Pradeep Kumar
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Pradeep Kumar
@deep_mozup
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🌸 *एक विनम्र आमंत्रण…* यदि आपके दिन की शुरुआत भी प्रभु श्रीराम के स्मरण से होती है, तो आज की इस पावन प्रभात में कुछ क्षण हमारे साथ भी जुड़िए। 🎙 *आइए, रामनाम की इस सतत यात्रा में सहभागी बनें:* x.com/i/spaces/1mGPa… 📿 *दो वर्ष+ / 28 मास / 879 दिवस से निरंतर…* #MereRam #SabkeRam #ShriRamcharitmanas ✨ *रामनाम से आलोकित 879 वीं पावन प्रभात!* *26 मार्च | प्रातः 5:10 बजे* 🚩 *22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर से प्रारंभ हुई यह रामनाम यात्रा,* आज भी भक्ति, श्रद्धा और प्रभु की कृपा से अविराम प्रवाहित हो रही है। हर दिन - राम स्मरण। हर प्रभात - राम कृपा। 📖 *आज का पाठ:* *श्रीरामचरितमानस - उत्तर काण्ड |चौपाई 53.1* *चौपाई:* नर सहस्र महँ सुनहु पुरारी। कोउ एक होई धर्म ब्रतधारी॥ धर्मसील कोटिक महँ कोई। बिषय बिमुख बिराग रत होई॥1॥ *भावार्थ:* हे त्रिपुरारि! सुनिए, हजारों मनुष्यों में कोई एक धर्म के व्रत का धारण करने वाला होता है और करोड़ों धर्मात्माओं में कोई एक विषय से विमुख (विषयों का त्यागी) और वैराग्य परायण होता है॥1॥ 🌼 *रामनाम से बढ़कर कोई आश्रय नहीं।* 🌞 *रामस्मरण से श्रेष्ठ कोई प्रभात नहीं।* 🙏 *आइए, आज की सुबह भी राममय बनाएं।* *जय श्रीराम!* 🚩






🌸 *एक विनम्र आमंत्रण…* यदि आपके दिन की शुरुआत भी प्रभु श्रीराम के स्मरण से होती है, तो आज की इस पावन प्रभात में कुछ क्षण हमारे साथ भी जुड़िए। 🎙 *आइए, रामनाम की इस सतत यात्रा में सहभागी बनें:* x.com/i/spaces/1kKzD… 📿 *दो वर्ष+ / 28 मास / 878 दिवस से निरंतर…* #MereRam #SabkeRam #ShriRamcharitmanas ✨ *रामनाम से आलोकित 878 वीं पावन प्रभात!* *25 मार्च | प्रातः 5:10 बजे* 🚩 *22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर से प्रारंभ हुई यह रामनाम यात्रा,* आज भी भक्ति, श्रद्धा और प्रभु की कृपा से अविराम प्रवाहित हो रही है। हर दिन - राम स्मरण। हर प्रभात - राम कृपा। 📖 *आज का पाठ:* *श्रीरामचरितमानस - उत्तर काण्ड |चौपाई 47.2* *चौपाई:* राम सुनहु मुनि कह कर जोरी। कृपासिंधु बिनती कछु मोरी॥ देखि देखि आचरन तुम्हारा। होत मोह मम हृदयँ अपारा॥2॥ *भावार्थ:* मुनि ने हाथ जोड़कर कहा- हे कृपासागर श्री राम जी! मेरी कुछ विनती सुनिए! आपके आचरणों (मनुष्योचित चरित्रों) को देख-देखकर मेरे हृदय में अपार मोह (भ्रम) होता है॥2॥ 🌼 *रामनाम से बढ़कर कोई आश्रय नहीं।* 🌞 *रामस्मरण से श्रेष्ठ कोई प्रभात नहीं।* 🙏 *आइए, आज की सुबह भी राममय बनाएं।* *जय श्रीराम!* 🚩





