Sabitlenmiş Tweet

एक बच्चा रोज अपने दादा जी को शाम की पूजा करते देखता था और मन ही मन वही सब करने की इच्छा रखता था?
लेकिन दादा जी की मौजूदगी में उसे मौका नहीं मिलता था?
एक दिन दादा जी देर से आने वाले थे तो बच्चे ने मौका पाकर खुद ही पूजा शुरू कर दी?
वह पूरे मन से अगरबत्ती जलाकर भगवान के सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो गया?
दादा जी चुपचाप दीवार के पीछे खड़े होकर उसे देखने लगे?
बच्चा बोला भगवान जी प्रणाम मेरे दादा जी को स्वस्थ रखना और दादी के घुटनों का दर्द ठीक कर देना क्योंकि अगर उन्हें कुछ हो गया तो मुझे चॉकलेट कौन देगा?
फिर बोला मेरे दोस्तों को अच्छा रखना नहीं तो मेरे साथ कौन खेलेगा?
फिर मम्मी पापा को भी ठीक रखना और हमारे कुत्ते को भी क्योंकि वह घर की रखवाली करता है?
थोड़ी देर रुककर वह बोला एक बात और भगवान जी आप बुरा मत मानना पहले आप अपना ध्यान रखना क्योंकि आपको कुछ हो गया तो हम सबका क्या होगा?
यह सुनकर दादा जी की आंखों में आंसू आ गए क्योंकि इतनी सच्ची और मासूम प्रार्थना उन्होंने पहले कभी न देखी थी और न सुनी थी?


हिन्दी



























