
@sumitamisra आदरणीय मैडम जी, आपने बिल्कुल सही बात कही है और ये सब हम अक्सर थानों मैं फॅमिली कोर्ट मैं देखते है जहां चरित्र और शक्ति भी बेगुनाहों को एक तरफ़ा उनके जिवन पर थोप दी जाती है जहां झूट बोलने का पूरा संरक्षण भी फुल सपोर्ट से मिलता है आपके जैसा उच्च विचारधारा कहीं और कभी नहीं मिल सकती
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