मुख्यमंत्री ममता दीदी के साथ मारपीट और धक्का मुक्की की गयी।
भवानीपुर में ममता दीदी काउंटिंग सेंटर पर करीब 5 घंटे रहीं।
बाहर आकर उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे अंदर धक्का दिया और पीटा गया।
This is wrong, it constitutes harassment of girls and also poses a security concern for them when traveling alone. Therefore, the police should take strict action regarding this matter.
#Horrific In Singrauli, Madhya Pradesh, a tribal youth from the Baiga community was brutally assaulted in public. His land had been forcibly occupied, and when he protested against the encroachment, he was subjected to severe violence.
@IPSinghSp@AshwiniVaishnaw तुम जूते से पिलने चाहिए और जलूस निकलना चाहिए। कम से कम 5 साल की सजा होनी चाहिए।आप लोग की वजह से हम भी बदनाम होते है विदेशो में। ये सिविक्स नही है।
राष्ट्र की संपत्ति को छति पहुँचा रहे मनबढ़ गुंडों की कायदे से इलाज जरूरी है जिससे आगे कोई ऐसी हिम्मत न जुटा सके।
GRP इनका पता लगाये जो काम बहुत आसान है उसके बाद इलाज करे।
@AshwiniVaishnaw
यूपी के बहराइच से आया यह वीडियो भाजपा सत्ता की व्यवस्था पर बेहद गंभीर प्रश्न है, एक महिला चीख चीख कर न्याय मांग रही है, कह रही है कि मेरे पास पैसा नहीं है, तो क्या मुझे न्याय नहीं मिलेगा?
यह वक्तव्य भाजपा सरकार में रिश्वतखोरी दलाली भ्रष्टाचार दर्शा रहा है, भाजपा सरकार बेहद शर्मनाक और भ्रष्टाचारी है, भाजपा सरकार में किसी को न्याय नहीं मिलता।
महिला सुरक्षा और सम्मान के दावे और वायदे करने वाले भाजपाइयों के गाल पर ये वीडियो करारा तमाचा है।
👉🏾 ऐसे वीडियो वीडियो देखकर प्रतीत होता कि गरीब होना अभिशाप है, जहां बसे वहां से लाठियां मारकर भगाया जा रहा है। उन्हें अर्तन बर्तन समान भी नहीं उठाने दिया जा रहा।
👉🏾 यह दृश्य बीते कल 02/05/2026 का प्रयागराज के मुट्ठीगंज थाना अंतर्गत गऊघाट के पास का है, जहां अचानक पहुंची पुलिस ने महिलाओं पर लाठीचार्ज कर दिया।
👉🏾 पुलिस के अनुसार यह लोग बाहरी हैं, जो रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे, पहले भी इन्हें जमीन खाली करने के लिए कहा गया था लेकिन नहीं खाली किये तो शान्ति पूर्ण ठंग से खाली कराया गया।
👉🏾 अब आप देख सकते हैं पुलिस कैसे शांतिपूर्ण, ढंग से इन महिलाओं को हटाया जा रहा है, भारतीय पहनावा, घूंघट ओढे यह महिलाएं बाहरी हैं। पूंजीपतियों को एक रुपये हजारों एकड़ जमीन लीज पर दी जा रही है और भूमिहीन गरीबों को सर छुपाने के लिए दो गज जमीन और एक आवास तक नहीं दिया जा रहा।
उत्तर प्रदेश में यादव, मौर्य, विश्वकर्मा, पटेल, कुशवाहा, कन्नौजिया, जाटव, प्रजापति, पासी, निषाद, या सीधे कहें तो PDA समाज पर लगातार अत्याचार हो रहा है।
यह मामला सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु विधानसभा का है जहां 24 तारीख को यादव समाज के लड़के संदीप यादव को वर्चस्ववादियों के इशारे पर कुछ दबंगों ने बुरी तरह मार कर घायल कर दिए।
जिसकी मृत्यु लखनऊ में इलाज के दौरान हो गई लेकिन जानकारी के अनुसार अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई।
गांव वाशियो और पीड़ितों का आरोप है कि वहां के BJP विधायक के इशारे पर मामले को दबाया जा रहा है।
क्योंकि अत्याचार करने वाले BJP के लोग हैं, और पीड़ित तथा आक्रोशित जनता का आरोप है कि SHO ने 5 लाख लेकर मामले को दबा रहा है जो कि आप वीडियो में भी सुन रहे सकते हैं।
न्याय मिलने की उम्मीद कम है और यह हालात देखकर मुझे लगता है अब उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।
आप सब इस मामले को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा प्रशासन शासन पर दबाव बनाए।
सबको न्याय मिलना चाहिए।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली में एक असहाय आदिवासी आदमी को भद्दी भद्दी गालियाँ देकर बुरी तरह से पीटने का यह वीडियो मानवता को शर्मसार करता है
आदिवासियों की ज़मीन छीनने के साथ ही साथ उनके साथ खुलेआम जानवरों से भी बदतर व्यवहार हो रहा है
डबल इंजन सरकार में यह बर्बरता हो रही है और BJP में सुई टपक सन्नाटा है
इन दरिंदों को पुलिस, प्रशासन, सरकार किसी का डर क्यों नहीं है?
