“मैं नेपाल की निंदा करता हूँ!
सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि हर भारतीय को नेपाल की निंदा करनी चाहिए!
सरकार को तुरंत नेपाल को कड़ी चेतावनी देनी चाहिए और ऐसे व्यवहार की सख्त आलोचना करनी चाहिए. जरूरत पड़े तो सेना को भी तैयार रहने के लिए कहा जाना चाहिए!
कर्नाटक का एक 35 साल का रैपर, जो स्ट्रक्चरल इंजीनियर बना, उसे आप काठमांडू का मेयर बना देते हैं और अब नेपाल का प्रधानमंत्री!
नेपाल, तुम कुछ भी कर देते हो! पिछले साल तुमने उस Gen Z ग्रुप को लाकर सरकार ही पलट दी.
नेपाल, तुम ऐसा क्यों करते हो?
तुम्हारी हरकतें हम भारतीयों को बहुत परेशान करती हैं; वाकई बहुत ज्यादा. हम नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं, लेकिन तुम हर दिन कुछ नया कर देते हो!
वो बालन शाह, जिसे बालेंद्र शाह भी कहा जाता है, नेपाल में एक नई सुबह लाने की कोशिश कर रहा है. वह लोगों से घुलता-मिलता है, काले चश्मे पहनता है, सेल्फी क्लिक करता है. अपनी पत्नी और बेटी को अपने साथ लेकर सम्मान और पहचान भी देता है!
वह प्राइवेट स्कूल और कॉलेज बंद कर रहा है, VIP कल्चर खत्म कर रहा है, और मंत्रियों को आम नागरिकों की तरह व्यवहार करना सिखा रहा है. वह पूरी तरह से युवा कैबिनेट बना रहा है.
ये क्या हो रहा है! क्या तुमने कभी सोचा है कि इसका तुम्हारे पड़ोसी भारत पर क्या असर पड़ेगा?
हमारे देश में राजनीति बुजुर्गों के दम पर चलती है. हम उसी पुरानी पीढ़ी को सत्ता में बनाए रखते हैं. वे अपने तंत्र को इसलिए सहजता से चलाते हैं क्योंकि वे युवाओं के दिमाग में नए विचारों को प्रवेश नहीं करने देते.
लेकिन तुम नेपाली लोगों ने पूरी तरह से पुरानी पीढ़ी, के.पी. शर्मा ओली, प्रचंड, शेर बहादुर देउबा को किनारे कर दिया है और अब नई, युवा, शिक्षित और विशेषज्ञ लोगों को कैबिनेट में ला रहे हो ! तुमने तो एक सरकारी अस्पताल में नर्स रही लड़की को देश का स्वास्थ्य मंत्री तक बना दिया.
कम से कम थोड़ा तो सोचो. मान लिया हमारे नेता मोटी चमड़ी वाले हैं. लेकिन अगर कल भारत के युवा मोबाइल से नजर उठाकर बगावत पर उतर आए तो हम क्या करेंगे?
जो नेपाली यहाँ रात में गश्त करते थे और “सलाम साब” कहते थे, वे अब इतनी बड़ी बौद्धिक क्रांति से गुजर चुके हैं.
हम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.”🎯
— प्रशांत बोराडे
#MindfulMonday
कौनसा वो मुसलमान है जिसने आपके आरक्षण का विरोध किया? कौनसा वो मुसलमान है जिसने यह कहा हो कि SC-ST के लोग हमारे बगल में बैठकर खाना नहीं खा सकते हैं? बताइए!
- संजय सिंह, राज्यसभा सांसद, AAP
कोई जन्म से नक्सली नहीं बनता,
बल्कि परिस्थितियां उसे नक्सली बनाती है।
जब जल, जंगल, जमीन छिन जाती है। जब रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती। जब शोषित, वंचित, असहाय लोग सिस्टम के शिकार होते हैं, तब नक्सलवाद पैदा होता है।
RJD सांसद @sanjuydv का राज्यसभा में दिया ये भाषण नहीं सुना तो क्या सुना,
संसद में शरद यादव, लालू यादव, रामविलास पासवान, मायावती नहीं हैँ तो क्या हुआ,
संजय यादव और @SanjayAzadSln जैसे नेता तो अभी भी हैँ,
जो जुल्म ज़्यादती के खिलाफ कभी चुप नहीं बैठेंगे,
F -35 को मार गिराने वाला दुनिया का पहला मुल्क बन गया है ईरान,
आज इतिहास में पहली बार कोई F -35 जंग में गिरा है,
एक F -35 फाइटर जेट 110 मिलियन डॉलर का आता है,
यानि की एक हज़ार करोड़ से भी ज्यादा की कीमत का,
*भारत गैस, इंडेन या HP, अगर डीलर नहीं दे रहा गैस तो इन नंबरों पर करें शिकायत*
*भारत गैस हेल्पलाइन नंबर*
1800-22-4344 (टोल फ्री)
*इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर*
1800-2333-555 (टोल फ्री)
*एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर*
1800-2333-555 (टोल फ्री)
*मोदी जी को कोई परेशान न करे* 👍🏻😂😂
नाबालिक लड़की से रेप के आरोप के मामले में बेल पर आसाराम राम मंदिर पहुंचा , मैं पूछना चाहता हूँ वो धर्म के पुजारी कहाँ है जो कहते है हिंदू राष्ट्र और सनातन उनके लिए सर्वोपरि है निक्कमों यह है सनातन
परिवार के लोग ही बेटियों से सेक्स वर्क करा रहे!
जवान लड़कियों का शरीर, 400-500 रुपये में बिक रहा
ये सब साल 2026 में हो रहा है!!
ये कैसी परंपरा है जिसे कोई सरकार, कोई NGO खत्म नहीं करा पाई ?
@Medhareports की ये बहुत जरूरी रिपोर्ट है
भारत का बड़ा मीडिया किसके हाथ में है? 🤯
Zee News — गोयनका परिवार
NDTV — Adani Group
Hindustan Times — बिरला परिवार
Sun News — Kalanithi Maran
News18 India — Reliance Industries
CNBC-TV18 — Reliance Industries
ET Now — साहू जैन परिवार
Times Now — साहू जैन परिवार
The Economic Times — साहू जैन परिवार
The Indian Express — गोयनका परिवार
Aaj Tak — पुरी परिवार
India Today — पुरी परिवार
Dainik Jagran — अग्रवाल परिवार
मीडिया सिर्फ खबर नहीं दिखाता,
कई बार वही तय करता है कि खबर बनेगी क्या। 📺🗞️
सोचिए… देश का नैरेटिव कौन तय कर रहा है? 🤔🔥
ये मूर्ख औरत कह रही है कि
ईरान ने तेहरान स्थित अमेरिकन एम्बेसी में
66 अमेरिकी लोगों को बंधक बना लिया है,
जबकि सच ये है कि
1980 के बाद से ही अमेरिका - ईरान के कूटनीतिक संबंध नहीं है,
और ना ही ईरान में अमेरिकी एम्बेसी है,
परले दर्जे की मूर्ख है
@chitraaum तो बहुत बुद्धिमान हैं इसके मुकाबले,