धनंजय 'बीरा'
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धनंजय 'बीरा'
@bira1008
राष्ट्र धर्म ही अपना धर्म

विशिष्ट शिक्षक हो या विद्यालय अध्यापक सभी को बिहार सरकार 7th पे का लाभ दे । जब राज्य के अन्य कर्मचारी को सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया है तो सिर्फ शिक्षक को क्यों इससे वंचित रखा जा रहा है ? जिसके कारण HRMS के सॉफ्टवेयर में ना ही ऑटोमेटिक वेतन वृद्धि हो पा रहा है ना बढ़ा हुआ DA मिल पा रहा है क्योंकि शिक्षकों का वेतन सातवें वेतनमान के अनुरूप है ही नहीं और सभी शिक्षक 50% ही DA पा रहे है जबकि अन्य कर्मचारियों को 55 % DA मिल रहा है । बिहार सरकार से विनम्र आग्रह है की सभी शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दे । @BiharEducation_ @NitishKumar @samrat4bjp @VijayKChy @VijayKrSinhaBih

राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अभद्रता और अशोभनीय भाषा की कोई जगह नहीं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा के मंच से देश के प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी के लिए जिस प्रकार की गंदी और घटिया भाषा का प्रयोग किया गया, वह केवल निंदनीय ही नहीं, बल्कि शर्मनाक भी है। बिहार की जनता इन अपमानजनक शब्दों को कभी माफ़ नहीं करेगी। मैंने हमेशा कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा का पालन करना होगा। आप तीखा से तीखा वार आप मर्यादित शब्दों में कर सकते हैं। लेकिन इस तरीके से गाली गलौज करना वो भी प्रधानमंत्री के खिलाफ तो ये कोई स्वीकार नहीं कर सकता है। वो हमारे देश के पीएम हैं इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता है महागठबंधन के नेताओं ने फिर साबित कर दिया कि उनकी पूरी राजनीति गाली-गलौज, गुंडागर्दी और अराजकता की दलदल में धंसी हुई है। बिहार की जनता इनकी इस गंदी सोच और चरित्रहीन राजनीति का करारा जवाब देगी।

24 घंटे पहले तक ज्ञानेश कुमार गुप्ता को लग रहा था कि उन्होने विपक्ष की चूड़ी कस दी है। राहुल गांधी को डरा दिया है। लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। विपक्ष अब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में है।और चुनाव आयोग में घबराहट है। शायद गुप्ताजी मिजाज नहीं समझ पाये गांधी का !





