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एक लड़का ट्रेन से सफर कर रहा था। तभी एक किन्नर डिब्बे में आई और यात्रियों से पैसे मांगने लगी।
जब लड़के से पैसे मांगे गए, तो उसने साफ कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं।
लड़के के बार-बार मना करने के बावजूद उससे ज़बरदस्ती की जाने लगी। यह देखकर पूरे डिब्बे का माहौल असहज हो गया।
मदद मांगना या पैसे मांगना गलत नहीं है लेकिन किसी की मर्जी के खिलाफ जाकर दबाव बनाना बिल्कुल गलत है।
इंसानियत की असली पहचान तब होती है जब उसमें सम्मान और समझदारी दोनों शामिल हों।
जरूरत है कि ऐसे मामलों पर रेलवे को ध्यान देना चाहिए ताकि हर यात्री सुरक्षित और सहज महसूस कर सके..!!


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