I am a kind of person
Who's always in their room
So introvert,
No friends,
Enjoying own company ,
You called it self-obsessed, yes I am.
A bit psychopath,
when it comes to trusting anybody.
Model-like figure
yet dressing like beggars
I am just not normal.
लाखों हैं यहाँ भीड़ में समझाने वाले,
ना है यहाँ एक आँखों से समझने वाले।
बातें तो बहुत सी हैं, पर बतानी क्या है,
जनाब, किताब तो मेरी खुली रखी है, पर कहानी क्या है?
अनिरुद्ध सिंह राजपूत
जिनको समझा था हीरे-मोती समान,
निकले वो लायक नहीं कहलाने इंसान।
कभी जो समझे थे साथी, वही आज पराए,
चमकती सूरत के पीछे, सच्चाई छिपाए।
कौन अपना, कौन पराया, ये कैसे समझें?
हर रिश्ता यहाँ बस मतलब से ही तौले जाए।
अनिरुद्ध सिंह राजपूत