शिक्षक नेता आनंद कौशल सर के कलम से .... बेमिसाल किरदार,क्या याद रखेगा बिहार? :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: मंज़िल तो मेरे अपने इरादों के साथ है,रहबर मिले न अब कोई नक़्श-ए-कदम मिले,ये पंक्ति आज शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग पर सटीक बैठ रही है।बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ सर आपने जो कर दिखाया उसे शिक्षक ताउम्र नहीं भूल सकते क्योंकि नामुमकिन को आपने मुमिकन बनाया और जब दर्जनों बाधाएं पार कर आपने ट्रांसफर पोस्टिंग की शुरुआत की थी तो भी लगा था ये कभी सम्भव ही नहीं है।किसी ने कहा सिर्फ 35 का हुआ है मतलब 55 साल लगेगा सभी के ट्रांसफर में फिर दूसरी बार कहा बहुत होगा तो 10 हजार का होगा लेकिन देखते ही देखते आपने ना सिर्फ अबतक 1 लाख से अधिक शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया बल्कि 42 हजार हेड टीचर और हेड मास्टर की भी पोस्टिंग कर दी ।मतलब डेढ़ लाख शिक्षकों,प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को नया स्कूल मिल गया।अब जो बचे हैं उनका भी एक_एक शिक्षकों का अगस्त महीने में आप ट्रांसफर कर ही देंगे।अब हम शिक्षकों की एक आपसे अपील है कि अब बिना देर किए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में भी आवेदन किया जाए क्योंकि बिहार के नाम एक बड़ा रिकॉर्ड बनेगा।मुझे लगता है कि हिंदुस्तान क्या पूरे विश्व में इतना बड़ा ट्रांसफर एक साथ, एक ही विभाग में कभी नहीं हुआ होगा।आपने असंभव को संभव बनाया इसके लिए तहे दिल से आपको शुक्रिया और आपके जज्बे को भी सलाम।आपने एक नजीर पेश की है और एक नया इतिहास बनाया है जिसका रास्ता बहुत ही दुर्गम था,कठिन था और नामुमकिन भी लगा था,अब दबे जुबान से ही सही लेकिन हर वर्ग के लोगों ने मान ही लिया कि जब अधिकारी का इरादा बुलंद हो तो सिस्टम बदल सकता है और कर्मियों की किस्मत भी बदल सकती है ।जो कभी सोचते थे कि कभी घर नहीं लौट पाएंगे आज घर से चंद कदम की दूरी पर स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं और परिवार के बीच हंसी ठहाके के साथ जिंदगी जीने लगे हैं।आपसे पहले कितने एसीएस आए और कितने गए लेकिन 20 साल से ट्रांसफर के लगे जंग को किसी ने छुड़ाने की हिम्मत ही नहीं की क्योंकि इस इरादे के साथ वो कुर्सी पर बैठे ही कहां थे ।आपको भी पता था कि इसमें हजारों उलझनें आएंगी, बाधाएं भी,विरोध भी,उपहास भी बावजूद आपने परवाह नहीं की और खेवनहार बनकर शिक्षकों की नैया पार लगा दी क्योंकि आपमें इच्छा शक्ति थी और आपके इरादे भी मजबूत थे।नौकरी है तो रिटायरमेंट तो होना ही है लेकिन आप जब रिटायर भी करेंगे तो आपके किरदार को याद रखा जाएगा और आपके नाम की चर्चा हर जुबान पर होगी,रोएंगे शिक्षक,रोएंगे अभिभावक और रोएंगे बच्चे और रोएगा पूरा बिहार क्योंकि जब_जब कोई मुसीबत सामने होगी आप बरबस याद आएंगे और तब लोग आपकी तुलना वर्तमान के साथ करेंगे, फिर समझेंगे और सोचेंगे,फिर महसूस करेंगे आपके रहने के साथ और जाने के बाद का फर्क,सोचेंगे तब कि एक शख्सियत था जो था तो उन्हें किसी ने समझा नहीं और जब चले गए तो अब समझ में आया कि आप महान थे।आपकी सादगी,आपकी विद्वता,आपकी ईमानदारी और आपके अंदाज ही आपको औरों से अलग बनाता है और आपकी बहुमुखी प्रतिभा पर हर कोई गर्व भी करता है।बस इतना ही कहूंगा सर अब बस एक प्रयास जरूर करें कि गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की तैयारी करें और मुझे विश्वास है कि इसमें आपको सफलता भी मिलेगी और बिहार का मान भी बढ़ेगा।आपके व्यक्तित्व पर ही ये लाइन भी सटीक बैठता है__खुद को संवारने से ज्यादा खूबसूरत बनाया मैंने अपने किरदार को,कोई मेरा चेहरा भूल सकता लेकिन मेरे किरदार को नहीं।कुछ लोग जो सफ़र में बिछड़ जाते हैं,वो हज़ारों के आने से मिलते नहीं,उम्र भर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम,वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते______________ सादर आनंद कौशल सिंह प्रदेश अध्यक्ष, बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ (बिहार) #BiharEducationDept Bihar Education Department #highlight #teachers #Bihar facebook.com/share/p/1GBbKo…



पीयूष गोयल का बेटा – हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रकाश जावड़ेकर का बेटा – बोस्टन यूनिवर्सिटी राजनाथ सिंह का बेटा – लीड्स यूनिवर्सिटी निर्मला सीतारमण की बेटी – नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी रविशंकर प्रसाद का बेटा – कॉर्नेल यूनिवर्सिटी जितेंद्र सिंह का बेटा – ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी उनके बच्चे धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं, और वे चाहते हैं कि आपके बच्चे हिंदी माध्यम में पढ़ें। पोस्ट क्रेडिट: @Mrdemocratic_
