Aadil_Hashmi7806

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@hashmi7806

Nisar Teri Chehal Pehal Par Hazaron Eiden Rabiul Awal Siwae Iblees K Jahan Me Sabhi To Khushiyan Mana Rahe Hain Nareeeeeeeee RIsalat ya RASOOL ALLAHA

Katılım Aralık 2021
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Zeeshan Siddique
Zeeshan Siddique@zeeshanBabaS·
बुज़दिल डराया करते है अक्सर दिलेर को , धोखे से मार देते हैं गीदड़ भी शेर को
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INC NEWS
INC NEWS@TheIncNews·
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र जी ने बिलकुल सही प्रश्न उठाया है कि- जब दुर्गा विसर्जन के तय मार्ग में बदलाव किया गया तो प्रशासन कहाँ थी जब युवक दूसरे समुदाय के छत पर चढ़ कर उसके धार्मिक झंडे को उतार कर फार रहा था तब कहाँ था जब युवक को गोली लगी तब कहाँ था रीट्वीट रुकना नहीं चाहिए
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Priyanshu Kumar
Priyanshu Kumar@priyanshu__63·
क्या सच में मुसलमान देशद्रोही होता है?? गलत ❌ देशद्रोही तो वह शख्स है जो देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति या धर्म देखकर व्यवहार करता है। JAY HIND, JAY BHARAT 🇮🇳
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Supriya Shrinate
Supriya Shrinate@SupriyaShrinate·
वरिष्ठ पत्रकार निरंजन टकले को सुना जाए 👇 बाबा सिद्दीकी के हत्यारों ने 9mm की पिस्टल इस्तेमाल की, यह सिर्फ पुलिस और सेना के पास होती है लोगों को जो लाइसेंसी हथियार मिलता है वो .32mm की पिस्टल होती है हत्यारों को 9mm की पिस्टल किसने दी? इस सवाल से महाराष्ट्र सरकार बच नहीं सकती
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Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
गोडसे पूजन के लिए मशहूर सारे हैंडल, जमकर लारेंस विश्नोई की पूजा कर रहे हैं। लगता है, उन्हें मोदी के बाद कौन, का जवाब मिल गया है।
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Sachin Gupta
Sachin Gupta@Sachingupta·
गाजियाबाद, UP में घरेलू सहायिका रीना रसोई के बर्तन में टॉयलेट करती हुई पकड़ी गई। वो यूरिन वाले बर्तन में ही आटा गूंथकर पूरे परिवार को रोटियां खिलाती थी। पूरा परिवार बीमार रहता था। शक होने पर रसोई में मोबाइल फिट करके Video बनाई गई और रीना को रंगे हाथ पकड़ा गया। FIR हो गई है।
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Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
अगला विसर्जन जुलूस इस बस्ती के बीच से गुजारेंगे, और चीनी चादर मोद के नारे लगाते हुए, हर घर पे भगवा फहराएंगे। मुस्लिम बस्तियों में, जागे हुए हिन्दू आजकल इसी की प्रेक्टिस कर रहे हैं। ट्रस्ट मि... 💪❤️
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Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
