Sunni conflict in the Middle East.
6. There is a high chance that the Houthis will block the Bab al-Mandab Strait in the coming hours or days.
7. Oil prices have crossed $80 per barrel. If things do not improve, they will cross $90 per barrel in the coming days.
8. The only happy people seeing this crisis escalate are Israel, the Trump family and friends trading through insider information, and Trump oil cronies who want oil prices above $80 per barrel, which makes American oil feasible for the world market.
9. The whole world will see a recession and an energy crisis if this continues, and its ripple effects will be felt in all other sectors.
10. India is in a perfect storm-like situation. With high oil and gas prices, El Niño is causing high rainfall deficits in many states, which will badly affect the agriculture sector, rural India and food security programs, further increasing inflation and lowering GDP growth.
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