(सरल मानव )easy human
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(सरल मानव )easy human
@being_an00
जो व्यक्ति अपने मन को नहीं नियंत्रण कर सकता है उसका मन उसके लिए दुश्मन की भाती काम करता है 👇 एक दूसरे को फॉलो करे फॉलोबैक १००% दिया जाएगा🙏🙏🙏
India Katılım Ağustos 2024
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नाम- अशोक खरात
पता - महाराष्ट्र के नासिक से हैं
पहचान- एक कथित ज्योतिषी स्वयंभू बाबा
काम- "महाराष्ट्र की जैफरी एपस्टीन फाइल" को बनाकर तैयार करना। ◾वे खुद को "कैप्टन" या मर्चेंट नेवी का अफसर बताते थे और राजनीतिक ज्योतिषी के रूप में भी जाने जाते थे।
📷मुख्य आरोप और मामला: नासिक पुलिस ने उन्हें बलात्कार और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया है।
📷आरोप है कि पूजा-पाठ, भविष्य बताने या "उपाय" के बहाने महिलाओं का यौन शोषण किया, ब्लैकमेलिंग की, और कुछ मामलों में Viagra या अन्य तरीकों का इस्तेमाल बताया जा रहा है।
📷 दर्जनभर से ज्यादा महिलाओं का शोषण/उपयोग किया। बलात्कारी ज्योतिषी बाबा के पैर धुलती महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर , जो व्यक्ति खुद को ज्योतिषी बताकर तंत्र विद्या के नाम पर महिलाओं का यौन शौषण करता था उसके पैर धुल रही थी महिला आयोग की अध्यक्ष , नासिक क्राइम ब्रांच ने अब इस फर्जी ज्योतिषी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है आरोप है कि 35 वर्षीय महिला के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। अशोक खरात ख़ुद को ज्योतिषी कहता था, ये ख़ुद का भविष्य नहीं देख सकता, दूसरो का क्या खाक भविष्य बताएगा। अंधविश्वास छोड़ो !
नोट- अंधभक्तों अब भी कुछ सफ़ाई देना पसंद करोगे क्या ???? इसीलिए बोलते है धर्म और पाखंड में बहुत फ़र्क़ है हम पाखंडियों के ख़िलाफ़ है !!! 📷✍🏻✍🏻- हर्ष छिकारा ने इस पोस्ट को लिखा है

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मैं गरीब के लिए राजनीति करता हूं, अमीर के लिए तो सब करते हैं : नेताजी MULAYAM SINGH YADAV
नेताजी ने कहा था नेता वही जो जमीन से जुड़ा हो, और जनता की आवाज़ को ताकत बना दे. नेता वही जो कुर्सी नहीं, जमीन से जुड़ा हो.
धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव सिर्फ एक नाम नहीं थे, वो राजनीति में जनपक्षधरता की पहचान थे.
वे मिट्टी से जुड़े नेता थे और उसी मिट्टी में अपना सब कुछ झोंक देते थे. गांव, किसान और गरीब यही उनकी राजनीति की आत्मा थी.

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@JyotiDevSpeaks आरक्षण का लाभ असली ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पाता
अमीर और शक्तिशाली लोग अपने बच्चों को भी बार-बार उसी लाभ का फायदा दिलाते हैं क्या
यही है भारत
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कुछ मित्रों ने कहा सर आपने राजा भैया पर नही लिखा. मैंने पूछा कौन राजा भैया.
कहा गया कुंडा रियासत से राजा भैया रघुराज प्रताप सिंह.
मैंने कहा संविधान के राज में कोई राजा भैया नही है. ब्रिटिश राज में भी राजा नही थे, वसूलीदार थे, यानी किसानों से मालगुजारी वसूल कर अंग्रेजों को देना.
मेरे नजर वो एक विधायक हैं जो BSP राज में दुबला पतला हो गए थे. फिर SP राज में काजू बादाम खाकर मोटा गए. अब BJP राज में तो उनकी बल्ले बल्ले है.
रही बात रघुराज प्रताप सिंह और उनकी पत्नी के बीच विवाद की, तो उसपर मैं कुछ नही बोलूंगा. हथियारों पर बोलूंगा. यह हथियार चीन या पाकिस्तान से लड़ने के लिए नही रखे गए थे.
यह हथियार समाज में OBC SC ST को डराकर सवर्ण वर्चस्व को कायम रखने के लिए रखे गए थे. यही हथियार विपक्ष के किसी OBC SC ST नेता के घर मिलते तो उसपर UAPA NSA ना जाने क्या क्या लग जाता.


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@amityadavbharat लेकिन समस्या ये है कि लोग रोज़मर्रा की भागदौड़ नशा इच्छाओं और लालच मे ऐसे उलझ जाते है कि अपने भीतर झाँकने का समय ही नही निकालते बाहर खोजते-खोजते थक जाते है और भीतर बैठे सत्य को देख ही नहीं पाते यह समस्या किसी एक उम्र के लोगों को नहीं कुछ को छोड़ के सबको यही बीमारी है
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@amityadavbharat भगवान को मानना और अनुभव करना
दरअसल, दो तरह की मानसिकता वाले लोग मिलते हैं👇
जो सिर्फ देखने-छूने पर विश्वास करते हैं – उन्हें लगता है कि जब तक कोई चीज़ दिखाई न दे, वो है ही नहीं। ऐसे लोग भगवान को ढूँढते है पर बाहर मंदिरों तीरथों चमत्कारों में
कभी नहीं मिलेंगे
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@amityadavbharat जो भीतर झाँकते हैं ये समझते हैं कि भगवान बाहर कहीं नहीं, बल्कि अपने मन, आत्मा और अनुभवों में बसते हैं जब मन शांत होता है तब अपनी ही अंतरात्मा की आवाज़ सुनाई देती है और वही भगवान का संकेत है
समझो मेरे भाई कहां खोए हो
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@KraantiKumar सच में, पिछड़े और दलित समाज को सताना इसलिए आसान हो जाता है क्योंकि ये लोग अक्सर एकजुट नहीं हो पाते और आपसी मतभेद, जातिगत बंटवारे और छोटे-छोटे विवादों में उलझे रहते हैं
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महाराष्ट्र के लातूर में पिछड़े समाज के तहसीलदार प्रशांत थोराट ने विदाई समारोह में गाना गया, इस कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.
तहसीलदार दफ्तर में प्रशांत थोराट का विदाई समारोह मनाया जा रहा था. उनके साथी कर्मचारियों ने गाना गाने के लिए आग्रह किया.
प्रशांत थोराट ने अमिताभ बच्चन की फ़िल्म याराना का गीत तेरे जैसा यार कहां की चंद लाइने गा दी.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया. सरकारी महकमे ने इस बात के लिए सस्पेंड कर दिया. महाराष्ट्र विधानसभा में मंत्री रम्मी खेल रहा था उसे सस्पेंड नही किया गया.
एक दलित पिछड़े वर्ग के तहसीलदार ने गाना क्या गा दिया. अनुशासन का बहाना बनाकर द्रोणाचार्य लॉबी ने सस्पेंड कर दिया गया.


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