क्या "उनके" इलाके से शोभायात्रा निकालना गलत है? क्या वे हिन्दू इलाको से ताजिये के जुलूस नहीं निकालते? क्रिश्चियन, बौद्ध, जैन को दिक्कत नही। मुसलमानों को क्यो है? हिन्दू अपने देश में डरकर रहे, क्या यही सेकुलरिज्म है? ●● ऐसे सवाल, तोहमतें है। जवाब सिलसिलेवार समझ लें। मुस्लिमो को आपने टेरराइज कर रखा है। डरा हुआ व्यक्ति, रस्सी को भी सांप समझ लेता है। फिर तो जो लोग शरारतन उनके इलाके में नग्नोत्सव मनाते हुए घुसते है, असल में साँप ही है। क्योकि इनके इरादों पर किसी को शक नही पूरा विश्वास है। ये लोग उनकी मान, मर्यादा, भावनाओ और सुरक्षा को ठेस पहुचाने के इरादे से ही वहां से जुलूस निकाल रहे है। ●● और अपने बाल बच्चो के पास लहराता सांप देखकर आप पूछते नही की- भैया, जहरीले हो, या मासूम वाले.. उस सांप को मरना ही है। ●● किसी भी जुलूस का रूट प्रशासन को तय करना है। एप्रूवल लिए बगैर, जुलूस निकलना गलत है, संवेदनशील रुट से एप्रूवल दिया गया, तो प्रशासन की भी मिलीभगत है। क्योकि उसका काम किसी समस्या से निपटना कम, समस्या को पैदा नही होने देना ज्यादा है। तो कौन मूर्ख अफसर है, जो शोहदों का जुलूस ऐसे इलाके से जाने दे, जहां की हरकतों से दंगा भड़कने के पूरे चांस हो? अब या तो अफसरों को नौकरी की परवाह नही, या फिर उन्हें ऊपर से आदेश है। याने खेला कोई और कर रहा है। तो सोचो, पत्थर किसने फ़ेंकवाये होंगे? ●● ताजिये बिल्कुल निकलते है, हिन्दू इलाको से निकलते हैं। पर किसी मंदिर पर चढ़, भगवा उखाड़ कर, हरा झंडा लगाते नही देखा। अगर करे, तो यह क्लियर प्रोवोकेशन है। असामाजिक गतिविधि है, गुंडई है। किसी का आजाद अधिकार नही। अगर कोई ऐसा करे, और मारा जाए- तो कतई सहानुभूति नहीं। अब वह झंडा किसी भी हिन्दू धर्म का उखाड़ रहा हो, या इस्लाम का। पुलिस की गोली से मरे या अपोजिट दंगाई की गोली से.. देश हित मे उसे जल्द मरने दो। ●● क्रिश्चियन को भी दिक्कत है, जहां जहां उन्हें टारगेट किया गया है। मणिपुर देख लो। बौद्धों, जैनों को टारगेट किया जाने लगेगा, तो उन्हें भी दिक्कत होगी। वे भी हर रस्सी को सांप, और सांप को एनाकोंडा समझेंगे। यह होस्टाइल एटमॉस्फियर में रहने वाले की साइकी है। आप तो लठमार संघी बने, लेकिन वह गांधीवादी हो जाये, आपके तय करने की चीज नही। वो कुछ और हो सकता है। डू एट योर ओन रिस्क। ●● मेरा सेकुलरिज्म यह कहता है कि ऐसे तमाम जुलूस बन्द होने चाहिए। ताजिये, नमाज, पंडाल, विसर्जन, परकास पर्व, सब बन्द करो। नोच डालो लाउडस्पीकर, मन्दिरो, मस्जिदों, गुरुद्वारों से। अपना उत्सव अपने घर मे मनाओ, या धार्मिक स्थल की चारदीवारियों में। शान्ति से -बिना शोर, नाच, हथियार, भीड़ के बगैर। बाहर आये तो हंटर पड़ें। धर्म, शौच निजी चीज है। निर्धारित जगह पे करें। घूम घूमकर करेंगे तो गंदगी, बीमारी और अश्लीलता फैलेगी। सड़क पर तो कतई इजाजत न हो। सड़क चलने के लिए है। सिर्फ चलने के लिए।। ●● सवाल यह भी की कोई इलाका "उनका" कैसे है? इसलिए कि आपने उन्हें हर कालोनी, हर मोहल्ले से भगा दिया है। उन्हें एक दड़बे, एक घेट्टो, एक बाड़े में तो कैद कर दिया है। अब उस बाड़े में चैन से जीने दो। वहां भी क्यो घुसना चाहते हो। मुर्गियों को दड़बे में बंद कर दिया, इतनी