
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️
19.2K posts

Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️
@dranand_king
Adv.Hon. SCI .Associate NTGLAWFIRM .Director ICIJ. Managing Director AJagran Media Pvt Ltd. National Media Advisor ASSS .
Varanasi India. Katılım Ocak 2023
2.3K Takip Edilen1.7K Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet

लाशों के शहर का इंतज़ाम ज़िंदा लाशें कर रही हैं , कुछ लाशें अपने चुनिंदा लाशों की तरफ देख रही हैं , हर लाश दूसरी लाश का कफ़न खींच रही है , गिद्ध भी शर्माकर लाशों में तब्दील हो रहे हैं , शायद चींटियों की लाशें गिद्धों की लाशों को अपने पेट मे पनाह दे ।
@jagran24x7 @DrKumarVishwas
हिन्दी
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️ retweetledi

Aditya Thackeray और Rohan Ray है Disha Salian केस के आरोपी youtu.be/3e2H6mh68KA?si… via @YouTube

YouTube
Eesti
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️ retweetledi

"अब SC-ST एक्ट का नाम बदलकर जाटव एक्ट रख देना चाहिए,जब 90% दुरुपयोग और इससे 'तगड़ी कमाई' केवल एक ही समाज तक सीमित हो गई है, तो इसे सामूहिक नाम देना बेमानी है। भारत सरकार को जमीनी हकीकत स्वीकारते हुए अब इसका नाम बदलकर 'जाटव एक्ट' कर देना चाहिए, क्योंकि दुरुपयोग ही अब इसकी मुख्य पहचान है।
#Brahman_Identity_Protection_Act
हिन्दी
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️ retweetledi

हिन्दू धर्म छोड़ के बौद्ध बनो और सीधा एससी का प्रमाणपत्र ले के मजे करो
2016 से केंद्र सरकार का ये आदेश जारी है
अब समझ आया भीमटो की अचानक बाढ़ कैसे आ गई है
हिन्दुओ को ही खतम करने का खेल कैसा लगा मित्रों
अब कुछ नमूने बोलेंगे ये फैक है क्युकी बेचारे ऐसे झटके बर्दाश्त नहीं कर पा रहे लेकिन रुको तुम्हारे आस पास ऐसे ही कोई बौद्ध बन के तुम्हारे ऊपर मजबूत वाला प्रो मैक्स वाला एससी एसटी ऐक्ट ठोक देगा तब तुम उसको भी कोर्ट मे फैक न्यूज बोल आना
#Brahman_Identity_Protection_Act

हिन्दी
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️ retweetledi

@dranand_king @JaipurDialogues @aniltiwari7273 यही तो हरों की चाल है कि पहले तुम आपस में लड़ मरो जो बचेगा उसे हम निपटा देंगे। अर्थात् नंबर सबका आयेगा,बचेगा कोई नहीं।🤔🤔🤔🤔🤔

हिन्दी
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️ retweetledi

@jyotirmathah @Psychomaster9 चंपक सूतक में अडानी को राम मन्दिर घुमाने चला गया उससे धर्म, शास्त्र, विधि, ज्ञान आदि से क्या लेना देना ?
हिन्दी

सुनो एडविना ,
20 14 में एक आएगा राम की उंगली पकड़ कर लेकिन जाएगा सकपाल की उंगली पकड़ कर और बोलेगा मुझे गंगा ने बुलाया है , मेरी ये बात ध्यान में रखना , और ऊपर से झूला झूलते हुए देखती रहना प्रिये । तो आओ थोड़ा आगे तक टहल लें ।
#सकपाल_प्रेमी @TripathiTi4072 @_PreetiPandey

हिन्दी

@TripathiTi4072 @priti134 भीम जनता पार्टी के पास एक्का दुक्का लोग हैं जिनके भरोसे IT सेल है और वो भी ऐसा रेल दिए जाते हैं कि बेचारे कंदराओं मे घुसे रहते हैं सारा सेल तो सवर्णो के भरोसे था जो खत्म है ।
हिन्दी

