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यह पुस्तक जाति जनगणना के सामाजिक, राजनीतिक एवं संवैधानिक पक्षों का गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करती है। डॉ. लक्ष्मण यादव ने जाति को केवल पहचान नहीं, बल्कि सामूहिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया है
@DrLaxman_Yadav
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@JaikyYadav16

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