धर्मेन्द्र पालीवाल
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धर्मेन्द्र पालीवाल
@dharmemdrapali1
अस्तित्व चमकते ही उत्तरदायित्व बढ़ जाता है कवित्व कर कवि कहता है आदित्य वही कहलाता है... #🙏✍️
India Katılım Ekim 2014
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मन के
आंगन में
खाई गई
कसमें...
अधरों पर
रखे
हसरतों के फूल...
झरते हैं
आज भी
यादों के
झरोखे से...
तुम्हारे
जाने के बाद भी
दास्तां जारी है
मनमीत मेरे ! 🦋
~ बिमला वर्मा
आधा सा वादा कभी
आधे से ज्यादा कभी
जी चाहे कर लूं इस तरह वफ़ा का
छोड़े ना छूटे कभी
तोड़े ना टूटे कभी
जो धागा तुमसे जुड़ गया वफ़ा का...🦋
~ इरशाद क़ामिल
#छोटा_दरवाज़ा

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तेरे बिन अब हर खुशी, बेमानी सी लगती है..
तेरे बिन तो अब ये दुनियां भी,पराई ही लगती है..!!!
गुंजन शिशिर/@Gunj26
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एक आलिंगन की "जरूरत" तुम्हें भी थी और मुझे भी, लेकिन भावनाओं पर आज शब्द भारी रहे दोनों के..!!!
गुंजन शिशिर/@Gunj26
काव्य कुटीर@KavyaKutir
आज का शब्द "ज़रूरत" पसंदीदा पंक्तियाँ कमेंट कीजिए 😊
हिन्दी

प्रत्येक ऋतु ले आती है अपने साथ,
खूबसूरत एहसास।
वह सजती है, संवरती है अपने-अपने अनुरूप,
देकर पुष्पों का नवीन उपहार।
इन सबके विपरीत,
ऋतुओं ने उपेक्षित ही महसूस किया
उस बसंत के आगे;
जहाँ शून्यता जैसा भाव भी
बसंत ने मुस्कुराते हुए सहकर,
सभी रिक्तियों को नव प्राण देते हुए,
उन्हें आंतरिक उल्लास से भर देता है।
हाँ, उसकी जगह कोई कैसे ले सकता है?
भले ही सदियों प्रतीक्षा क्यों न करनी पड़े---
ये तो सिर्फ कुछ ऋतुओं की बात है, जो
शीघ्र ही गुजर जायेंगी।
✍️ शिखा सिंह।
Pic credit -Pinterest

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@ZindgiEkKavita @poonamg51580 सुप्रभात सा.
हर हर महादेव
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अपनी मुश्किलों का ना तू सबसे जिक्र कर..
मेरे महादेव संग है तेरे ना तू कोई फिक्र कर..!!
@ZindgiEkKavita
#हर_हर_महादेव_शिव_शंभू_ॐ 🚩
#जय_शिवशक्ति🚩
#सुप्रभात 🌹

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