बृजभूषण शरण सिंह जमीनी हकीकत जानते हैं उनके असली वोटर कौन हैं ये बात भीम जनता पार्टी के आईटी शैलियों को समझ नहीं आयेगा हालांकि बीजपा का सबसे ज्यादा नुकसान आईटी शैलियों ने ही किया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार का मजदूर वर्ग, जो मुख्य रूप से सामान्य और पिछड़ा वर्ग है, वह आज खुद को उपेक्षित पा रहा है। बृजभूषण शरण सिंह जैसे नेता इस नब्ज को पहचानते हैं कि असली ताकत यह मजदूर है, न कि ट्विटर पर बैठकर गाली देने वाले लोग।
चेतावनी: जब ये मजदूर अपना झंडा उठाएंगे, तो वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वाभिमान के लिए होगा।
4. आईटी सेल और 'भजमुल्लों' का कुचक्र
बीजेपी के भीतर बैठे ये लोग सरकार को वह हकीकत नहीं देखने दे रहे जो जमीन पर है। ये लोग गरीब का उपहास उड़ाकर यह भूल रहे हैं कि "सत्ता जनता की जूती के नीचे होती है, अगर जनता ठान ले।" हुड़दंगियों को खुली छूट और सवर्णों पर अंकुश—यह संतुलन बिगड़ चुका है
जब-जब इस देश का सामान्य वर्ग और गरीब मजदूर अपने हक के लिए आवाज उठाता है, बीजेपी के पाले हुए कुछ 'ट्विटर शूरवीर' उन्हें कांग्रेसी और विदेशी एजेंट बताने लगते हैं। सुन लो! ये वही मजदूर हैं जिन्होंने तुम्हें सत्ता की कुर्सी तक पहुँचाया था।
✅ जातिवाद का खेल: एक तरफ फ्री सुविधाएं और स्कॉलरशिप की बंदरबांट, दूसरी तरफ हमारे ऊपर थोपे गए काले कानून।
✅ हुड़दंग पर चुप्पी: कल जब धार्मिक स्थलों पर अराजकता फैलाई गई, तब ये आईटी सेल वाले कहाँ दुबके थे? तब उन्हें कोई 'एजेंट' क्यों नहीं दिखा?
✅ सीधी चेतावनी: उत्तर प्रदेश और बिहार का मजदूर अब जाग चुका है। अगर हमारी मेहनत और हमारे संघर्ष का उपहास उड़ाया गया, तो याद रखना—वोट देना हम जानते हैं, तो सत्ता से उतारना भी हमें आता है।
अब ये आंदोलन ठंडा नहीं होगा। यह स्वाभिमान की लड़ाई है! 👊
जब सामान्य वर्ग का मजदूर या गरीब अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरता है, तो सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ स्वयंभू 'रक्षक' उन्हें विदेशी एजेंट या कांग्रेसी बता देते हैं। यह उन लोगों का अपमान है जो विचारधारा के लिए लाठियां खाते हैं।
सटीक बात: अगर हर विरोध करने वाला 'एजेंट' है, तो फिर लोकतंत्र में जनता की आवाज की जगह कहाँ है? ये चाटुकार अपनी हरकतों से सरकार के खिलाफ नफरत के बीज बो रहे हैं।
एक तरफ सरकार UGC SC/ST एक्ट जैसे कानूनों को और कड़ा करके सामान्य वर्ग के हाथ-पैर बांध रही है, वहीं दूसरी तरफ जाति आधारित योजनाओं की झड़ी लगी है।
मुफ्त की रेवड़ियां: फ्री कोचिंग से लेकर दुनिया भर की स्कॉलरशिप एक विशेष वर्ग को दी जा रही है।
अपराधीकरण: गरीब सवर्ण मजदूर अगर हक मांगे तो वह अपराधी, और दूसरे वर्ग के लोग अगर हुड़दंग मचाएं तो उन पर चुप्पी? यह दोगलापन ही बीजेपी के पतन का कारण बनेगा।
#Brahman_Identity_Protection_Act
हिन्दी

भाजपा सरकार में यही हो रहा है भाजपा ब्राह्मणों का अपमान कर रही है खुलेआम ब्राह्मणों को गाली दी जा रही है और भगवान परशुराम जी का अपमान किया जा रहा है भीम आर्मी के गुंडो को बढ़ावा दिया जा रहा है ऐसे अराजक तत्वों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ब्राह्मण समाज इस घटना की बहुत ही निंदा करता है और हम सब करारा जवाब देंगेजब सच लिखने और बोलने में घबराहट महसूस हो ,तो समझ लेना गुलामी की तरफ कदम बढ़ा रहे हो!77 साल बाद सवर्ण समाज जगा है क्युकी खुद जेल जा सकता है लेकिन अपने बच्चों को जेल नहीं जाने देगा #UGC_RollBackयूजीसी कानून भाजपा को ले डूबेगा आरएसएस और भाजपा के लोग सत्ता के अहंकार में डूबे हुए हैं सवर्ण समाज सतर्क और सावधान है आने वाले चुनाव में करारा जवाब देगागिरे हुए को उठाने के लिए चलते हुए को गिराना क्या न्याय संगत है मोहन भागवत जी जवाब दीजिए
@AmitShah @narendramodi @DrMohanBhagwat

हिन्दी


@TripathiTi4072 इन निलों को फंडिंग हरे कर रहे हैं और प्रश्रय महादानव दे रहा है ।
हिन्दी

कुछ इलाकों से ऐसी खबरें सामने आई हैं जहां मंदिरों पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाएं हो रही हैं। यह बेहद चिंताजनक है और समाज में तनाव बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ इस तरह की हरकतें गलत हैं भीमवादियों और मुसलमानों में क्या अंतर है ये देश में अराजकता फैला रहे है और सरकार इनको खाद पानी देकर इन गुंडों को पाल रही है और मजबूत कर रही है ताकि देश में इस्लामीकरण आसानी से हो जाए
बच्चों को भी बचपन से ही आपसी सम्मान, सहिष्णुता शिक्षा देना बेहद जरूरी है। प्रशासन से भी उम्मीद है कि वह ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
#Brahman_Identity_Protection_Act
हिन्दी

