मुंबई के पायधुनी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां फूड पॉइजनिंग के चलते एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनकी दो मासूम बेटियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान अब्दुल्ला डोकाडिया (40), उनकी पत्नी नसरीन डोकाडिया (35), और बेटियों आयशा (16) व जैनब (13) के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों ने डिनर के बाद तरबूज खाया था, जिसके कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मौत से कुछ ही समय पहले पुलिस को दिए गए एक बयान में, परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन सभी ने एक साथ बिरयानी खाई थी, जिसके बाद उन्होंने तरबूज खाया था। तरबूज उनके रिश्तेदार लेकर आए थे। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मामला फूड पॉइजनिंग का हो सकता है, खासकर तरबूज खाने के बाद यह स्थिति बनी। यह भी बताया गया है कि जिन लोगों ने केवल चिकन पुलाव खाया था, उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।
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RAINFALL BACK IN IRAN, IRAQ, TURKIYE AND EAST AFRICA AFTER US RADARS DESTROYED IN UAE!It was not a “military strike,” but a “climate strike.”
When Iran struck the secret cloud seeding and weather modification center in the UAE (April 13,2026), it was not targeting just a “base.”
पहली सैलरी मिली थी ₹12000
ATM की स्लिप हाथ में थी,और दिल में एक अजीब सी खुशी कि
अब मैं अपने पैरों पर खड़ा हूँ।
आज ₹1.79 लाख इन हैंड है
लेकिन सच कहूं तो वो खुशी नहीं
शहर बदले Bangalore, Kolkata, Hyderabad, Pune, Mumbai
जॉब बदली, सैलरी बढ़ी, मौके बढ़े
पर एक चीज़ नहीं बदली ,खुशी का असली कारण।
ना iPhone लिया, ना luxury कार,
अपने लिए खर्च करने से पहले आज भी सोचता हूँ
लेकिन माँ बाप के लिए कभी नहीं।
पैसा आपकी capacity बढ़ाता है, खुशी नहीं।
खुशी कहाँ मिली?
अपने दम पर खड़े होने में
सही लोगों के साथ रहने में
family के साथ वक्त बिताने में
और खुद को compare ना करने में
सैलरी हर साल बढ़ती है,
लेकिन सुकून,mindset से आता है।
Don't chase money for happiness.
Build a life where money becomes a byproduct, not the purpose.
ये कहानी कॉर्पोरेट जॉब कर्मी ने शेयर की है।
अब आप बताइए
आपकी खुशी आपकी सैलरी से जुड़ी है,
या आपकी सोच से??
बीजेपी और आरएसएस नेता राम माधव से अमरीका में एक अमरीकन पत्रकार के सवाल:- सुनिये 👇
भारत मे ईसाईयों और मुस्लिमो की लिंचिंग क्यों की जाती है मुस्लिम और ईसाई नन महिलाओ का रेप क्यों किया जाता है आप यहाँ किस लिए आये है वो पूछ रहा है अमेरिकन पुलिस बेकार है जो आपको ईतना सम्मान दे रही है। USA में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) क्यों आया है ? Etc..
If you are an Indian Muslim, there is no need to investigate or prove the allegations against you—your being Muslim itself is considered evidence of your guilt.
In Althan, a man named Aziz, accused of molesting a woman from the Patidar community, was paraded by the police and handed over to a mob for punishment; even police personnel were among those who assaulted him.
गुरुग्राम: मंगेतर को मिलने बुलाया, सेक्स पावर बढ़ाने की खाई दवा, मौत
◆ PG फ्लैट में रहने वाले 29 साल के एक युवक की लाश मिली, मौत सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवा की ओवरडोज़ से हुई
◆ पुलिस के मुताबिक, मृतक रोहित लाल नागपुर का रहने वाला था, कमरे से कुछ दवाओं और हेल्थ सप्लीमेंट्स के रैपर भी बरामद किए गए
#SexPillsOverdose | Sex Pills | Gurgaon
NEW: Türkiye plans to produce millions of drones nationwide
SAHA Chairman & BAYKAR CEO Haluk Bayraktar says Türkiye plans to set up drone production and training centers in all 81 Turkish provinces.