कितना दुखद है कि आदिवासियों के साथ हमारे देश में यह अराजकता तब हो रही है जब हमारी महामहिम राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से हैं - लेकिन दुर्भाग्य से वह बिल्कुल मौन हैं
📍 सिंगरौली, मप्र
NDA के मंत्री कह रहे
“अरे मार दिया तो मार दिया ,कौन सा बड़ा बात हो गया, आपको तो कोई नहीं मार देता ना”
बेशर्मों की फ़ौज है NDA में!
ग़रीब-पिछड़ा मरने के लिए पैदा हुआ है और इनका पूरा खानदान मंत्री-विधायक बनने?
कम से कम जिनका बेटा मरा उनके आँसू देख कर अपना मुँह बंद रखते!
छी!
ओडिशा की ये घटना मानवता को शर्मसार करती है।
जीतू मुंडा को अपनी बहन का कंकाल कंधे पर लादकर बैंक जाने को मजबूर होना पड़ा।
जीतू की बहन के खाते में 19,300 रुपए थे, जिसे निकालने जीतू जब ग्रामीण बैंक पहुंचे तो उनसे कहा गया- अपनी मरी हुई बहन को लेकर आओ। साथ ही तमाम कागजात मांगे गए। ऐसे में मजबूर होकर जीतू ने ये कदम उठाया।
जिस देश में सरकार अमीरों का 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज चुटकियों में माफ करती है, उस देश में जीतू जैसे गरीबों को 19 हजार रुपए के लिए इस कदर परेशान किया जाता है।
ये घटना देश के असल हालात को बताती है। वो हालात- जहां गरीबों की सुनवाई नहीं है। सिस्टम पूरी तरह से अमीरों के कब्जे में है।
भाजपा शासन में एक भाई अपनी बहन की लाख क़ब्र से निकालकर बैंक ले जा रहा है ताकि बहन के मृत होने का प्रमाण दे सके.
ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने का प्रमाण दो.
सर्टिफिकेट बनवाना गरीब जीतू के लिए पहाड़ चढ़ने सा था, उन्होंने आसान रास्ता चुना.
जीतू ने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और कंधे पर कंकाल को लादकर बैंक पहुंच गए. इस दौरान जीतू 5 किलोमीटर ऐसे ही चलते रहे. रास्ते में जिसने भी ये देखा, वो स्तब्ध रह गया.
सोचिए.. अपने देश में ये है गरीबी का हाल, 19,300 रुपए के लिए लोग ऐसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं.
फिर आएंगे न्यूज एंकर जो चिल्लाएंगे कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं... सॉरी, अब तो छठवीं अर्थव्यवस्था हो गए हैं.
ये है असल भारत
ये बहुत तकलीफदेह तस्वीर है
ये घटना दिखाती है, सिस्टम आज भी, आम लोगों के लिए कितना क्रूर हो सकता है
आम लोग, गरीब लोग, कितनी पीड़ा सहते हैं उसकी हम और आप शायद सही-सही कल्पना भी नहीं कर सकते
सरकार में ऊंची कुर्सी पर बैठे लोगों को अभी बहुत काम करने की जरूरत है, लेकिन सबसे पहले उन्हें घटना की जिम्मेदारी लेनी होगी
इस बुजुर्ग शख्स से माफी मांगनी होगी
ओडिशा के इस व्यक्ति की बहन की मौत हो गई थी, लेकिन डेथ सर्टिफिकेट नहीं बन सका... बैंक ने बहन के खाते में जमा करीब 19 हजार रुपये देने से मना कर दिया...
आखिर में ये सबूत के तौर पर, बहन की डेड बॉडी, कब्र से निकालकर बैंक पहुंचे... क्योंकि इन्हें और कोई रास्ता समझ नहीं आया...