
Mahabharata में सकास का ज़िक्र युद्ध के संदर्भ में है, लेकिन अभीर क्षेत्र पर उनका सीधा शासन नहीं था। अभीरों को शूद्र कहना गलत है—वे पशुपालक थे, और बाद में शासक बने, जैसा कि 181 CE के गुंडा शिलालेख में अभीर रुद्रभूति को सेनापति बताया गया है। समकालीन स्रोतों में सकास और अभीरों का गठबंधन दिखता है, पर अभीर ही मुख्य शासक थे।



