विजय से संतोष नहीं। दड़बे में भी घुसकर कौन सोता है जनाब?? तो वह "उनका इलाका" है। ग्रांट करो, शांति उसी में है। ●● हां, यह अफसोसनाक है। इसका इलाका- उसका इलाका नही होना चाहिए। सबको सर्व धर्म समभाव से रहना चाहिए। लाउडस्पीकर भी एलाउ हो, जुलूस भी। पर इसका डेकोरम मेंटेंन करने का शऊर नही, तो बन्द करना श्रेयस्कर है। ●● वरना याद रखें, सहने की सीमा होती है। तब तक, जब तक जान माल और मान गए नही, बस जाने का डर बना हो। पर जब बाल बच्चे, जानोमाल जाना तय ही लगने लगे, तो दुनिया की कोई कौम-वह हिन्दू हो, मुस्लिम हो, क्रिश्चियन, कम्बाला बुन्तु या शिंतो हो, कमिकाजे बन जाता है। और जो मरने की ठान ले, उसका कुछ नही जाता, बस जान जाती है। लेकिन उसके परिवेश के चीथड़े उड़ जाते हैं। ●● वो परिवेश, आपका मेरा घर है। हमारे बच्चे, दोस्त, घर, गांव, शहर देश है। जब देश टूटेगा, तो दस पांच नए प्रधानमंत्री की कुर्सी बनेगी। नेताओ का लाभ है, आपको कुछ नही मिलेगा। बस, आगे दो पीढियां फिर शांत बैठेंगी, जैसे देश तोड़वाने वालो की पिछली दो पीढियां शांत बैठी। ●● फिर आपके जैसी एक नई मूर्ख पीढ़ी आएगी। जो पूछेगी क्या "उनके" इलाके से शोभायात्रा निकालना गलत है? क्या वे हिन्दू इलाको से ताजिये के जुलूस नहीं निकालते? क्रिश्चियन, बौद्ध, जैन को दिक्कत नही। मुसलमानों को क्यो है? हिन्दू अपने देश में डरकर रहे, क्या यही सेकुलरिज्म है?
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Sachin Gupta
Sachin Gupta@Sachingupta·
''पूरा घर जला हुआ है। बच्चों को भी फूंक देते। हम लोगों की कोई गलती नहीं है। उनसे हमारा कोई संबंध नहीं है। बस मुसलमान हैं, ये लेना-देना है। कुछ नहीं रह गया, दुनिया जल गई हमारी। एक दिन का खाना तक नहीं छोड़े, वो भी जला दिया'' बहराइच, यूपी हिंसा पीड़ित की जुबानी... @ImAvdheshkumar
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BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما
BITTU SHARMA- ‏بٹو شرما@CommonBS786OM·
आज गोपाल मिश्रा की मौत का सुनकर बहुत बुरा लगा.. एक हँसता खेलता जीवन हिंसा की भेंट चढ़ गया... इस वीडियो को आज पोस्ट करना बनता है. कैसे सियासत SC ST, ओबीसी के बच्चों का उपयोग करती है.. कभी देखा है नेताओं के बच्चों को तलवार उठाते हुए?? सुनिए #Behraich
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Rapunzel
Rapunzel@_DilS3Rahul_·
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील को सुनिए बहुत ही अच्छा बोला है "बुलडोजर तो उनके घर पर चलना चाहिए जिन्होंने किसी के घर में घुसकर झंडा उतार है। सब कुछ प्रशासन की मर्जी से हुआ है।"
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Suraj G Naik
Suraj G Naik@yoursurajnaik·
लॉरेंस बिश्नोई किसके हाथों की कठपुतली है❓ क्या यह सच है ❓
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Amit Yadav (Journalist)
Amit Yadav (Journalist)@amityadavbharat·
शुक्ला जी को रोजगार नहीं हिंदू राष्ट्र चाहिए... सोचिए कितनी नफरत भर चुकी है समाज में...
