पिंकू शुक्ला
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सत्ता की ग़ुलामी करने वाला अच्छा मुसलमान कभी नहीं हो सकता। इस्लाम का मतलब सिर्फ़ अपनी इबादतों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करके, एक निजी लम्हे की नुमाइश करना नहीं है। इस्लाम का मतलब ढोंग नहीं,सच, ईमानदारी व दुनिया के सताये लगे लोगों के साथ खड़ा होना है। ज़ालिम के ज़ुल्म पर पर्दा डालकर मज़लूम की आवाज़ कुचलना दरअसल इस्लाम की रूह से ग़द्दारी है..


मिर्जापुर की एसपी अपर्णा कौशिक एक मामले पर प्रेस ब्रीफिंग कर रही थीं। उनका यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पड़ा तो लोग अजीब कमेंट करने लगे। मतलब एक IPS तक बॉडी शेमिंग का शिकार हो गईं। ये लोग यह तो दुस्साहसी हैं या फिर नादान। जिन्हें इतना तक नहीं पता कि एक गिरफ्तारी के बाद पूरा परिवार कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाते नजर आएगा।


अपराध क्या है? नाव में चिकन बिरयानी खाना या गंगा में हड्डी फेंकना? अब सवाल यह है कि यह अपराध कैसे है? अगर यह अपराध है तो फिर इसी गंगा में अस्थियां विसर्जित की जाती हैं! तब तो वो भी अपराध है? इसी गंगा के तट पर जगह-जगह शमशान घाट हैं, जली अधलजी लाशें उसमें बहा दी जाती हैं, तब तो वह भी अपराध है? इसी गंगा में जाने कितने ऐसे जीव हैं जो मांसाहारी हैं, तब उनका गंगा में रहना ही अपराध है? सरकार गंगा से उन तमाम जीवों को बाहर निकालेगी? अगर गंगा में हड्डियां फेंकने की वजह से इन युवकों को गिरफ्तार किया गया है तो फिर गंगा में गंदगी फेंकने वालो को भी गिरफ्तार किया जाए! या फिर गंगा नदी पर किसी एक धर्म विशेष के लोगों का ही अधिकार है ‘दूसरों’ का कोई अधिकार नहीं है? लेकिन यह कानून कब बना? इस देश की हर नदी चाहे गंगा हो या गोदावरी वह इस देश की संपदा है, इस देश की पब्लिक प्रॉपर्टी है। उस पर हर भारतीय का अधिकार है।