सबसे बड़ी बात की ये सब बाकायदा पुलिस की देखरेख में हो रहा है ।
Riya_Singh_Bhumihar 🚩🌿✨@kalyani_0011
क्या सभी सवार्ण समाज ने चूड़ियां पहन रखी है😡 भीड़ की हिंसा कभी न्याय नहीं हो सकती।पुलिस के सामने मॉब लिंचिंग करते और खुद को सोसित बताते ये लोग जो खुद को पीड़ित बताते हैं, ये नीले कबूतर को जब तक सजा नहीं मिले rt रुकनी नहीं चाहिए ✊
हिन्दी

@TripathiTi4072 आज के परिवेश में 80% बर्बाद कर चुके हैं ।
हिन्दी

आज जो तस्वीरें वीडियो देश के अलग-अलग कोनों से निकलकर सामने आ रही हैं, उन्हें देखकर रूह कांप जाती है। लखीमपुर खीरी से आगरा से लेकर मध्य प्रदेश के सीधी और रीवा तक, अराजकता का जो तांडव मचा है, उसने सभ्य समाज के माथे पर कलंक लगा दिया है।
आतंक जैसा मंजर: वर्दी पर हमला, थानों में आगजनी
सीधी के अमिलिया थाने का वह दृश्य देखिए—हाथों में लाठी-डंडे, सिर पर नीला गमछा और जुबान पर कानून को चुनौती देते नारे। पुलिस की गाड़ियां धू-धू कर जल रही हैं, थाने के भीतर घुसकर पत्थरबाजी हो रही है। इन दृश्यों को देखकर भ्रम होता है कि ये भारत की धरती है या पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश का कोई तालिबानी इलाका? जब रक्षक ही जान बचाकर भाग रहे हों, तो समझ लीजिए कि सत्ता ने अराजकता के सामने घुटने टेक दिए हैं। क्या यह एक नए किस्म के आंतरिक आतंक।वाद की आहट है जिसे राजनीति की खाद-पानी से सींचा जा रहा है?
आस्था का अपमान और प्रशासन का मौन
आगर में अंबेडकर जयंती की रैली के नाम पर जो हुआ, वह केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि बहुसंख्यक समाज की आस्था पर सीधा प्रहार था।
भगवान परशुराम के नाम पर बने पवित्र स्थल और 'स्वास्तिक' के चिह्न पर जूते पहनकर चढ़ना, वहां झंडे लहराना—क्या यह किसी भी नजरिए से उचित है?
विडंबना देखिए, पुलिस प्रशासन डरा-सहमा कहता है 'सब ठीक है, कोई तोड़फोड़ नहीं हुई'। क्या पवित्र प्रतीकों का अपमान तोड़फोड़ से भी बड़ा अपराध नहीं है? स्थानीय लोग डरे हुए हैं और उपद्रवी 'मार-मार, पथरा मार' के नारों के साथ सड़कों पर तांडव कर रहे हैं।
सरकार का चश्मा: रक्षक खलनायक और भक्षक 'वंचित'?
विश्वगुरु बनने का सपना देखने वाली सरकार की नजर में शायद परिभाषाएं बदल गई हैं।
सामान्य वर्ग: जिसने यूजीसी और आरक्षण के खिलाफ आजादी के बाद का सबसे अनुशासित और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। न पत्थर चले, न गाली-गलौज हुई, न ही किसी की संपत्ति को नुकसान पहुँचा। लेकिन सरकार की नजर में यह वर्ग 'शोषक' और 'खलनायक' है।
उपद्रवी तत्व: जो खुलेआम थानों में आग लगा रहे हैं, सड़कों पर दंगे फसाद कर रहे हैं, वे 'शोषित-वंचित' और सरकार के 'दुलारे' बने हुए हैं। उनके लिए योजनाओं की झड़ी लगी है, जातिवादी आरक्षण का दायरा बढ़ाया जा रहा है और उनके अपराधों पर 'रौलट एक्ट' जैसा कोई डर भी काम नहीं करता।
गृहयुद्ध की ओर बढ़ता कदम
सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग शायद यह नहीं देख पा रहे कि तुष्टीकरण की यह नीति देश को गृहयुद्ध (Civil War) की तरफ धकेल रही है। एक तरफा अपराधी घोषित करने की होड़ और वोट बैंक के लिए अपराधियों को खुला छोड़ने का नतीजा देश भुगत रहा है। पुलिस असहाय है, कानून मौन है और आम नागरिक डरा हुआ है।
क्या यही वह 'नया भारत' है जहाँ गुंडागर्दी को सामाजिक न्याय का नाम दिया जाएगा? अगर आज इन उपद्रवियों पर लगाम नहीं कसी गई, तो कल किसी के पास पछताने का भी समय नहीं बचेगा। @narendramodi @AmitShah
@priti134 @AJAYKUM95107739 @BHRGUVANSHIY @neetusi86329772
#Brahman_Identity_Protection_Act

हिन्दी
Dr A K Pandey (Adv)🇮🇳✒️⚔️ retweetledi