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Ajit Singh Rathi
Ajit Singh Rathi@AjitSinghRathi·
घटना बीती रात की है। रामलीला मंचन के दौरान हरिद्वार जेल से दो कैदी फ़रार हो गए। इधर माता सीता की खोज हो रही थी उधर दो वानर रूपी कैदी दीवार फाँद कर भाग निकले। सब रामलीला मंचन के दृश्यों में डूब थे और ये दोनों सीढ़ी लगाकर दीवार लांघ गए। फ़रार हुए दोनों क़ैदी जघन्य अपराधों के दोषी है। प्रदेश की जेलों से 500 से ज़्यादा क़ैदी पहले ही फ़रार है दो और निकल लिए। तलाश जारी है। @pushkardhami
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Gaurav Shyama Pandey
Gaurav Shyama Pandey@Gauraw2297·
हरिद्वार जेल में रामलीला हो रही थी. माता सीता की खोज में निकले दो वानर वापस ही नहीं लौटे. खोजबीन शुरू हुई तो पता चला दोनों बाउंड्री फांद कर फरार हो लिए. एक हत्या और दूसरा अपहरण के मामले में बंद था. अब उनकी तलाश हो रही.
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Aadil_Hashmi7806@hashmi7806·
@ChandanSharmaG का नया बाप लॉरेंस बिश्नोई कितने लोग सहमत है।
Chandan Sharma@ChandanSharmaG

लॉरेंस विश्नोई का जलवा है 🔥 सलमान खान की मुंह बोली बहन राखी सावंत अब #LawrenceBishnoi से डरकर पूरे विश्नोई समाज से माफी मांग रही है। लॉरेंस बिश्नोई तो फालतू में बदनाम है, वह तो साबरमती जेल में बंद है और एक व्यक्ति जेल में बंद होकर क्या कर सकता है? लेकिन डर अच्छा है काले हिरण का शिकार करने से पहले सलमान खान को एक बार सोचना चाहिए था

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Inspiretrail
Inspiretrail@_inspiretrail_·
___आज सुप्रीम कोर्ट में ,, मुफ़्ती सलमान अज़हरी साहब का ज़मानत पर सुनवाई है। खुसूसी दुआ ज़रूर करे ❤️!! #ReleaseSalmanAzhari
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Chandra Shekhar Aazad
Chandra Shekhar Aazad@BhimArmyChief·
भाजपा शासित महाराष्ट्र और हरियाणा में बीते 24 घंटे में मॉब लिंचिंग की दो वारदात हुई हैं। महाराष्ट्र में ट्रेन में सफर कर रहे हाजी अशरफ पर गौमांस ले जाने का आरोप लगाकर जानवरों की तरह पीटा गया, शुक्र है उनकी जान बच गई। हरियाणा के चरखी दादरी में बंगाल के मजदूर साबिर मलिक को सिर्फ संदेह में तथाकथित गौरक्षकों ने पीट-पीट कर मार डाला। दोनों ही घटनाएं असहनीय और अस्वीकार्य है। मॉब लिंचिंग की इन वारदातों के ख़िलाफ सरकारें सख्त नहीं हो रही हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर कब तक हमारे लोगों को "मॉब लिंचिंग" के नाम पर यूं ही बेरहमी से कत्ल किया जाता रहेगा? मॉब लिंचिंग करने वालों को मृत्यू दंड दिया जाना चाहिए, वरना मॉब लिंचिंग की ये घटनाएं होती रहेंगी। मैं सम्बन्धित राज्य सरकारों से मांग करता हूं मॉब लिंचिंग में जान गंवाने वाले मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपया बतौर मुआवज़ा दिया जाए और मुआवज़े की ये रक़म मॉब लिंचिंग करने वालों से वसूली जाए। ताकि पता चले कि हमारे लोगों की जान, उनका लहू इतना सस्ता नहीं है कि उसे यूं ही बहा दिया जाए। सरकार या तो इन घटनाओं पर पूर्ण विराम लगा ले, वरना मैं पूरे देश में आंदोलन करूंगा।
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