Mani Chaudhary

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@chaudh60459

maithil

Katılım Nisan 2024
396 Takip Edilen102 Takipçiler
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ANUPAM MISHRA
ANUPAM MISHRA@scribe9104·
केरल में मुस्लिम लीग के समर्थन से सरकार बनने की घोषणा के साथ ही गाँव-गांव और गली-गली जुलूस निकल रहे हैं और हिंदुओं का नाम लेकर उन्हें काट डालने की धमकी दी जा रही है
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
काश ! लेजर लाइट से हम इसे बचा पाते।
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EWS ARMY
EWS ARMY@ews_army·
अनुराधा तिवारी सवर्ण समाज के लिए लड़ रही है।। तानाशाही सरकारी सिस्टम द्वारा उनके ऊपर फर्जी SC ST एक्ट लगाकर की उनकी आवाज को दबाने की साजिश हो रही है, सवर्ण समाज के हर व्यक्ति को @talk2anuradha समर्थन करना चाहिए मैं तो डंके की चोट पर खुलकर समर्थन करता हूं क्या आप लोग समर्थन करते है ? तो ज्यादा से ज्यादा रिपोस्ट करें।
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
आलम ये है कि 5 गाड़ी से चलने वाले विधायक ईंधन बचाने के चक्कर में पाँच की पाँचों EV खरीद ला रहे हैं। इसके बाद इनकम टैक्स वाले टिर्री से उनके घर पहुचेंगे।
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Mani Chaudhary
Mani Chaudhary@chaudh60459·
@JJYOTI21 @imvangasandeep 😂😂 Nhi yar! koi crush nhi hai. Pasand sab aate hai lekin movies bas jo super hit hoti hai, wahi dekhte hai.
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JYOTI KUMARI (JHA)🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
@chaudh60459 @imvangasandeep क्रश भी हो तो क्या दिक्कत है आकर्षण होने की कोई उम्र थोड़ी ना होती है 😁 वैसे प्रभास की मैं सिर्फ डाई हार्ड फैन नहीं हूँ बल्की मुझे ज़बरदस्त वाला क्रश भी है उनपर ।
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Mani Chaudhary
Mani Chaudhary@chaudh60459·
@JJYOTI21 @imvangasandeep 😂😂😂 सही है । मैं तो 21 की उम्र में माँ बनी तभी से मुझसे बड़े लोग भी आंटी कह के चले जाते थे ! तो बुरा फील नहीं होता था 😂😂 वैसे क्रश तो नहीं पर शाहिद कपूर की एक्टिंग लगती है ।
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Mani Chaudhary
Mani Chaudhary@chaudh60459·
@JJYOTI21 @imvangasandeep दिख रहा है डियर 😂 इनकी बाहुबली मूवी बहुत अच्छी लगी थी मुझे भी .
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Atul Kumar Rai
Atul Kumar Rai@AuthorAtul·
गँवार जी, उसी तुलसीदास दुबे ने स्त्रियों के बारे में ये भी लिखा है. केही विधि नारी रचेऊ जाग माही पराधीन सपनेहू सुख नाही.. एक ही आदमी एक जगह स्त्री के लिए इतना संवेदनशील और एक जगह कटु कैसे हो स्कता है इसके लिए आपको एक्स की बकचोदी छोड़कर रामचरित मानस ढंग से पढ़ना पड़ेगा. बाक़ी साढ़े चार सौ साल से आपके जैसे लाखों अनपढ़ सूर्या तुलसीदास दुबे को गरिया-गरियाकर थक गए लेकिन उनका बाल भी बांका न हो सका और न ही होगा.
Surya Samajwadi@surya_samajwadi

"ढोल, गवार, शूद्र, पशु, नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी" तुलसीदास दुबे द्वारा लिखी गई इस चौपाई से ज्यादा अपमानजनक कुछ नहीं हो सकता

