
हिमाचल में जिला चंबा के भरमौर के गांव में भ्रष्टाचार और लैंड जिहाद का मामला सामने आया है। लोगों ने कहा है कि प्रशासन इस के ऊपर तुरंत कार्यवाही करे। अन्यथा अब धरने नहीं होंगे सीधे अदालत से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होगी।
prantha
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हिमाचल में जिला चंबा के भरमौर के गांव में भ्रष्टाचार और लैंड जिहाद का मामला सामने आया है। लोगों ने कहा है कि प्रशासन इस के ऊपर तुरंत कार्यवाही करे। अन्यथा अब धरने नहीं होंगे सीधे अदालत से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होगी।



@purvaiyaa @entropied2223 No, in fact this is a very clearly distinguishing factor of brahmin vs other caste kings - all brahmin kings be it shunga, satvahanas to even as late as Darbhanga Maharaj all have things in common - always mention of gotra lineage etc., protect & promote of brahminical dharma.


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ये कहानी यकीनन आपको रुला देगी। उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक छोटे से गांव में, करीब 30 साल पहले एक आदमी घर से निकला था। जैसे लोग रोज़ निकलते हैं। काम के लिए, किसी ज़रूरत के लिए, वैसे ही। लेकिन उस दिन के बाद वो कभी वापस नहीं लौटा। दिन बीतते गए, फिर महीने, फिर साल और धीरे-धीरे इंतज़ार ही उस घर की सबसे बड़ी सच्चाई बन गया। उनकी पत्नी ने शुरू में हर आहट पर दरवाज़ा खोला। हर गुजरते आदमी में उसका चेहरा ढूंढा। हर खबर, हर अफवाह में एक उम्मीद देखी। लेकिन समय के साथ लोग बदल गए। किसी ने कहा वो अब नहीं आएगा, किसी ने कहा नई ज़िंदगी शुरू कर लो। समाज के अपने नियम थे, अपनी बातें थीं। लेकिन उसके लिए ये सब इतना आसान नहीं था। उसने इंतज़ार करना नहीं छोड़ा। 3 महीने नहीं, 3 साल नहीं, पूरे 30 साल। इन 30 सालों में उसने अकेले ही एक घर संभाला, एक बेटी को पाला, हर त्योहार बिना उसके मनाया, हर मुश्किल बिना सहारे के झेली। उसने ना सिर्फ अपने पति का इंतज़ार किया, बल्कि उस उम्मीद को भी ज़िंदा रखा जो शायद कभी खत्म हो जानी चाहिए थी, लेकिन नहीं हुई। और फिर, एक दिन वो लौट आया। शायद बूढ़ा हो चुका था, शायद बदला हुआ था, शायद पहचान में भी मुश्किल हो… लेकिन वो था। वही आदमी, जो 30 साल पहले गया था। लोगों ने इसे चमत्कार कहा, खुशी का पल कहा, मिलन की कहानी कहा। और हाँ, इसमें खुशी है… लेकिन सिर्फ खुशी नहीं है। क्योंकि इस कहानी का सबसे भारी हिस्सा वो 30 साल हैं, जो किसी ने देखे नहीं, समझे नहीं। वो साल, जो उसकी पत्नी ने हर दिन जीए, अकेले, चुपचाप, बिना शिकायत के। तो ये सिर्फ एक आदमी की वापसी की कहानी नहीं। ये उस औरत की कहानी है, जिसने 30 साल तक टूटकर भी खुद को संभाले रखा। ऐसी है हमारे पहाड़ की मातृशक्ति। #Almora