The goal is to create a nationwide network capable of rapidly producing millions of drones when needed.
TCS नाशिक मामला: कॉर्पोरेट जॉब से मुसलमानों के बहिष्कार के लिए मामले को दिया गया धार्मिक एंगल, APCR फैक्ट फाइंडिंग टीम का दावा
APCR ने नाशिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ऑफिस में यौन शोषण के आरोपों को “कॉर्पोरेट जिहाद” का नाम देने के मामले में एक फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट पेश की है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन आरोपों को जबरन “कॉर्पोरेट जिहाद” बताकर पढ़े-लिखे मुस्लिम युवाओं को कॉर्पोरेट नौकरियों से दूर करने की साजिश रची जा रही है।
शक! कर कौन रहा है? राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में मुस्लिम समुदाय के कई युवाओं को भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल जहाज की तरह है। सभी नागरिक नाविक हैं। हम या तो एक साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं या फिर एक साथ डूबते हैं। मुस्लिम समुदाय को सरकार के इरादे पर कभी संदेह नहीं करना चाहिए। सशस्त्र बलों में भर्ती यह दर्शाती है कि भारत में मुसलमानों के प्रति कोई पूर्वाग्रह या भेदभाव नहीं है।
मालूम नहीं डोभाल किस मुग़ालते में हैं! वो उन लोगों की तरह बातें क्यों कर रहे हैं, जिनके अनुसार आज़ादी ही 2014 को मिली है। क्या 2014 से पहले भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में मुसलमान भर्ती नहीं होते थे? या उन्हें भर्ती नहीं किया जाता था? नहीं ऐसा तो नहीं है। क्या जिन मुसलमानों को सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती किया गया है, वो अयोग्य थे और उन्हें इसके बावजूद भर्ती किया गया है? नहीं ऐसा भी नहीं है। तब अजीत डोभाल नया क्या बता रहे हैं? मुसलमान पहले भी अपनी योग्यता के बल पर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में वतन के लिए मर मिटने के जज़्बे के साथ भर्ती होता रहा है। तब बीते 12 वर्ष में जो भर्ती हुए उन सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कौनसा परोपकार कर दिया? आज़ाद भारत के सबसे पहले शहीद अफसर का नाम ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान है। उन्हें किस सरकार ने भर्ता किया था? भाजपा सरकार ने? मोदी सरकार ने? वीर अब्दुल हमीद को किसने भर्ती किया था? बिहार के मौजूदा गवर्नर सैयद अता किसकी सरकार में सेना मे लेफ्टिनेंट जनरल थे? 2014 के बाद भाजपा उसके समर्थको के साथ सरकार के लोगों में भी “पहली बार हुआ” कहने का चलन देखा गया है। हर उपलब्धी का श्रेय एक व्यक्ति विशेष को देने चलना देखा गया है। हद तो यह है NSA साहब भी उसी चलन को आगे बढ़ा रहे हैं।
🇺🇸अमेरिकी रडार खत्म होते ही मिडिल ईस्ट में सुखा खत्म हो गया है 🌧️
🇹🇷 तुर्की में डैम जो 15 साल से रेड अलर्ट पर वह ओवरफ्लो हो गया है ।
🇮🇷 ईरान जो डैम आधी शताब्दी से रेड अलर्ट पर थे वह भर गए है ।
🇮🇶 इराक का सुखा खत्म हो गए है ।
नदियाँ सूख कर मर गई थी वह जीवित हो चुकी है , झील लबालब भर चुकी है ।
दुनिया सवाल उठा रही है , क्या यह सब रडार का कमाल है या फिर इत्तेफ़ाक़ है ?