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Dr. Neha Das
Dr. Neha Das@neha_laldas·
NEET leak ने एक और बच्चे की जान ले ली! रितिक मिश्रा को लगा था कि इस बार एग्जाम अच्छा हुआ है ज़रूर हो जाएगा! लेकिन एग्जाम कैंसिल होने की खबर पर मायूस हो गया और अपनी जान दे दी! NEET leak के कारण हुई ये दूसरी मौत है! सवाल ये की इन बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है??
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Narendra Nath Mishra
Narendra Nath Mishra@iamnarendranath·
(साभार-डॉक्टर प्रवीण झा) पढ़ें और भावनाओं को समझें पहले लोग दाँत में कोयला या नमक रगड़ते थे। कुछ लोग दातुन, जिसमें नीम अपनी तमाम गुणवत्ताओं के बावजूद, अपने कसैलेपन के कारण लोकप्रिय नहीं था। वैद्यनाथ का लाल दंतमंजन ब्रश से नहीं, उंगली से ही दाँतों पर रगड़ना होता। नशे के शौक़ीन गुल रगड़ते, जो मुख्यतः तंबाकू (खैनी) था, जिसे दाँतों पर रगड़ा जाता। कुल मिला कर बात यह थी कि दाँत पर चाहे कुछ भी रगड़िए, दाँत चमक जाएँगे। फिर शुरू हुए विज्ञापनों के दौर। जैसे एक विज्ञापन आया, ‘खाने के लिए दूध बादाम, दाँतों के लिए कोयला?’। इसने कोयले को मार्केट से उठा दिया, जो टूथपेस्ट की दुनिया का पहला रंगभेदी कदम था। काले तो क्या, लाल-पीले सारे मंजन पिछड़ने लगे। लोगों को लगा कि जब दाँत सफेद ही करने हैं, तो सफेद मंजन ही रगड़ा जाए। हालाँकि क्लोज-अप के नीले पारदर्शी पेस्ट ने कुछ लोगों को लुभाया, लेकिन नीले और गोरे एक ही नस्ल के कहे जाएँगे। बहरहाल, जब जनता भूल-भाल गयी, तो कॉलगेट ने वापस पहले पूछना शुरू किया कि क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है। उसके बाद कहने लगी कि असल टूथपेस्ट तो कोयले वाला होता है, और चारकोल पेस्ट बेचने लगी। यह टूथपेस्ट राजनीति है कि पहले अपने प्रतिद्वंद्वियों के विरुध्द दुष्प्रचार कर उन्हें साफ करो, और फिर उनकी ही नीतियाँ अपना कर कहो कि यह है मास्टरस्ट्रोक। ख़ैर, इससे पहले कि लोग इशारा समझें, मैं एरिका फातलाँ की लिखी यात्रा संस्मरण से मन भटकाता हूँ। वह अफ्रीका में घूम रही थी, तो देखा कि पति-पत्नी दोनों के अगले दाँत कटे हुए हैं। उन्होंने पूछा कि यह संयोग कैसे बना कि दोनों के दाँत एक साथ एक ही स्थान पर टूट गए। उस दंपति ने कहा कि हमारे ही नहीं, पूरे मुहल्ले की दाँत ऐसी ही है। हमने यह जान-बूझकर तुड़वाया है। हमारी संस्कृति में ऐसा माना जाता है- जिस आदमी के सारे दाँत सही-सलामत हैं, वह भी भला कोई आदमी है?
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
देखते हैं बुलडोजर चलता है कि नहीं। नगर निगम चेक करेगा तो पता चलेगा कि अवैध निर्माण हुआ है। पर उससे होगा क्या? जो बच्चे पेपर खरीद कर पास हुए हैं, उन्हें वापस निकाला जाए, इस बार के री-नीट में बिठाया जाए।
खुरपेंच@khurpenchh

NEET पेपर लीक करने वाले बीजेपी नेता दिनेश का घर, मेरी अपील है कि इसके घर के NEET क्वालिफाइड पांचों बच्चों को पकड़ा जाए और उनका रिटेस्ट हो, पानी का दूध और दूध का पानी हो जाएगा।

