
Devi Bijani
473 posts



बहुत ही अच्छा और प्रशंसनीय आदेश... सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के नामकरण का दायित्व भी अब शिक्षकों के हिस्से आने जा रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने निर्देश दिए हैं कि शिक्षक अभिभावकों से संवाद कर बच्चों के लिए अच्छे, सार्थक और सकारात्मक अर्थ वाले नाम सुझाएं, ताकि आगे चलकर बच्चों में किसी तरह की हीन भावना नहीं पनपे। असल में ग्रामीण क्षेत्र में आपको 100-50 साल पहले वाले दौर के नाम छोटे-छोटे बच्चों के मिल जाएंगे। कुछ नाम तो सच में इतने निरर्थक होते हैं कि बड़े होने के बाद बच्चों को बताने में भी शर्म आती है। हालांकि नई पीढ़ी के नाम ग्रामीण क्षेत्र में भी एकदम से बदल गए हैं लेकिन फिर भी किसी न किसी कारण से ऐसे नाम रख दिए जाते हैं और स्कूल में भी वही नाम लिखवा दिए जाते हैं जो घर में बोले जाते हैं। इस आदेश के लिए मदन दिलावर की बधाई के पात्र हैं। बच्चे भी याद रखेंगे कि उनका नाम गुरुजी का दिया हुआ है।






ये कुटीजते शिक्षक???? जालौर जिले के चितलवाना तहसील के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेसावा के चलते विद्यालय में एक टीचर मनोहर लाल साहु ने एक लड़की को बहला फुसलाकर अपने साथी टीचर राजेन्द्र मीणा के रूम पर बुलाकर लड़की के साथ छेड़छाड़ की। जब लड़की चिल्लाई तो स्कूल के बच्चों ने जाकर देखा तो एक अध्यापक लड़की के साथ छेड़छाड़ करते दिखा। बाद में गांव के लोगों ने पकड़कर धुनाई कर दी। आखिर में प्रदेश के मुखिया और शिक्षा मंत्री लगातार शिक्षा विभाग में हो रही ऐसी घटनाओं पर बड़ी कार्यवाही क्यों नहीं करते हैं आये दिन ऐसी घटनाएं होती रहती है जब एक पवित्र विद्या के मन्दिर में इस प्रकार की घटनाएं आम हो जाती है तो बच्चों के अभिभावक किसके ऊपर विश्वास करके बच्चों को विद्यालय में पढ़ने के लिए भेजते हैं जब एक रक्षक स्वयं भक्षक बन जाता है तो। गांव से जैसा संदेश आया, वैसा ही @BhajanlalBjp @madandilawar बहुत कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा

























