
Isht Deo Sankrityaayan
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Isht Deo Sankrityaayan
@idsankrityaayan
Just a man of letters; having two restless legs... Thoughts personal. Retweet ain't endorsement.
















कभी सोचिएगा की यह कौन सी मिट्टी से बने हुए लोग हैं । इनके अपने,बेहद क़रीबी, बहुत सगे बनने वाले इन्हें धोखा देकर निकल जाते हैं । जिनपर इनके हज़ारहाँ एहसान हों,वह इन्हें पीठ दिखाकर चले जाते हैं । यह अपना सियासी सफ़र साफ़ सुथरा शुरू करते हैं, तो लोग चाहते हैं यह थोड़ा मक्कार क्यों नही बन जाते । जब यह अपनी मिट्टी को आगे बढ़कर दुनिया से मुकाबला करने वाला सपना लेकर खड़े होते हैं, तो इनसे कहा जाता है वह पिछली तिकड़म भरी सियासत क्यों नही करते । जब यह युवाओं में नौकरी और तरक्की का जज़्बा पैदा करते हैं, तो इनसे कहा जाता है कि विभिन्न खाँचो में बाँटने की बात क्यों नही करते । आख़िर यह क्यों होता है कि जो हमारी बेहतरी के लिए सपने सँजोता है, हम उसकी आँखों से सपना तो छोड़िए,उसकी आंखें ही नोच लेने पर आमादा हो जाते हैं । आप तीनों को देखिये,यह बेहद सौम्यता से उस आदमी को भी मनाते हैं, जो इनके ख़िलाफ़ होते हैं । यह सहजता से उनकी तमाम मांगो को पूरा करते हैं । जो इन्हें छोड़कर जाता है, वह उल्टे इन्ही पर इल्ज़ाम धरता है कि इनसे बात नही हो पाई । यह एरोगेंट हैं । यह परिपक्व नही हैं । यह नौसिखिया हैं । यह गम्भीर नही हैं । हर जाने वाला इनपर एक लेबल चिपका के चला जाता है, कभी उससे क्यों नही पूछते की जब तुम्हारे जैसों को यह पलकों पर लिए घूम रहे थे,तब तो तुम्हे यह कमी नही दिखी । यह रोज़ भागते हुए चवन्नी छाप लोग, इनसे पूछते हैं कि यह गम्भीर नही हैं । मुझे खुशी है कि यह तीनों आजकी तारीख़ में अपनी बुनियादी सोच के साथ खड़े हैं । यह दुनिया भर का ज़ुल्म सह रहे हैं मगर टस से मस नही हो रहे हैं । चलिए मानते हैं कि इनके पास आज हुक़ूमत बनाने की गिनती पूरी नही है मगर यह पीठ दिखाकर भाग तो नही रहे हैं । अहंकार के चाबुक के सामने सर तो नही झुका रहे हैं । यह तीनों अपने अपने तरीकों से लड़ रहे हैं । यह मुकाबला कर रहें हैं बिना रीढ़ गवाए,तो क्या हम इनकीं इज़्ज़त न करें । मेरी नज़र में इन तीनों की बहुत अहमियत है । मैं ख़ुद को इन तीनो से जोड़ता हूँ । तीनो अपनी अपनी मिट्टी और जुझारू युवाओं की टीम के साथ हर बार खड़े होते हैं । इनकीं पीठों पर इनके करीबियों के ख़ंजर के घाव हैं, फिर भी यह हर बार मुस्कुराते हुए खड़े होते हैं । अपने लोगों में हौंसला भरते हैं । वह हुक़ूमत,जो हर एक को झुका लेने का अहंकार भरती हैं, इनके सामने तड़प कर रह जाती है । अहंकार से भरा एक बूढ़ा हुक्मरान इनपर हर तरह से वार करता है, धन से,बल से,छल से,प्रपंच से,मगर यह फिर भी झुकते नही हैं । वह बूढ़ा इन्हें प्रलोभन देता है मगर यह डिगते नही हैं । वह इन्हें बदनाम करता है, मगर यह घबराते नही हैं । वह इनकी माली इमदाद पहरे बैठा देता है, फिर भी यह हंसते हुए कहते हैं कि हम।खाली जेब से भी लड़ लेंगे,हमारे पुरखों ने भी लड़ा था । मैं इन तीनों को देखता हूँ और सोचता हूँ कि यह किस मिट्टी के बने हैं । इन्होंने जिन्हें अपना करीबी समझा,अपना बुज़ुर्ग समझ इज़्ज़त दी,अपना युवा दोस्त समझ,साथ बैठाया,लोगों पर भरोसा किया । उनमें से ज़्यादातर धोखा दे गए । लोग धोखा देने वालों से नही पूछते । लोग भागने-पलटने वालों से सवाल नही करते । लोग इनसे पूछते हैं कि भाई,तुम क्यों नही रोक पाए । लोग इस क़दर निचली सोच के हो गए हैं कि अच्छाई को बुरी नज़र से देखने लगे हैं । मैं हज़ारों लोगों को जानता हूँ,जिनकी ज़िन्दगी इन लोगों ने आसान की है । आज वह इनपर बरसते हैं । इनके ख़िलाफ़ अपनी ज़बान को खड़ा करते हैं । इनके दुश्मनों से मिलकर इन्हें खत्म करने के मंसूबे बनाते हैं मगर दोस्त यह जनता है, बहुत दिनों तक धोखेबाज़ों को दूध नही पिलाएगी । मेरी इन तीनो से बस एक ही अपेक्षा है । अपने आप पर भरोसा कीजिये,सिर्फ अपने आप पर । यह टिकानी वाले चलताऊ सहारों से खुद को आज़ाद कीजिये । आपकी अपनी बुनियादी सोच,उसपर चलने वाले कार्यकर्ता,उसको बढ़ाने वाले बुज़ुर्ग,काफ़ी हैं बदलाव के लिए,बस एक बार आप उन सबको लेकर,खड़े हो जाइये । आप तीनो पर्याप्त हैं किसी भी अहंकार को तोड़ने के लिए,आप तीनो में असीम सम्भावनाए हैं । आपके साथ एक बहुत बड़ा युवा वर्ग है, जो झूठ,प्रपंच,धोखेबाजी, गंदी सियासत से ऊब चुका है । वह एक साफ़ सुथरा भारत चाहता है, जहां न सड़क पर गंदगी हो और ना ही दिलों में,आप तीनो उसतक पहुँचिये,चीज़ें बदल जाएंगी । यह देश अभी भी सच्चे और दूरंदेशी नेतृत्व की कद्र करता है, बशर्ते उसे एहसास हो कि आपके पास बेहतर कल का सच्चा सपना है । आप तीनों जिसदिन हिंदी बेल्ट की पहचान बन जाएंगे,उस दिन यह हिंदी बेल्ट गर्व से चलेगी,सम्मान से आगे बढ़ेगी और पूरे भारत के साथ बोल उठेगी,हममें से कोई अलग नही है, कोई पीछे नही है, कोई नीचे नही है ।@kidwai_hafeez #hashtag #हैशटैग










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