In a quiet forest, Jagannath, Balabhadra, and Subhadra playfully peeped from a wooden doorway of their forest home. Seeing a lost devotee wandering in fear, they smiled gently. The devotee felt an instant calm, as if the forest itself whispered, “You are protected.” What seemed like a simple glance was their divine way of guiding him back to the right path.
Sanskrit verse :
“त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥”
Meaning :
You alone are my mother, father, friend, and guide—
You are everything to me, O Divine.
"जहाँ प्रेम हो निःस्वार्थ, वहीं बसते हैं राधे-कृष्ण 🌸🦚"
झूले पर बैठे हैं वो दो,
जिनका प्रेम अमर है...
राधा का समर्पण, कान्हा का स्नेह —
यही तो असली प्रेम है 💛
जय श्री राधे कृष्ण🌺🌻💚
🌞 **जय श्री सूर्य देव** 🌞
सात घोड़ों के रथ पर विराजमान,
प्रकाश और ऊर्जा के स्रोत,
हे सूर्य देव!
आपकी किरणों से ही जीवन में उजाला है,
आपसे ही हर दिन की नई शुरुआत है।
आपकी कृपा से अज्ञान का अंधकार मिटे,
और हमारे जीवन में ज्ञान, स्वास्थ्य और सफलता का प्रकाश फैले।
🙏 **ॐ सूर्याय नमः** 🙏
प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी॥
प्रभु श्रीराम की कृपा आप पर और आपके परिवार पर बनी रहे।
🙏🚩जय श्री राम 🚩🙏