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Abhinav Pandey
Abhinav Pandey@Abhinav_Pan·
Open letter to PM Modi Neet Leak पर भड़के Khan sir
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खुचरेंप
खुचरेंप@khuchrep·
दिल्ली में फिर से निर्भया :- दिल्ली में देर रात चलती बस में गैंगरेप हुआ है। एक गरीब महिला को बस ड्राइवर और कंडक्टर ने मिलकर गैंगरेप किया। ये खबर नहीं फैलेगी क्योंकि महिला गरीब थी, ~निर्भया से आज तक क्या बदला है दिल्ली में? ~बीजेपी के आने से क्या बदला है दिल्ली में? ~एक महिला मुख्यमंत्री होने से क्या बदला है दिल्ली में?
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सुमन्त
सुमन्त@sumantkabir·
शबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट में जारी बहस का निचोड़ है, फिर सवाल उठा.... ● धर्म की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन कैसे आए? ● दूसरे, क्या किसी धार्मिक परंपरा या नियम के नाम पर किसी व्यक्ति के बुनियादी संवैधानिक अधिकारों को सीमित किया जा सकता है? इस पर दो निवेदन है ■ भारत के बहुसंख्य हिन्दू समाज को "औपनिवेशिक संविधान" की बजाय #मनुस्मृति से जीने दिया जाए। ■ दूसरे, औपनिवेशिक संविधान को ससम्मान विदाई दीजिए। आज सहमति से कीजिए, नहीं तो कल हिन्दू समाज अपने #मूल पर अवश्य लौटेगा। तब बेआबरू कर विदाई होगी। संसदीय लोकतंत्र और कुछ नहीं, बस चंद स्वार्थ समूहों की #जुगाड़बाजी है। #बंगाल तो बस एक आरंभ है। @NarrativeHindi @AmitShah #SupremeCourt #SabarimalaCase #FundamentalRights #ReligiousFreedom #ATCard #AajTakSocial
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
NEET पेपर लीक करने वाले बीजेपी नेता दिनेश का घर, मेरी अपील है कि इसके घर के NEET क्वालिफाइड पांचों बच्चों को पकड़ा जाए और उनका रिटेस्ट हो, पानी का दूध और दूध का पानी हो जाएगा।
खुरपेंच tweet mediaखुरपेंच tweet media
खुरपेंच@khurpenchh

NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए दिनेश के घर पाँच बच्चे NEET निकाल कर मस्त MBBS कर रहे हैं, उनकी घर की महिलाओं का कहना है कि इतनी बार NEET लीक हुआ तब कोई कार्यवाही क्यों नहीं हुई और बड़े मगरमच्छ क्यों नहीं पकड़े जा रहे।

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सुमन्त
सुमन्त@sumantkabir·
लिखा था, #पेपर_लीक का मसला #संगठित_अपराध है। हजारों करोड़ का #सिंडिकेट काम कर रहा है इसके पीछे। सत्ता के साथ बाजार के #अंतर्संबंध पर नजर रखिए। लेकिन नवोदित शिक्षित अधीर बौद्धिकों का दायित्व एक वाक्य से खत्म हो जाता है, @narendramodi जिम्मेदार है, इस्तीफा दो। जबकि हल्लागुजर इस भीड़ में वो तमाम चेहरे छिपे हुए हैं, जो अपने नाकाबिल औलादों के लिए कालेधन से प्रश्नपत्र खरीद रहे हैं। दुश्मन या देशद्रोही कहीं बाहर नहीं, हमारे बीच घुसे हैं। शुरुआत #राजस्थान से हुई है तो बता दूं, हाल-फिलहाल तक कोटा का #कोचिंग_इंडस्ट्री सालाना 6000 करोड़ का था। अब इसमें से करीब 3000 करोड़ #बिहार ने झटक लिया। इस मामले में एक बात महत्वपूर्ण है, #व्हिसिल ब्लोअर पहले पुलिस के पास गया। #rajsthan_poloce ने FIR दर्ज नहीं की। तो NEET-UG के पास गया। मामले में @BhajanlalBjp की पुलिस भी एक तरह से सहयोगी भूमिका में है। तार भले #राजस्थान से निकले, पर #बाजार पूरा भारत है। मोई जी इस्तीफा दो!
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Akhilesh Sharma
Akhilesh Sharma@akhileshsharma1·
हाल के कुछ दशकों में ऐसे गिने-चुने नेता हैं जिन्होंने स्वयं को लालबत्ती, प्रोटोकॉल और अन्य सरकारी तामझाम से दूर रख कर जनता के नेता के रूप में छवि बनाई। इन नेताओं में स्वाभाविक रूप से सबसे पहला नाम जॉर्ज फ़र्नांडिस का ही आता है। वे रक्षा मंत्री रहते हुए भी दिखावे से दूर रहे। अपने सरकारी बंगले का गेट तोड़ कर फेंक दिया था क्योंकि पीएम का रूट लगने पर गेट बंद कर दिया जाता था। उनका सरकारी घर सबके लिए खुला था। दूसरा नाम गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री रह चुके मनोहर पर्रिकर का है। वे सीएम होने के बावजूद गोवा की सड़कों पर स्कूटर चलाते हुए दिख जाते थे। विमानों में आम लोगों की लाइन में लग कर बोर्डिंग करते थे। इन नेताओं के लिए सादगी जीवनशैली थी।
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